यूटीआई से बचने के ल‍िए बहुत लोग ऐसे करते है टॉयलेट का यूज, जाने इससे क्‍या होगा?

जब आप कहीं बाहर रहती है और टॉयलेट आने पर आपके पास पब्लिक टॉयलेट का इस्‍तेमाल करने के अलावा कोई ऑप्‍शन नहीं होता है। लेकिन आप तब क्‍या करेंगी जब आपको बहुत जोर से पेशाब लगी हुई और टॉयलेट सीट बिल्‍कुल भी साफ नहीं है। ऐसे में ये आपके ल‍िए बहुत ही मुश्किलभरी स्थिति हो जाती है। ऐसी स्थिति में आप या तो अपने आसपास टिश्‍यू से लेकर कीटाणुनाशक ढूंढेंगी ताकि आप सीट को साफ करके बैठ सकें या आप मजबूरी में टॉयलेट सीट में इंफेक्‍शन की चिंता करते हुए बैठ जाएंगी।

इंफेक्‍शन के डर से स्क्वॉट पॉज‍िशन

इंफेक्‍शन के डर से स्क्वॉट पॉज‍िशन

आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसे कई लोग है जो बिना टॉयलेट सीट के कवर की सीट को टच किए भी पेशाब कर लेते है और उन्‍हें इंफेक्‍शन भी नहीं होता है। दरअसल कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो बिना किसी इंफेक्शन के डर के आराम से टॉयलेट सीट का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि उन्होंने टॉयलेट सीट पर मौजूद जर्म्स और बैक्टीरिया से निपटने का एक स्मार्ट तरीका खोज लिया है और क्या है वह तरीका? वह तरीका है स्क्वॉटिंग का।

जी हां, कुछ महिलाएं पब्लिक टॉयलेट यूज करते वक्‍त स्क्वॉट की पॉज‍िशन बना लेते है। ताकि उनका बट टॉयलेट सीट को टच न कर पाएं

डॉक्‍टर्स का मानना

डॉक्‍टर्स का मानना

हालांकि, हेल्‍थ एक्‍सपर्ट का कहना है कि टॉयलेट यूज करते वक्त सेमी-स्क्वॉटिंग करना आपकी सेहत के लिए हेल्दी नहीं होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप सेमी-स्क्वॉट करते हैं तो आपकी मांसपेशियां पूरी तरह से रिलैक्स नहीं हो पातीं और पेल्विक मसल्‍स अपने नैचुरल फॉर्म में नहीं आ पातीं है। सेमी-स्क्वॉट करने के दौरान आपका ब्लैडर पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता और कुछ यूरीन अंदर ही रह जाता है जिस वजह से आपको यूटीआई का खतरा ज्‍यादा बन जाता है।

टीशू पैपर और नैपकीन का करें इस्‍तेमाल

टीशू पैपर और नैपकीन का करें इस्‍तेमाल

वैसे हम आपको यहां एक और कारगर उपाय बताने जा रहे है जिससे आप आसानी से बिना कोई तकलीफ सहे यूआईटी से बच सकते है। आप जब भी बाहर जाए तो टॉयलेट पेपर जरुर साथ में रखें।

क्‍योंकि पब्लिक टॉयलेट यूज करने में आपको सहूल‍ियत रहेगी। इससे आपका ब्लैडर पर भी कोई जोखिम नहीं बढ़ेगा और आपको किसी तरह का इंफेक्शन भी न हो पाएगां।

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