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लेडीज अलर्ट! ब्लेडर कैंसर के ये लक्षण जरुर पता होने चाहिये आपको
महिलायें ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) या सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय का कैंसर) की तुलना में मूत्राशय के कैंसर पर अधिक ध्यान नहीं देती।
ब्लेडर का कैंसर तब होता है जब ब्लेडर की कोशिकाओं में परिवर्तन आता है और यह उस तरीके से काम नहीं करता जिस तरीके से इसे करना चाहिए।
ये परिवर्तन अक्सर होते हैं और आपको महसूस नहीं होते और हर बार ये कैंसर का कारण नहीं होते। इनमें से कुछ परिवर्तनों में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई), किडनी में स्टोन या छोटा ट्यूमर जैसे पेपिलोमा या फिब्रोमा शामिल है।
ये परिवर्तन वास्तव में ट्यूमर या कैंसर में बदल सकते हैं। ब्लेडर का कैंसर सामान्यत: यूरोथेलियम से प्रारंभ होता है जो ब्लेडर, यूरेटेर्स, यूरेथ्रा और रेनल पेल्विस तक जाता है।

ब्लेडर कैंसर: प्रकार
ब्लेडर कैंसर को वर्गीकृत करने के कई प्रकार हैं। हालाँकि सबसे महत्वपूर्ण तरीका इसे आक्रामक और गैर आक्रामक प्रकार में वर्गीकृत करना है। गैर आक्रामक कैंसर केवल यूरोथेलियम की कोशिकाओं में होता है और इसका इलाज संभव है। और आक्रामक ब्लेडर कैंसर तब होता है जब कैंसर ब्लेडर की दीवार की मांसपेशियों में फ़ैल जाता है।

ब्लेडर कैंसर: उपचार
ब्लेडर कैंसर का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि यह किस स्टेज (चरण) और श्रेणी का है। उपचार की प्राथमिक पद्धति में सर्जरी, इम्यूनोथेरेपी, कीमोथेरेपी और रेडियेशन उपलब्ध है। सर्जरी सबसे ख़राब हो सकती है क्योंकि इससे ट्यूमर के साथ साथ ब्लेडर का कुछ भाग भी निकल जाता है। चरम परिस्थियों में पूरे ब्लेडर को निकालना पड़ता है।

1. यूरिन में ब्लड आना:
यूरिन में खून या खून का थक्के आना जिसे हेमट्युरिया भी कहा जाता है, ब्लेडर कैंसर का सबसे प्रमुख लक्षण है। जिन लोगों को ब्लेडर का कैंसर होता है, ऐसे 10 में से 8 या 9 लोगों को हेमट्युरिया की समस्या होती है। सामान्यत: यह पीड़ादायक नहीं होता।

2. पेशाब के समय दर्द होना:
यह ब्लेडर कैंसर का सामान्य लक्षण है। पेशाब के समय होने वाले दर्द को डायसुरिया कहा जाता है। इसमें पेशाब करते समय बहुत तेज़ दर्द होता है। यह ब्लेडर के कैंसर की चेतावनी का लक्षण है जिसके बारे में महिलाओं को सचेत रहना चाहिए।

3. थोड़ी थोड़ी मात्रा में पेशाब आना:
यदि आपको ऐसा लगता है कि आपको थोड़ी थोड़ी देर में थोडा थोडा पेशाब आता है तो यह डॉक्टर को दिखाने का समय है। अक्सर पेशाब आना और थोड़ी थोड़ी मात्रा में आना ब्लेडर के कैंसर का लक्षण है।

4. अक्सर यूटीआई (मूत्रमार्ग का संक्रमण) होना:
यदि आपको लगातार यूटीआई की समस्या होती है तो यह केवल संक्रमण के कारण नहीं होता। गंभीर परिणामों से बचने के लिए जितना जल्दी हो इसकी जांच करवाएं।

5. दर्द:
यदि आपको लगता है कि आपकी पीठ में किडनी के पास में दर्द है तो यह चिंता का विषय है और आपको तुरंत इसका उपचार करवाना चाहिए।

6. पैर के निचले भागों में सूजन:
पैरों में कई कारणों से सूजन आ सकती है। परन्तु यदि यह सूजन कई दिनों तक रहती है तो आपको सावधानी बरतनी चाहिए। महिलाओं में ब्लेडर कैंसर का यह एक प्रमुख लक्षण है।

7. वज़न कम होना:
यह लक्ष्ण तब दिखाई देता है जब ब्लेडर का कैंसर अन्य भागों में फैलने लगता है। यदि वज़न लगातार कम होता रहता है तो यह चिंता का विषय हो सकता है।

8. हड्डियों में दर्द:
यदि आपको हड्डियों में या रेक्टल, एनल या श्रोणि के क्षेत्र में कोई दर्द होता है तो आपको बिना देर किये डॉक्टर को दिखाना चाहिए। आपको जितनी जल्दी संभव हो अपनी जांच करवानी चाहिए।

9. एनीमिया:
एनीमिया होने की संभावना बहुत अधिक होती है। ब्लेडर कैंसर के कारण अधिक रक्तस्त्राव या रक्त की हानि होने के कारण ऐसा होता है। कभी कभी ब्लेडर कैंसर के लक्षण ब्लेडर की स्थिति के समान ही होते हैं। अत: आपको इस बारे में सचेत रहना चाहिए और अपनी जांच करवानी चाहिए।

ब्लेडर कैंसर: इसे कैसे रोका जाए?
- इसका उपचार करने से आसान है कि इसे रोका जाए। जैसा कि आप जानते हैं कि उपचार करने से अच्छा है कि रोकथाम की जाए अत: आवश्यक है कि इस स्थिति से बचने के लिए अपने जीवन भर स्वस्थ जीवन शैली को अपनाया जाए।
- टॉक्सिंस के कारण भी ब्लेडर का कैंसर होने की संभावना होती है और ये टॉक्सिंस शरीर में और ब्लेडर में बन सकते हैं।
- इसमें पर्यावरण में उपस्थित केमिकल्स या टॉक्सिंस, रेडिएशन के संपर्क में आना, गंभीर ब्लेडर संक्रमण या जलन, वायु प्रदूषण, कीटनाशक तथा कुछ कैंसर और डाइबिटीज की दवाईयों के कारण भी हो सकता है।



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