शादी के बाद अचानक पीरियड की डेट में क्‍यूं हो जाता है चेंज?

Period Date Change After Marriage | शादी के बाद पीरियड्स डेट बदलने की ये है वजह | Boldsky

शादी के बाद न केवल सामाजिक पारिवारिक, मानसिक जिम्मेदारियां बदलती हैं, बल्कि सबसे ज्यादा बदलती है शरीरिक जिम्मेदारी। चाहे वो घर और बाहर के काम हों या फिर पति-पत्नी के शरीरिक संबन्ध। और कई बार कुछ जिम्मेदारियों के साथ कुछ घटनाएं होती हैं, जो हमें कभी खुश तो कभी परेशान कर देती हैं। अब जैसे शादी के बाद मां बनने की खुशी सातवें आसमान पर पहुंचा देता है तो वहीं इर्रेगुलर पीरियड जैसा बदलाव टेंशन और तकलीफ से मिला देता है।

हालांकि अनियमित पीरियड्स होना एक मेडिकल कारण है लेकिन शादी के बाद इस समस्या के कारण और उपाय की जानकारी होना जरूरी है जिससे इससे निजात पाया जा सके। शादी के बाद महिला के जीवन में आने वाले भावनात्मक और हार्मोनल बदलाव जिसमें कुछ अधिक चिंता की बात नहीं है अगर यह सामान्य तौर पर होता है तो पीरियड्स में होने वाला बदलाव एक तरह से संकेत होता है की मासिक धर्म को नियंत्रित करने वाले हारमोंस बैलेंस नहीं हैं।

 1. गर्भ निरोधक दवाएं खाना

1. गर्भ निरोधक दवाएं खाना

शादी के बाद सामान्यतः महिला गर्भनिरोधक उपायों का इस्तेमाल करती है और दवाइयां और अन्य मेडिकल साधन इस्तेमाल करती है जिसकी वजह से हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है और उसे सामान्य होने में वक़्त लगता है और यह भी आपकी पीरियड्स की अनियमितता, संख्या और अवधि को प्रभावित करता है। शादी के बाद परिवार नियोजन यानी फैमिली प्लांनिग करना और अनवांटेड प्रेगनेंसी से बचना बहुत जरूरी है पर इसके लिए पिल्स खाने के बजाय अन्य बचाव के तरीके अपनाएं।

 2. हार्मोनल बदलाव

2. हार्मोनल बदलाव

हॉर्मोनल चेंजेस शादी के बाद सामान्य है लेकिन समय पर डॉक्टर की राय नहीं लेने पर कई तरह की समस्याएं सामने आ सकती है जैसे कि गर्भाशय में गांठे होना और मासिक धर्म का अनियमित होना जिसकी वजह से गर्भ धारण करने में समस्या हो सकती है।

3. वजन में बदलाव

3. वजन में बदलाव

शादी के बाद वजन को लेकर भी समस्या हो सकती है और साथ ही कई कारणों से उत्पन हुई हार्मोनल अनियमितता की समस्या से निजात पाने में शरीर को समय लगता है और शरीर की यही प्रकिया आपके पीरियड्स की नियमितता को प्रभावित कर सकती है।

 4. स्ट्रेस

4. स्ट्रेस

ज्यादा और डिप्रेशन या थकान की वजह से भी मासिक धर्म के नियमित होने पर भी बुरा असर पड़ता है न केवल वो आपके मासिक धर्म के अनियमित होने के लिए जिम्मेदार है बल्कि साथ ही यह वजन बढ़ने जैसी समस्या से भी दो चार होना पड़ सकता है।

 5. अल्कोहल का सेवन

5. अल्कोहल का सेवन

अल्कोहल लेने और धुम्रपान से भी मासिक धर्मं अनियमित हो सकते है। दारू पल भर का नशा ही नहीं बल्कि गहराई से शरीर पर लंबे समय के लिए शरीर पर प्रभाव पड़ता है।

6. अनहेल्दी लाइफस्टाइल

6. अनहेल्दी लाइफस्टाइल

कई अनियमित पीरियड की प्रॉब्लम हमारी अनियमित और असंतुलित जीवनचर्या की वजह से होती है। शादी के बाद अनियमित और असंतुलित लाइफस्टाइल अपनाने वाली महिलाओं की तादाद ज्यादा है। सही समय पर खाना ना खाना और जब खाना तो उसमें ज्यादा फैट या टला भुना खाना।

7 बीमारी

7 बीमारी

कभी कभी बीमार होने की वजह से भी ओव्यूलेशन में देरी हो सकती है। तो अगली बार जब आपके पीरियड्स ना हो या देर से हों तो इस बात पर जरूर ध्यान दीजियेगा कि कहीं आप बिमारी तो नहीं थी।

8. आव्युलेट ना होना

8. आव्युलेट ना होना

नॉर्मल पीरियड्स में जब आप अंडे का उत्पादन होता है तब गर्भाशय की परत जिसे एंडोमेट्रियम कहा जाता है वो निकल जाती है। वहीँ जब ओव्यूलेशन के समय अंडे का उत्पादन नहीं होता है तब यह परत मोटी होती जाती है। और इसकी वजह से अधिक रक्तस्राव होता है। वही अगर आपके पीरियड्स हो रहें है और फिर कुछ महीनों के बाद होते हैं तब आप आव्युलेट नहीं करती हैं।

9. हो सकता है आप गर्भवती हो

9. हो सकता है आप गर्भवती हो

शादी के बाद अगर आपके पीरियड्स नहीं होते हैं तो इसकी वजह यह भी हो सकती है। पीरियड्स बंद होने के कुछ समय बाद भी कभी कभी आपको यह पता नहीं चल पता है कि आप गर्भवती हैं। इसीलिए पीरियड्स ना होने पर परेशान ना होएं। हो सकता है आपको आगे चल कर कोई खुशखबरी ही मिल जाए।

10. अत्यधिक व्यायाम

10. अत्यधिक व्यायाम

शादी के बाद अक्सर महिलाओं का वजन बढ़ जाता है, जिसे कम करने के चक्कर में वे ज्यादा व्यायाम करने लगती हैं। और जिससे आगे चल कर उनके पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।

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