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क्या है रेस्टोरेशन ऑफ वर्जिनिटी', क्यों बढ़ रहा है महिलाओं में इसका क्रेज
वर्जिनिटी या कुंवारापन ये ऐसे शब्द है जो महिलाओं के चरित्र पर सवालिए निशान खड़ा कर देते हैं, हमारे समाज में शादी से पहले संबंध बनाने को सही नहीं माना जाता हैं। आज भी कई समुदायों में प्रथा या रिवाज के नाम पर लड़कियों का वर्जिनिटी टेस्ट यानी कौमार्य परीक्षण किया जाता है। अगर जो लड़की इस टेस्ट में फेल हो जाएं तो उसे चरित्रहीन मान लिया जाता है।
ऐसा जरुरी नहीं है कि वो लड़कियों की वर्जनिटी शारीरिक संबंध बनाने से ही टूटती है, इसके पीछे कई और कारण भी होते हैं। लेकिन हमारे देश में सेक्स और पवित्रता को आपस में जोड़कर देखा जाता है। यही कारण है कि कई महिलाएं खुद के चरित्र पर उठने वाले सवालों से बचने के लिए वर्जनिटी रिस्टोर करने के लिए हाइमनोप्लास्टी सर्जरी का सहारा लेने लगी है। इसके लिए उन्हें सबसे पहले किसी अच्छी महिला डॉक्टर से मिलकर परामर्श करनी पड़ेगी। आइये और जानते हैं इसके बारे में...

क्यों पड़ती है जरूरत?
वे लड़कियां जो शादी से शारीरिक संबंध बना लेती है या फिर रेप जैसी घटनाओं की शिकार हुई महिलाएं इस सर्जरी का सहारा लेती हैं, क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि शादी होने पर यदि पति को पता लगेगा कि लड़की की वर्जिन नहीं है तो इससे उनके वैवाहिक जीवन पर असर पड़ सकता है।

सबसे पहले होती है जांच
इस सर्जरी को करवाने के लिए सबसे पहले महिला की जांच होगी जिससे पता चलेगा कि उस महिला की सर्जरी हो सकती है या नहीं। इस सर्जरी को प्लास्टिक सर्जरी करते हैं।

सिर्फ आधे घंटा में हो जाती है सर्जरी
इस सर्जरी में मात्र आधा घंटा लगता है, लेकिन इससे पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे जिसकी सर्जरी कर रहे हैं, वह पीरियड्स के दिनों में ना हो या फिर उसे किसी तरह का कोई इंफेक्शन ना हो। आधे घंटे की सर्जरी के बाद आधे से एक घंटे के लिए मरीज को अस्पताल में रखा जाता है। अगले दो दिनों तक मरीज हल्का-फुल्का काम कर सकता है। ऐसे भारी-भरकम काम नहीं करने के लिए कहा जाता है, जिससे सर्जरी को नुकसान पहुंचता है।

ऐसे होती है सर्जरी
इस तरह की सर्जरी में देखा जाता है कि योनि में कितना हाइमन रह गया है। अगर जरा सा भी हाइमन रह जाए तो उसे दोबारा से सिल दिया जाता है। इस सिलाई के दौरान जिस थ्रेड का प्रयोग करते हैं वह सर्जरी के कुछ ही दिनों में ऊतकों में ही घुल जाता है।

सर्जरी के चार हफ्ते तक नहीं बनाएं संबंध
यूं तो यह सर्जरी कभी भी करवाई जा सकती है, लेकिन डॉक्टर यही सलाह देते हैं कि शादी से चार हफ्ते पहले ही यह सर्जरी कराई जाए। ताकि
इन चार हफ्तों में रिकवरी हो जाए। इसलिए इस सर्जरी को करवाने के बाद महिलाओं को संबंध बनाने में 4-5 माह का समय लेना चाहिए।

बिना सेक्स के भी डैमेज हो जाती है मेंबरेन
अक्सर लोगों की यही अवधारणा है कि अगर किसी लड़की की मेंबरेन डैमेज है, तो वह सेक्सुअली एक्टिव रही है, लेकिन इस बारे में डॉक्टर्स की मानें तो, उन लड़कियों की मेंबरेन डैमेज होने का खतरा ज्यादा रहता है। दरअसल पैर स्ट्रेच करना, जंपिंग, हॉर्स राइडिंग, साइकलिंग या रेसिंग जैसी गतिविधियों से मेंबरेन डैमेज हो सकती है क्योंकि इसमें टांगों को काफी स्ट्रैच किया जाता है। पैरों और टांगों को स्ट्रैच करने की वजह से ही इसका खतरा बढ़ जाता है।

मिथक है ये मेंबरेन से संबंधित ये बात
कई लोगों का मानना है कि सेक्स करने से ही लड़की की मेंबरेन डैमेज होती है, एक्सपर्ट की मानें तो जो लड़कियां स्पोर्ट्स से ताल्लुक रखती हैं, उन लड़कियों की मेंबरेन डैमेज होने का खतरा ज्यादा रहता है। दरअसल पैर स्ट्रेच करना, जंपिंग, हॉर्स राइडिंग, साइकलिंग या रेसिंग जैसी गतिविधियों से मेंबरेन डैमेज हो सकती है क्योंकि इसमें टांगों को काफी स्ट्रैच किया जाता है। पैरों और टांगों को स्ट्रैच करने की वजह से ही मेंबरेन डैमेज हो जाता है इसलिए इसे कभी भी सेक्स से जोड़कर न देखें।



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