Latest Updates
-
Mothers Day Wishes For Sasu Maa: सास-बहू के रिश्ते में घोलें प्यार की मिठास, भेजें ये शुभकामना संदेश -
Mango Chutney Recipe: कच्चे आम की चटनी बनाने की सबसे आसान विधि, जो पेट को देगी ठंडक -
क्या आप भी पीले दांतों से शर्मिंदा हैं? रसोई में रखी ये 5 चीजें साफ कर देंगी सालों से जमी गंदगी -
शनि, राहु और मंगल की चाल बदलेगी बंगाल की सत्ता? आचार्य विनोद कुमार ओझा ने की हैरान करने वाली भविष्यवाणी -
मई के दूसरे रविवार को ही क्यों मनाया जाता है Mother's Day? जानें इसके पीछे की भावुक करने वाली कहानी -
Gond Katira: इन 3 लोगों को गलती से भी नहीं लेना चाहिए गौंद कतीरा? वरना अस्पताल जाना तय -
दिल्ली के विवेक विहार में फटा एसी, गई कई लोगों की जान, जानें AC में फटने व आग लगने के कारण -
World Laughter Day 2026 Jokes: टेंशन को कहें टाटा! अपनों को भेजें ये फनी जोक्स, नहीं रुकेगी हंसी -
Aaj Ka Rashifal, 3 May 2026: आज वृश्चिक और कुंभ राशि वालों की लगेगी लॉटरी! जानें अपना भाग्यफल -
Bael Ka Juice: भयंकर गर्मी और लू से बचाएगा बेल का जूस, नोट करें बनाने की विधि और इसे पीने के लाभ
World Hand Hygiene Day 2025 : गंदे नाखूनों से रहता है डबल इंफेक्शन का खतरा, ये है साफ-सुथरा रखने का तरीका
World Hand Hygiene Day 2025 : हर साल 5 मई को वर्ल्ड हैंड हाइजीन डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हाथों की स्वच्छता बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूक करना है। हालांकि हाथ धोने की बात तो सभी करते हैं, लेकिन अक्सर नाखूनों की सफाई को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि वहीं बैक्टीरिया का असली अड्डा होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे या गंदे नाखूनों में पिनवॉर्म और अन्य बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जो खाना खाते वक्त हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और पेट संबंधी संक्रमण का कारण बन सकते हैं। डॉ. प्रवीण मंगलूनिया का मानना है कि नेल हाइजीन, हैंड हाइजीन का अहम हिस्सा है। यदि नाखूनों को साफ और ट्रिम न किया जाए, तो हाथ धोने के बाद भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। एक्सपर्ट से जानते हैं कि कैसे गंदे नाखून बीमारियों की वजह बनते हैं?

नाखूनों में कीटाणुओं का जमाव
लंबे और असाफ नाखूनों में धूल, गंदगी और हानिकारक सूक्ष्मजीव आसानी से जमा हो जाते हैं। जब हम बिना हाथ धोए या बिना नाखून साफ किए किसी भी चीज़ को छूते है, खासकर भोजन को। तो ये कीटाणु हमारे शरीर में पहुंच सकते हैं और बीमारियों का कारण बन सकते हैं। बच्चों में पेट के कीड़े, दस्त और त्वचा संबंधी परेशानियां भी इसी कारण होती हैं।
हाथ धोने पर भी संक्रमण का खतरा
हाथ धोना एक प्रभावी तरीका है संक्रमण से बचाव का, लेकिन यदि नाखून गंदे हैं या बहुत लंबे हैं, तो हाथ धोने के बाद भी उनमें बैक्टीरिया रह सकते हैं। नाखूनों के नीचे जमा गंदगी को सामान्य हैंड वॉश से हटाना मुश्किल होता है, जब तक कि उसे विशेष ब्रश या स्क्रब से साफ न किया जाए। इसलिए साफ और ट्रिम किए हुए नाखून हाथों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए ज़रूरी हैं।
खुजली और खरोंच से संक्रमण फैलना
लंबे और नुकीले नाखूनों से शरीर पर खरोंच लग सकती है, जिससे बैक्टीरिया सीधे त्वचा के नीचे प्रवेश कर सकते हैं। अगर कोई पहले से संक्रमित अंग को छूकर दूसरे हिस्से में नाखूनों से खुजाता है, तो संक्रमण का खतरा दोगुना हो जाता है। त्वचा की एलर्जी, फंगल इन्फेक्शन और अन्य समस्याएं भी इसी कारण फैल सकती हैं।
हेल्थ केयर वर्कर्स बरतें विशेष सावधानी
हेल्थ केयर सेक्टर में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से नेल हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए। यदि किसी डॉक्टर, नर्स या लैब टेक्नीशियन के नाखून गंदे हैं, तो वह मरीजों को अनजाने में संक्रमण का शिकार बना सकते हैं। मरीजों की सुरक्षा के लिए हेल्थ केयर वर्कर्स को छोटे, साफ और स्टरलाइज़ नाखून रखने चाहिए।
इस तरह से रखें नाखूनों को साफ
नेल ब्रशिंग: एक सॉफ्ट हैंड ब्रश या नेल ब्रश से दिन में एक से दो बार नाखूनों के नीचे की सफाई करें। इससे बैक्टीरिया और दुर्गंध दोनों से राहत मिलती है।
नियमित ट्रिमिंग: नाखूनों को समय-समय पर काटें और उसके आसपास की त्वचा को भी साफ रखें, ताकि संक्रमण का खतरा न हो।
नेल स्क्रब का इस्तेमाल: घर में बना स्क्रब या लिक्विड हैंड सोप से नाखून और आसपास की स्किन को स्क्रब करें। इससे डेड स्किन और कीटाणु हटते हैं।
टूल्स शेयर न करें: नेल कटर, फाइलर जैसे टूल्स को किसी के साथ शेयर न करें। उपयोग के बाद उन्हें स्टरलाइज़ करना न भूलें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications