ब्रेस्‍ट साइज को ऐसे कीजिये कम

कभी-कभी ऐसी महिलाएं जिनके ब्रेस्‍ट बड़े होते हैं, वे दूसरों के सामने बात करने में असहज और अजीब सा फील करती हैं। उनके लिये टाईट टी-शर्ट पहनना मानों एक ख्‍वाब सा बन गया हो और तो और हर ग्रुप में खुद को कटा सा महसूस करना उनके लिये आम बात हो जाती है। बड़े ब्रेस्‍ट साइज का कारण या तो मोटापे की वजह से होता है या फिर वंशानुगत। कभी-कभी शरीर में एस्‍ट्रोजन का लेवल हाई हो जाता है, तो भी ऐसी समस्‍या आ जाती है। लेकिन बस्‍ट साइज को कम करने के लिये कुछ सिंपल एक्‍सर्साइज है जिससे ब्रेस्‍ट का आकार कम हो जाता है, क्‍या है वो आइये जानते हैं।

 Breast Size

बस्‍ट साइज को कम करने के लिये व्‍यायाम

1. ब्रेस्‍ट बहुत सारे फैटी टिशू से बना हुआ होता है, जिसको कम करके आप अपने ब्रेस्‍ट साइज को कम कर सकती हैं। इसलिये कसरत करना बहुत आवश्‍यक है, इससे आप शरीर की वसा को घटा कर अपने ब्रेस्‍ट साइज को भी कम कर सकती हैं। आपको दौड़ने, साइकलिंग, सीढि़यां चढ़ने और स्‍विमिंग करने जैसी कैलोरी बर्न वाली एक्‍सर्साइज से जरुर लाभ होगा।

2. पुश अप एक्‍सर्साइज काफी प्रभावशाली व्‍यायाम है, जिससे सीने और कंधे की मासपेशियां मजबूत होती हैं और बस्‍ट साइज शेप में आ जाता है।

3. जमीन पर लेट जाएं और हाथों में डंबल ले लें। अब अपने हाथों को हवा में ऊपर और नीचे करें। इस ब्रेस्‍ट एक्‍सर्साइज से आपके ब्रेस्‍ट जरुर कम होंगे।

4. स्‍विमिंग एक प्रभावशाली कार्डियो एक्‍सर्साइज है, जिससे ब्रेस्‍ट साइज कम होता है। स्‍विमिंग के समय किये जाने वाले फ्रंट और बैक स्‍ट्रोक से चेस्‍ट और कंधे की मासपेशियों पर जोर पड़ता है, जिससे अपने आप ही ब्रेस्‍ट साइज कम होगा।

5. प्राकृतिक रुप से ब्रेस्‍ट कम करने के लिये जौगिंग भी एक अच्‍छी एक्‍सर्साइज होती है। रोजाना 20 से 30 मिनट तक के लिये जौगिंग करें जिससे आपके ब्रेस्‍ट सही शेप में आएं। लेकिन जौगिंग करते समय एक टाइट ब्रा का पहनना बहुत आवश्‍यक है।

6. चेस्‍ट फ्लाइ भी एक तरह का अच्‍छा व्‍यायाम होता है, जिसमें जमीन पर लेट कर हाथों में डंबबेल ले कर हाथों को एक साथ जोड़ कर फिर अलग करना होता है। जिस तरह तितली उड़ती है उसी तरह यह व्‍यायाम किया जाता है। इसको 5 बार करने के बाद दुबारा रिपीट करें।

7. ब्रेस्‍ट साइज को कम करने के लिये व्‍यायाम के अलावा भी खाने-पीने का बहुत ख्‍याल रखें। इसके अलावा अगर आप बिगनर हैं तो कभी भी स्‍ट्रेच से न शुरु करें। धीरे-धीरे अपने वर्कआउट का समय बढ़ाएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, May 15, 2012, 12:09 [IST]
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