Latest Updates
-
Akshaya Tritiya 2026 Upay: अक्षय तृतीया पर करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-संपत्ति में होगी वृद्धि -
World Liver Day 2026: हर साल 19 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है विश्व लिवर दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और थीम -
Nashik TCS Case: कौन है निदा खान? प्रेग्नेंसी के बीच गिरफ्तारी संभव या नहीं, जानें कानून क्या कहता है -
कश्मीर में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, क्या सच हुई बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? -
चेहरे से टैनिंग हटाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी दमकती त्वचा -
World Heritage Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व धरोहर दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
Aaj Ka Rashifal 18 April 2026: मिथुन, तुला और कुंभ के लिए आज बड़ा दिन, जानें मेष से मीन तक का हाल -
Akshaya Tritiya 2026 Daan: अक्षय तृतीया पर इन 5 चीजों का करें दान, कभी नहीं होगी अन्न और धन की कमी -
World Hemophilia Day 2026: हीमोफीलिया क्या है? जानें इस बीमारी के कारण, लक्षण और इलाज -
Shukra Gochar 2026: अक्षय तृतीया पर शुक्र का गोचर बदलेगा इन 4 राशियों का भाग्य, बाकी के लिए जानें उपाय
मलेरिया-डेंगू के अलावा मच्छर के काटने से हाथी जैसे फूल सकते हैं पांव, ये है हाथी पांव के लक्षण और इलाज
बारिश के मौसम में मच्छरों का काटने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरों से होने वाली बीमारियों के बारे में तो आप जानते होंगे। मच्छरों के काटने से सिर्फ ये ही नहीं एक और गंभीर बीमारी जिसके हो जाने पर आपके पांव हाथी की तरह सूजकर मोटे हो जाते हैं। जी हां, इस बीमारी लिम्फैटिक फाइलेरियासिस या एलिफेंटियासिस (Elephantiasis) या फाइलेरिया के नाम से भी जाना जाता है।
ये रोग काफी दर्दनाक होता है। इसमें मच्छर जहां काटता है मरीज का अंग फूलकर काफी हाथी के पांव के जितना मोटा हो जाता है। यही कारण है कि आम बोलचाल में इसे हाथी पांव की बीमारी भी कहते हैं। अगर समय पर हाथी पांव का इलाज न कराया जाए और इस बीमारी के वजह से विकलांगता का खतरा भी हो सकता है।

फाइलेरिया के लक्षण
फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पैरों में सूजन आ जाती है और पैर सूजकर हाथी के पैर जैसे मोटे हो जाते हैं। इसके अलावा अंडकोष (Testicles) में भी सूजन आ जाती है।
क्यों होता है फाइलेरिया?
चिकित्सकों की माने तो हाथी पांव, फाइलेरिया रोग क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर गंदगी वालों जगहों में सबसे अधिक पाया जाता है। जिससे यहां इस प्रकार के मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है।

फाइलेरिया से बचने के उपाय
- सोने के समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
- पीने के पानी को ढंक-कर रखे।
- आस-पास पानी जमा ना होने दें।
- जमा पानी में जले हुए तेल का छिड़काव करें।
- यह बीमारी मच्छर से होता है इसलिए ध्यान रहें आस-पास गंदगी न हो।
- मच्छरों के प्रकोप से ही यह बीमारी तेजी से क्षेत्र में बढ़ रही हे।
हाथी पांव का इलाज और रोकथाम
डॉक्टर के मुताबिक, हाथी पांव में इंफेक्शन के पहले स्टेज पर ही अगर पहचान हो जाए तो उसका इलाज हो सकता है और इसे रोका जा सकता है। शुरुआत में लक्षणों की पहचान कर इसके चक्र को ब्रेक कर दिया जाता है, जिससे परजीवी मच्छर आगे न बढ़ने पाएं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुतबिक, इस बीमारी को रोकने के लिए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) जैसे कई मेडिकल इलाज पर काम चल रहा है। इसके लिए दवाईयां बांटी जा रही हैं। गर्भवती महिलाएं और दो साल से कम उम्र के बच्चों समेत सभी को ये दवाईयां दी जाती हैं
हाथी पांव की क्या दवाईयां होती हैं
डॉक्टरों का मानना है कि हाथी पांव के खिलाफ डायथाइलकार्बामाजिन (DEC), एल्बेंडाजोल और इवरमेक्टिन जैसी दवाईयां ज्यादा सुरक्षित हैं। हालांकि, इनके कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल सकते हैं। बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी, रैशेज, खुजली और बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











