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राम रहीम सिंह दुष्कर्म मामला : जानिए, रेप विक्टिम किन मानसिक स्थितियों का सामना करती हैं
गुरमीत राम रहीम को 15 साल पहले दो महिलाओं के साथ बलात्कार करने के लिए हाल ही में बीस साल की सजा सुनाई गई है महिलाओं, युवतियों और किशोरों को अपने माता-पिता द्वारा ही इन आश्रमों में उनकी मर्जी से भेजा जाता है। डेरा में बलात्कार की घटनाएं अक्सर सामने आती रहीं है पर बाबा के वर्चस्व के आगे किसी ने आजतक आवाज नहीं उठाई। ऐसे में दो साध्वियों ने हिम्मत दिखाकर बाबा के खिलाफ केस करके उसको जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

हालांकि जो उनके साथ हुआ उस अनुभव को शब्दों मे बयान करना मुमकिन नहीं हैं पर क्या आप ये जानते हैं कि बलात्कार से पीड़ित महिला मनोवैज्ञानिक, शारीरिक और दिमागी रूप से कितनी प्रभावित होती है।
इन आश्रमों में यौन उत्पीड़न गुरू के इशारे पर होते हैं और इन भगवानों की शक्ति हमेशा की तरह अछूती रहती है। इस आर्टिकल में हमने मनोवैज्ञानिक और स्वास्थ्य के नजरिए से बताने की कोशिश की है कि बलात्कार से पीडि़त महिलाओं को ये कुकर्म कितना झकझोर कर रख देता है। आइए जानते हैं....

डिप्रेशन
रेप जैसा भयानक कृत्य जिसके साथ होता है उसका अनुभव बयान करना मुमकिन नहीं है। पर वो इंसान कई तरह कि समस्याओं जैसे उदासी, निराशा की भावना, रोते रहना, भूख ना लगना और अपने आपको थका हुआ महसूस करता है और उसका वजन भी घटने लगता है।

खुद को असहाय समझने लगता है
रेप के शिकार शख्स के दिमाग में नकारात्मक विचारों का जन्म होने लगता है और वो खुद को अकेला समझता है और उसको लगता है कि अब वो समाज के काबिल नहीं है और वो खुद को दुनिया को की इस भीड़ में अकेला समझ लेता है।

यौन संक्रमित संक्रमण
यह बैक्टीरिया या वायरल संक्रमण के संचरण का मुख्य कारण होता है जो किसी भी प्रकार के यौन संपर्क के कारण किसी व्यक्ति से व्यक्ति के पास जाता है। यह पीड़ित पर बलात्कार के मुख्य शारीरिक प्रभावों में से एक माना जाता है।

भोजन विकार
यौन हिंसा कई मायनों में पीड़ित लोगों को प्रभावित कर सकती है, जिसमें शरीर की मानसिकता शामिल हैं। इससे वो व्यक्ति ठीक से खाना नहीं खाता है जिससे वो कई और समस्याओं से ग्रसित हो जाता है। यह एक बलात्कार पीड़ित के मुख्य मनोवैज्ञानिक प्रभावों में से एक है।

नींद विकार
यह यौन शोषण का एक बहुत ही आम पहलू है इससे पीड़ित व्यक्ति को नींद नहीं आती या तो वो बहुत कम समय के लिए सोता है या तो वो सोता ही रहता है। यह यौन संबंधी समस्याओं मे से एक समस्या है।

सुसाइड करने की कोशिश
रेप से पीड़ित व्यक्ति के अंदर जो सबसे बड़ी समस्या जन्म लेती है वो होती है सुसाइड। क्यूंकि कई केस में हमने देखा है कि रेप का शिकार व्यक्ति कई बार अपनी जिंदगी खत्म करने के बारे में सोचता है, और मौका मिलने पर वो ऐसे कदम उठाने से नहीं चूकता है।



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