Nirjala Ekadashi Vart Rules: निर्जला एकादशी व्रत में क्‍या खाना चाह‍िए और क्‍या नहीं?

Nirjala Ekadashi Vart Rules : ह‍िंदू धर्म में एकादशी व्रत का काफी महत्‍व होता है। माह में दो बार एकादशी व्रत आता है। हिंदू धर्म में सभी एकादशी में निर्जला एकादशी को श्रेष्ठ माना जाता है। इस बार निर्जला एकादशी का व्रत 18 जून को रखा जाएगा। माना जाता है ये व्रत रखने से पूरे सालभर का पुण्‍य म‍िलता है। इस व्रत को सफल बनाने के ल‍िए खानपान के नियम का ध्‍यान रखें।

एकादशी के दिन कुछ चीजों को खाने की साफ मनाही होती है। आइए जानते हैं इस व्रत के न‍ियमों के मुताबिक क्‍या खाना चाह‍िए और क्‍या नहीं?

Nirjala Ekadashi Vart Me Kya Khana Cahiye or Kya Nhi

ना खाएं चावल

निर्जला एकादशी का व्रत बिन जल के रखा जाता है लेकिन अगर आप निर्जला व्रत नहीं रख पा रहे हैं तो भी इस दिन गलती से परहेज करें। मान्‍यता के मुताबिक इस दिन चावल खाने से अगले जन्म में कीड़े मकोड़े के रूप में जन्म लेते हैं।

व्रत में क्या खा सकते हैं? (Ekadashi Vart me Kya Khana Cahiye )

- इस व्रत में एक समय फलाहारी भोजन ही किया जाता है।
- एकादशी व्रत फल खाना चाह‍िए।
- नमक, लाल मिर्च और अन्य मसाले नहीं खाने चाहिए।
- कुटू और सिंघाड़े का आटा का सेवन क‍िया जाता है।
- दूध-दही और फलों का प्रयोग इस व्रत में किया जाता है।
- एकादशी व्रत में सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है।
- एकादशी के फलाहार में सिर्फ घी का इस्‍तेमाल करें।

व्रत में क्या नहीं खाएं? (Ekadashi Vart Me Kya Nhi Khaye )

एकादशी का व्रत करने के बाद दूसरे दिन द्वादशी को व्रत छोड़ा जाता है। एकादशी के दिन चावल नहीं खाना चाह‍िए। इसके अलावा इन चीजों का भी परहेज करना चाह‍िए।

- लहसुन-प्याज और अन्य तरह की तामसिक चीजों से बचना चाहिए।
- किसी भी तरह का नशा न करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
चावल, गेहूं, दाल, और मसूर की दाल की मनाही होती है।
- शलजम, पालक, गोभी, गाजर और बैंगन की सब्‍ज‍ियां नहीं खाई जाती है।
- एकादशी के दिन प्रात: लकड़ी का दातुन न करें।
- मांस, मछली, और अंडे नहीं खाए जाते हैं।
- एकादशी व्रत में तेज मसाले नहीं खाए जाते हैं।
- एकादशी का उपवास रखने वालों को दशमी के दिन मांस, लहसुन, प्याज, मसूर की दाल का सेवन नहीं करना चाह‍िए।

एकादशी व्रत रखने के फायदे

एकादशी व्रत से धार्मिक पुण्‍यों के फायदे तो होते ही साथ ही इस व्रत को रखने से शरीर की शुद्धि होती है, शरीर से टॉक्सिन्‍स बाहर निकलते हैं। मन भी शांत होता है और शरीर के अंगों को भी राहत मिलती है।

इन बातों का ध्‍यान रखें

- निर्जला एकादशी ज्‍येष्‍ठ माह में आता है, इस समय गर्मी खूब पड़ती है। इसल‍िए कुछ बातों का ध्‍यान रखें।
- रसोई में या किसी गर्मी वाली जगह पर बहुत देर रहने से बचें।
- व्रत वाले दिन थकान वाला काम न करें।
- पंखे, कूलर या एसी में समय बिताए।
- उपवास रखने से एक दिन पहले जब शाम का भोजन खाएं तो खाने के कुछ समय बाद गुड़ जरूर खाएं। इससे आपका खाना आसानी से पचेगा और आपके शरीर में आयरन पहुंचेगा, जो अगले दिन आपको एनर्जी देने में मददगार होगा।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, June 17, 2024, 20:41 [IST]
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