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World Malaria Day: मलेरिया और ब्रेन मलेरिया में क्या है अंतर, जानें किसे है ज्यादा खतरा और बचाव
सेरेब्रल मलेरिया यानी ब्रेन मलेरिया, दिमाग पर असर डालने वाला मलेरिया घातक और जानलेवा होता है। इस बीमारी को आपने बरसात के मौसम में ज्यादा होते हुए देखा होगा क्योंकि बरसात के मौसम में मच्छर का आतंक शुरु हो जाता है। मादा एनोफीलीज मच्छर के काटने के कारण ये बीमारी पनपती है।
हालांकि बच्चों में ब्रेन मलेरिया के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। ब्रेन मलेरिया गंभीर मलेरिया एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल जटिलता है, जो 5 साल से कम उम्र के लगभग 1% बच्चों को प्रभावित करती है। जो प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम से संक्रमित होते हैं।

विश्व मलेरिया दिवस (World Malaria Day) के मौके पर हम आपको कुछ उचित उपाय बता रहे हैं, जिनसे आप अपना बचाव कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर क्या है ब्रेन मलेरिया, लक्षण और इसका इलाज क्या है?
कैसे हो जाता है ब्रेन मलेरिया?
ब्रेन मलेरिया, सामान्य मलेरिया से अलग है। जब मादा एनोफीलीज मच्छर आपके शरीर के किसी भी हिस्से में काटने से प्लासमोडियम नाम का एक पैरासाइट आपके खून में पहुंच जाता है। ये प्लासमोडियम चार प्रकार का होता है। जिनके नाम पी बाईवेक्स, पी ओभेन, पी मलेरी और पी फालसीपेरम हैं। इस स्थिति में इंसान को दिमाग में दौरे भी आ सकते है और खून जमा होने की शिकायत भी हो सकती है।
वजह
इस बीमारी की वजह मलेरिया प्लाजमोडियम फेल्सिपेरम परजीवी है जो मच्छरों के काटने पर इंसान में पहुंचता है। बरसात में गंदे और दूषित पानी की वजह से ये मच्छर पनपते हैं, और आम मलेरिया की तरह ही ब्रेन मलेरिया भी फैलता है।
लक्षण
मच्छर के काटने के बाद तेज बुखार के साथ शरीर में ऐंठन होना व ठंड लगना, दिन में बुखार उतर जाना व रात में ठंड लगने के बाद वापस बुखार आ जाता है, चमकी होना और तेज बुखार के साथ बच्चों का बेहोश हो जाना ब्रेन मलेरिया के लक्षण हैं। डॉक्टर्स की मानें तो ब्रेन मलेरिया में सही समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की मुत्यु भी हो सकती है।
बचाव के तरीके
आस पास की गंदगी न होने दे, साफ-सफाई रखें।
मच्छरदानी का प्रयोग करें।
कहीं भी पानी इक्ट्ठा होने ना दें।
साफ पानी पिएं और रखें।
बाहर खुले ना सोएं।
सूती कपड़े पहने और पूरी तरह ढंक कर रहें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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