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कभी आपने सुना है जेली बेली कैंसर? इन लक्षणों से लगाएं इस 'दुर्लभ बीमारी' का पता
Jelly Belly Cancer: आपने ब्रेन कैंसर, ब्लड कैंसर और पेट के कैंसर के बारे में सुना होगा, लेकिन कभी आपने जेली बेली कैंसर के बारे में सुना है? तो बता दें कि यह कैंसर शरीर के लिए काफी घातक होता है। ये बीमारी ब्रिटेन में हर साल 215 लोगों को अपनी चपेट में ले रही है और मौत का कारण भी बन रही है।
जेली बेली कैंसर को स्यूडोमाइक्सोमा पेरिटोनी के नाम से भी जाना जाता है। ये एक तरह का ट्यूमर होता है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है और पेट और पेल्विस में एक जेली जैसा पदार्थ, जिसे म्यूसिन कहते हैं, को पैदा करने का कारण बनता है।

पेरिटोनियम कैंसर के नाम से भी जाना जाता है
मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, स्यूडोमाइक्सोमा पेरिटोनी यानी पीएमपी को एक दुर्लभ कैंसर माना जाता है। ये एक छोटे से पॉलीप के रूप में शरीर में पैदा होता है। फिर धीरे-धीरे अपेंडिक्स की वॉल के जरिए फैलता चला जाता है और अंत में एबडोमिनल कैविटी की वॉल में कैंसर सेल्स को रखता है। इसे पेरिटोनियम के नाम से भी जाना जाता है। ये कैंसर सेल्स म्यूकस प्रॉड्यूस करते हैं, जो पेट में जेली जैसे पदार्थ के रूप में जमा होते चले जाते हैं। इस जेली जैसे पदार्थ को म्यूसिन कहा जाता है।
PMP कैसे फैलता है?
स्यूडोमाइक्सोमा पेरिटोनी या PMP ब्लड या लिम्फेटिक सिस्टम के जरिए नहीं फैलता है। हालांकि यह पेट में रहता है और इसका आकार भी बढ़ता रहता है। इसकी वजह से सांस लेने में और चलने-फिरने में दिक्कत होती है। इसके अलावा, शरीर खाए गए भोजन को ठीक तरीके से अवशोषित भी नहीं कर पाता। पीएमपी बाकी टाइप के कैंसर की तरह बिल्कुल नहीं है। ये सिर्फ पेट के अंदर या फिर आसपास मौजूद अंगों में ही फैलता है।
PMP के लक्षण
जब PMP या जेली बेली कैंसर की शुरुआत में म्यूकस पैदा होने लगता है। ये म्यूकस ही पेट के अंदर धीरे धीरे जमा होता है, जिसके बाद इस घातक कैंसर की शुरुआत होने लगती है। म्यूकस आंत के साथ-साथ शरीर के बाकी अंगों पर प्रेशर डालने का काम करता है। कैंसर रिसर्च यूके की मानें तो पीएमपी के लक्षणों को कई बार लोग ओवेरियन कैंसर समझ लेते हैं। क्योंकि ओवरी कैंसर की वजह से भी पेट में सूजन होती है। यही नहीं, ओवेरियन कैंसर के कुछ सेल्स भी म्यूकस का प्रोडक्शन करते हैं।
कैसे लगाएं इस बीमारी का पता?
इस बीमारी का पता काफी मुश्किल से चलता है। क्योंकि शरीर में जल्दी कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। फिर भी कुछ लक्षण दिखाई देने पर आप तुरंत डॉक्टर से अपनी जांच करा सकते हैं, जैसे-
1. पेट या पैल्विक में दर्द होना
2. प्रेग्नेंट न हो पाना
3. पेट में सूजन होना
4. आंत्र की आदतों में बदलाव महसूस होना
5. हर्निया
6. भूख कम लगना
7. पेट भरा-भरा महसूस होना
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



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