Latest Updates
-
Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती -
कौन थे प्रतीक यादव? जानें अखिलेश यादव के भाई की कैसे हुई मौत, कितनी संपत्ति के मालिक थे, परिवार में कौन-कौन -
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने -
गर्मी में नहाने के बाद चेहरे पर क्या लगाएं? इन 4 चीजों को लगाने से दिनभर फ्रेश और ग्लोइंग नजर आएगी स्किन -
Apara Ekadashi 2026: क्या अपरा एकादशी वाले दिन बाल धो सकते हैं? व्रत से पहले जरूर जान लें ये नियम -
Coronavirus vs Hantavirus: दोनों में से कौन है ज्यादा खतरनाक? जानें लक्षण, बचाव और फैलने का तरीका
ये 5 आदतें महिलाओं की सेहत को पहुंचाती है नुकसान
वैसे तो महिलाओं की जिंदगी चुनौतियों से भरी होती है लेकिन रोज़मर्रा के कामकाज में भी उन्हें ऐसी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसे पुरुषों द्वारा समझ पाना ज़रा मुश्किल है।
हालांकि पुरुषों के लिये भी हर दिन आसान नहीं रहता लेकिन कम से कम पुरुषों को महिलाओं की तरह हर महीने मासिक धर्म (मेन्सट्रुएशन) से रूबरू नहीं होना पड़ता।
एक महिला होने का मतलब है कि आपसे कदम-कदम पर त्याग और समझौते की उम्मीद की जाएगी। महिलाओं को सौंदर्यता या खूबसूरती के मापदंडों से भी गुजरना पड़ता है और ऐसे कई रिवाज़ और प्रक्रियाएं होती हैं, जो सिर्फ खूबसूरत दिखने के लिये की जाती हैं। एक महिला होना शायद दुनिया का सबसे मुश्किल काम है।
हर किसी के लिये खुद को साफ-सुथरा रखना और सफाई पर ध्यान देना जरूरी है, जो कोई मुश्किल काम नहीं है लेकिन महिलाओं के मामले में इस काम को भी आसान नहीं कहा जा सकता। उदाहरण के लिये महिलाओं को अपने बाल धोने के लिये ना सिर्फ शैम्पू की जरूरत पड़ती है बल्कि कंडीशनर भी जरूरी है। उसी तरह चेहरे और बॉडी की देखभाल के लिये भी कई तरह के कॉस्मेटिक (सौंदर्य प्रसाधनों) की जरूरत होती है, जैसे क्लींजर, टोनर, मॉइस्चराइज़र, सनस्क्रीन, नाइट क्रीम, फेस सीरम, फेस पैक आदि।
महिलाओं के लिये उनके बॉडी के बाल भी किसी समस्या से कम नहीं है, जिसके चलते उन्हें समय-समय पर वैक्सिंग का दर्द झेलना पड़ता है। और ब्रा! जो समय के साथ ही अलग-अलग डिजाइन और स्टाइल (स्ट्रैप-लेस, अंडरवायर) में आने लगे हैं, जिसे हर वक्त पहने रहना निश्चित ही महिलाओं के लिये सहज नहीं होता।
बेशक महिलाएं मज़बूत होती हैं और दिक्कतों के बावजूद वे हमेशा अपने शरीर की अच्छी देखभाल करने के लिए नए और बेहतर तरीके की तलाश में रहती हैं। लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं जो आमतौर पर महिलाएं करती है, जो उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं। महिलाओं को इन 5 दैनिक आदतों से बचने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि ये उनके लिये नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।

1. माहवारी के दौरान पूरे दिन एक ही पैड का इस्तेमाल
महिलाओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो माहवारी के दौरान पूरे दिन एक ही पैड का इस्तेमाल ना करें क्योंकि इससे इंफेक्शन का खतरा रहता है। ऐसे समय में महिलाओं को अपनी साफ-सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए ताकि वो किसी भी तरह के संक्रमण से बची रहें।

2. वजाइना (जननांग) को साबुन से धोना
महिलाओं को बेशक अपने प्राइवेट पार्ट्स की सफाई का ध्यान रखना चाहिए लेकिन इसके लिये साबुन का इस्तेमाल बिल्कुल ना करें। साबुन में मौजूद केमिकल आपके वजाइना के pH लेवल को बिगाड़ सकता है, जिससे आपको खुजली और ड्राइनस जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिये बेहतर होगा कि आप शरीर के इस अंग की सफाई के लिये साबुन की जगह सिर्फ पानी का इस्तेमाल करें। साबुन, योनि में रहने वाले अच्छे बैक्टीरिया को भी नष्ट करने में प्रभावी होते हैं, जिससे बैक्टीरियल वैजिनोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

3. ब्रा पहन कर सोना
अक्सर कहा जाता है कि ब्रा नहीं पहनने से स्तनों में ढीलापन आ जाता है लेकिन यह सच नहीं है। वास्तव में, विज्ञान के अनुसार, सच इसके विपरीत है। फ्रांस के बेसनकॉन विश्वविद्यालय ने इसी विषय पर 15 साल तक एक अध्ययन किया, इस अध्ययन में 18 से 35 साल तक की महिलाओं को शामिल किया गया। इस अध्ययन से यह बात सामने आई कि 'ब्रा’ छाती की मांसपेशियों को कमजोर करती है, जिससे धीरे-धीरे स्तनों में ढीलापन आता है। अध्ययन के अनुसार ब्रा नहीं पहनने वाली महिलाओं के मुकाबले ब्रा पहनने वाली महिलाओं के स्तनों में ज्यादा ढीलापन दिखा इसलिये वास्तव में ब्रा की कोई खास आवश्यकता नहीं है लेकिन अगर आप बिना ब्रा के कंफर्टेब्ल नहीं है, और आपको हर वक्त ब्रा पहनने की आदत है तो कम से कम सोने के दौरान ब्रा पहनने से बचें।

4. स्किन पर सीधे डिओडोरेंट लगाना
शोध से पता चला है कि आमतौर पर लोग स्किन पर सीधे डिओडोरेंट का छिड़काव करते हैं। महिलाओं में भी यह आदत सामान्य है लेकिन इसे बदलने की ज़रुरत है क्योंकि इससे स्तन कैंसर का खतरा हो सकता है। डिओडोरेंट में खतरनाक केमिकल (एल्यूमिनियम, पाराबेन्स, फाथेलेट्स, और ट्राइक्लोसन) मौजूद होते हैं और सीधे स्कीन पर इसे लगाने से ये आपके रक्त प्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं। यह सच है कि दुर्गंध को दूर करने के लिये डिओडोरेंट की ज़रुरत होती है लेकिन बेहतर होगा कि आप इसे सीधे स्कीन पर स्प्रे करने के बजाए कपड़ों पर स्प्रे करें क्योंकि ऐसा करना आपके लिये सुरक्षित रहेगा।

5. बिना प्रोटेक्शन के सूर्य की रोशनी में जाना
सनस्क्रीन लगाना हम अक्सर भूल जाते हैं क्योंकि हमें लगता है कि बिना प्रोटेक्शन के भी सूर्य की रोशनी में जाना कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन ऐसा सोचना हमारी गलती है। सूर्य की तेज़ रोशनी हमारे स्कीन को नुकसान पहुंचाती है, यहां तक कि स्कीन कैंसर का भी खतरा रहता है। इसके अलावा बिना सनस्क्रीन के सूर्य के संपर्क में जाने से झुर्रियां और चेहरे पर उम्र का प्रभाव भी जल्दी दिखने लगता है। इसलिये अपनी त्वचा की बेहतरी और खूबसूरती के लिये सूर्य की रोशनी में सनस्क्रीन का इस्तेमाल आवश्यक है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications