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World Malaria Day 2025 : मलेरिया होने पर मरीज को क्या खिलाएं और क्या नहीं? यहां जानें डाइट चार्ट
Malaria Recovery Diet : मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो न सिर्फ शरीर को कमजोर कर देती है, बल्कि लंबे समय तक थकान और कमजोरी बनी रहती है। ऐसे में इलाज के साथ-साथ रिकवरी डाइट पर ध्यान देना बहुत जरूरी हो जाता है। मलेरिया डे के मौके पर जब हमने जयपुर स्थित साकेत अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रवीण मंगलूनिया से बात की, तो उन्होंने बताया कि मलेरिया के बाद मरीज को कैसी डाइट लेनी चाहिए ताकि शरीर की ताकत लौटे और इम्यूनिटी मजबूत हो।

मलेरिया के लक्षण
मलेरिया के प्रमुख लक्षणों में ठंड लगना, तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी-दस्त, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान और खांसी शामिल हैं। इन लक्षणों से शरीर की ताकत तेजी से घटती है, जिससे रिकवरी में समय लग सकता है।
मलेरिया के बाद कैसी होनी चाहिए डाइट?
1. प्रोटीन से भरपूर डाइट
टिश्यू रिपेयर और मसल्स रिकवरी के लिए प्रोटीन जरूरी होता है। मरीज को दूध, दही, पनीर, अंडे, चिकन, मछली, दालें और सोयाबीन जैसी प्रोटीन युक्त चीजें खानी चाहिए।
2. आयरन और विटामिन-सी युक्त आहार
मलेरिया से शरीर में खून की कमी हो जाती है। इसके लिए पालक, चुकंदर, खजूर, किशमिश, बाजरा, ज्वार जैसे आयरन रिच फूड लेने चाहिए। साथ ही, विटामिन-सी से भरपूर फल जैसे संतरा, मौसंबी, आंवला, कीवी और टमाटर खाना जरूरी है, क्योंकि विटामिन-सी आयरन के अवशोषण में मदद करता है।
3. हेल्दी कार्बोहाइड्रेट्स
शरीर में एनर्जी बनाए रखने के लिए ब्राउन राइस, ओट्स, रोटी और शकरकंद जैसे धीमे पचने वाले कार्ब्स लेने चाहिए, ताकि शरीर को स्थायी ऊर्जा मिल सके।
4. हाइड्रेशन
बुखार और पसीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में दिनभर में 3 से 3.5 लीटर पानी, नारियल पानी, नींबू पानी, हर्बल टी (तुलसी-अदरक वाली), और वेजिटेबल/चिकन सूप का सेवन फायदेमंद रहता है।
5. हेल्दी फैट्स
नट्स (बादाम, अखरोट), सीमित मात्रा में घी और दूध से बने उत्पाद जैसे मक्खन का सेवन शरीर को एनर्जी देने और सेल रिपेयर में मदद करता है। पर इनकी मात्रा सीमित होनी चाहिए।
6. फल और हरी सब्जियां
संतरा, सेब, पपीता, अनार, केला जैसे फलों में मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स शरीर की रिकवरी को तेज करते हैं। इसके अलावा गाजर, लौकी, तोरी जैसी उबली या स्टीम की गई सब्जियां पाचन के लिए हल्की और पोषण से भरपूर होती हैं।
7. हल्का खाना
पाचन सुस्त हो जाने की वजह से इस समय दलिया, मूंग दाल खिचड़ी, उपमा, दही जैसे हल्के और आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थ लेने चाहिए।
किन चीजों को खाने से बचें?
मसालेदार और तैलीय खाना: पाचन में दिक्कत बढ़ा सकते हैं।
हाई फैट फूड्स: मक्खन, क्रीम, ज्यादा घी से परहेज करें।
प्रोसेस्ड शुगर: केक, मिठाई, बिस्कुट जैसे आइटम पाचन और इम्यूनिटी को नुकसान पहुंचाते हैं।
डॉ. प्रवीण मंगलूनिया कहते हैं कि मलेरिया के बाद की डाइट जितनी संतुलित और हल्की होगी, उतनी ही तेजी से मरीज की रिकवरी संभव है। सही डाइट के साथ शरीर को आराम और पर्याप्त नींद देना भी उतना ही जरूरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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