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World Toilet Day 2023 : वेस्टर्न या इंडियन टॉयलेट: पेट साफ करने के लिए कौन सा बेहतर है?
Indian Toilet vs Western Toilet : मार्डन लिविंग स्टाइल में ज्यादातर घरों में वेस्टर्न टॉयलेट सीट ने इंडियन टॉयलेट की जगह ले ली है। कई घरों में लोग वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं। वेस्टर्न टॉयलेट खासकर उन लोगों के लिए काफी आरामदायक है जो जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं लेकिन अब इसका चलन आम हो गया है।
घर हो या मॉल ज्यादातर घरों में और सार्वजनिक जगहों पर आपको वेस्टर्न टॉयलेट ही देखने को मिलेगा। घर में टॉयलेट सीट लगाते हुए आपके दिमाग में यह ख्याल तो जरूर आता होगा कि कौन सा कमोड लगाया जाए। आइए जानते हैं कि आपके सेहत के लिए वेस्टर्न या देसी दोनों में से कौनसा कमोड बेहतर है।

बीमार बना रहा है वेस्टर्न टॉयलेट
शोध के मुताबिक पहले जो भारतीय टॉयलेट थी इसमें इंसान का पूरा शरीर चलता था, हाथ से लेकर पैरों के पंजे तक एक तरह से इस तरह से टॉयलेट करना पूरी तरह से शरीर के लिए एक्सरसाइज होती थी, जब टॉयलेट करके उठते थे तो पूरी तरह से एक्सरसाइज कर चुके थे, लेकिन आज वेस्टर्न टॉयलेट ऐसा है जैसे आप सामान्य रूप से कुर्सी पर बैठे हैं। यह एक तरह से आप को बीमार बना रहा है।
पेपर और पानी की बर्बादी से बचाए
स्कूल-कॉलेज, दफ्तर या घर में बने वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करते समय ज्यादा मात्रा पानी और पेपर का इस्तेमाल होता है, जिससे इनकी काफी बर्बादी होती है। लेकिन इसके विपरीत इंडियन टॉयलेट में पेपर की कोई जरूरत नहीं होती और पानी भी सीमित मात्रा में इस्तेमाल होता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद
शायद आप यह जानते होंगे कि इंडियन टॉयलेट गर्भवती महिलाओं के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। दरअसल, इस पर बैठने से महिलाओं में स्क्वाट्स लगाने की पोजिशन में आती हैं, जिससे नॉर्मल डिलीवरी होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
कैंसर समेत गंभीर बीमारियों से बचाए
इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करने से पेट तो साफ रहता ही है, लेकिन इससे पेट से जुड़े कोलन कैंसर और अन्य बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है। दरअसल, इंडियन पॉट पर बैठने से पेट अच्छी तरह साफ होता है, जिससे कब्ज अपेंडिसाइटिस, कोलन कैंसर समेत अन्य बीमारियां होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं।
ब्लड सर्कुलेशन अच्छा करें
इंडियन टॉयलेट आपको सेहतमंद बनाए रखने में काफी मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, इसके इस्तेमाल से आपके पूरे शरीर की एक्सरसाइज होती है। इंडियन टॉयलेट में 10 से 15 मिनट तक बैठना जिम में स्क्वाट करने के ही बराबर है, जिससे आप फिट तो रहते ही है। साथ ही शरीर का ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा रहता है।
डाइजेशन अच्छा करे
इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करने से आपके पेट पर दबाव पड़ता है, जिससे आपका डाइजेशन अच्छा होता है और पेट भी अच्छे से साफ होता है। लेकिन वेस्टर्न टॉयलेट के इस्तेमाल से पेट पर दबाव नहीं पड़ता, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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