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लंबे समय से आप प्लान कर रही हैं प्रेगनेंसी, ये योगासन कर सकते है आपकी मदद
कुछ महिलाएं आसानी से गर्भधारण कर लेती हैं, वहीं कुछ महिलाओं को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई तरह की प्लानिंग करने के बाद भी कई महिलाओं का मां बनने की राह में कोई ना कोई रोड़ा जरुर आ जाता है। अगर लाख कोशिश करने के बाद भी आप मां नहीं बन पा रही हैं तो आपको अंडाशय या ओवरी पर ध्यान देने की ज़रूरत है। ये नट के आकार वाली ऑर्गन ओवरी एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन का निष्कासन करते हैं। योगासन के मदद से अंडाशय का फंक्शन बेहतर तरीके से हो पाता है जिससे मां बनने का चांस बढ़ जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर हम आपको कुछ ऐसे योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनकी मदद से आपका मां बनने का सपना पूरा हो सकता है।

बद्धकोणासन (butterfly post)
इस आसन को करने से लोअर बैक और हिप्स दोनो में अच्छी तरह स्ट्रेच होता है जिससे स्ट्रेस, टेंशन कम हो पाता है और ओवरी में ब्लड का सर्कुलेशन बेहतर तरीके से हो पाता है।

भुजंगासन (Cobra Pose)
इस पोज़ से हिप स्ट्रेच्ड होता है और पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो अच्छी तरह से होने लगता है जिससे मां बनने का चांस कुछ हद तक बढ़ जाता है।

सेतुबंधासन (Bridge Pose)
सेतुबंध का अर्थ होता है पुल बनाना। इस आसन में शरीर की स्थिति एक पुल की तरह होती है। इस आसन को चतुष्पादासन भी कहते हैं। यह आपके पेट के अंदरूनी अंगों में खिंचाव लाकर पाचन क्रिया सुधारता है और कब्ज से मुक्ति दिलाता है। इस आसन से पेल्विक क्षेत्र ऊपर की ओर होने की वजह से गर्भाशय और अंडाशय में रक्त संचार अच्छे से हो पाता है।

मत्यासन (fish pose )
इस आसन का पूरा लाभ शरीर के प्रजनन तंत्र को मिलता है। इस आसन को करने से एक तो शरीर अच्छी तरह से स्ट्रेच्ड होता है ऊपर से एबडोमेन का ब्लड का सर्कुलेशन अच्छी तरह से हो पाता है।

राजकपोतासन (King Pigeon Pose)
अगर आप इस आसन का करते हैं तो इससे एनर्जी आपके बॉडी के निचले भाग में चला जाता है जिससे हिप्स, थाई और ग्लूट्स को ओपन करने में भी मदद मिलती है।

विपरीत वीरभद्रासन (Warrior pose )
इस आसन को करने से आपके बॉडी के इंटरनल ऑर्गन्स को मजबूती मिलने के साथ फिर से नवयौवन जैसी शक्ति मिल जाती है। शरीर में ब्लड का फ्लो अच्छी तरह से हो पाता है जिससे थकान कम होती है और मन भी शांत हो जाता है।

विपरीतकरणी (Legs Up The Wall)
इस आसन को करने से पेल्विस और ओवरी एरिया में ब्लड का सर्कुलेशन बेहतर तरीके से हो पाता है। इस आसन को करने से मन और शरीर शांत होने के साथ शरीर भी रिलैक्स हो जाता है।



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