Latest Updates
-
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता
World Homeopathy Day 2024 : होम्योपैथी की दवाइयां क्यों होती है मीठी? जानें इन्हें खाने का सही तरीका
World Homeopathy Day 2024 : होम्योपैथी के बारे में कहा जाता है कि यह बीमारी को जड़ से ही खत्म कर देता है। इस इलाज की दवाईयां अच्छा असर कर सकें इसलिए मरीज को अपनी दवाईयों का कोर्स पूरा करना जरुरी होता है। हालांकि इसका कोर्स लंबा होता है लेकिन यह काफी असरदायक होती है।
अगर आपने कभी होम्योपैथी का इलाज करवाया हो तो आपने नोटिस किया होगा कि इस होम्योपैथी के दवाइयां मीठी होती है न कि ऐलोपेथी की तरह कड़वी होती है।

वर्ल्ड होम्योपेथी के मौके पर जानेंगे कि आखिर क्यों होम्योपेथी की दवाएं मीठी होती है?
होम्योपैथी की दवाइयां मीठी क्यों होती हैं?
होम्योपैथिक की दवाएं अल्कोहल के माध्यम से तैयार होती है। इस वजह से इनका स्वाद काफी कसैला हो जाता है। कई बार अल्कोहल की अधिक मात्रा के वजह से मुंह में छाले होने का भी खतरा रहता है, इसलिए इन्हें मीठी गोलियों के साथ मिलाकर मरीज को दिया जाता है। ये गोलियां दूध या गन्ने के ग्लूकोज से तैयार की जाती है ताकि मरीज बिना किसी परेशानी के इसे खा सकें।
होम्योपैथी की दवा लेने का सही तरीका
दवा खाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें। जैसे-
खाना खाने के 10 मिनट बाद ही दवाएं खाएं।
- मुंह साफ होना चाहिए।
- खुशबूदार चीजें जैसे- हींग, इलायची, पिपरमिंट, प्याज या लहसुन खाने के 30 मिनट बाद ही दवा लें। वरना दवा का असर कम हो सकता है।
- जीभ जितनी ज्यादा साफ होगी दवा का असर उतना बेहतर होगा।
- होम्योपैथी दवाइयों के कोर्स के साथ खट्टा खाने से परहेज करना होता है।
- दवा के बेहतर असर के लिए इसे चूसकर ही खाएं।
- दवा को हाथ न लगाएं सिर्फ इसे ढक्कन में रखकर या शीशी से सीधे ही खाएं।
क्या होती है होम्योपैथी?
दरअसल चिकित्सा जगत में तीन तरह के इलाज पद्धति हैं। एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेद। होम्योपैथी में एलोपैथी की तरह दवाओं का एक्सपेरिमेंट जानवरों न करके सीधे इंसानों पर ही टेस्ट किया जाता है। होम्योपैथिक दवाइयां एलोपैथी की तुलना में ज्यादा सुरक्षित मानी जाती हैं। माना जाता है कि इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications