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प्रेग्नेंसी में थायराइड लेवल कितना होना चाहिए? जानिए थायराइड कंट्रोल करने के आसान तरीके
Thyroid in Pregnancy: मां बनना हर महिला के लिए दुनिया का सबसे सुखद एहसास होता है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अक्सर कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड की समस्या हो जाती है, जो मां और बच्चे दोनों की सेहत पर असर डाल सकता है। प्रेग्नेंसी में थायराइड का स्तर बढ़ने से शिशु का मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। ऐसे में, प्रेग्नेंसी में थायराइड के स्तर को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी होता है। आज इस लेख में हम आपको प्रेग्नेंसी में थायराइड का सामान्य स्तर कितना होना चाहिए और प्रेग्नेंसी में थायराइड को कंट्रोल करने के उपायों के बारे में बता रहे हैं -

थायराइड के लक्षण
थायराइड मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है - हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म। हाइपोथायरायडिज्म में शरीर में थायराइड हार्मोन कम बनने लगता है। इसके कारण थकान, कब्ज, चेहरे पर सूजन, वजन बढ़ना और शरीर में दर्द या ऐंठन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। वहीं, हाइपरथायरायडिज्म में थायराइड हार्मोन जरूरत से ज्यादा बनने लगता है। इस स्थिति में ज्यादा पसीना आना, वजन कम होना, पेट खराब रहना, चक्कर आना और भूख में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
प्रेग्नेंसी में थायराइड का सामान्य स्तर कितना होना चाहिए?
गर्भावस्था में थायराइड का सामान्य स्तर लगभग 0.4 से 4 mIU/L के बीच माना जाता है।
पहली तिमाही में यह 0.1 से 2.5 mIU/L तक होना चाहिए।
दूसरी तिमाही में इसका स्तर 0.2 से 3.0 mIU/L के बीच रहना बेहतर माना जाता है।
तीसरी तिमाही में यह 0.3 से 3.0 mIU/L तक सामान्य माना जाता है।
प्रेग्नेंसी में थायराइड टेस्ट कैसे किया जाता है?
अगर गर्भावस्था के दौरान थायराइड के लक्षण महसूस हों, तो डॉक्टर टीएसएच (TSH) ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। इस टेस्ट से शरीर में थायराइड हार्मोन का स्तर पता चलता है। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर जरूरत पड़ने पर दवा देते हैं, जो मां और बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित मानी जाती है।
प्रेग्नेंसी में थायराइड कंट्रोल करने के उपाय
- डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का नियमित सेवन करें और बिना सलाह के दवा बंद न करें।
- ज्यादा मीठा, रिफाइंड तेल और अधिक चाय-कॉफी का सेवन कम करें।
- तनाव से बचने की कोशिश करें, क्योंकि तनाव बढ़ने पर थायराइड की समस्या भी बढ़ सकती है।
- हल्का व्यायाम और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
- आयोडीन युक्त चीजों का सेवन करें, क्योंकि यह थायराइड को संतुलित रखने में मदद करता है।
- अगर प्रेग्नेंसी में समय रहते थायराइड की जांच और सही इलाज किया जाए, तो मां और बच्चे दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है।



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