दूषित भोजन से हो सकती हैं 200 से अधिक बीमारियां, स्वस्थ रहने के लिए फॉलो करें ये फूड सेफ्टी टिप्स

World Food Safety Day 2026: शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में सही खानपान का अहम रोल होता है। हम जो कुछ भी खाते हैं, वह शरीर को पोषण देने के साथ-साथ बीमारियों से बचाने का भी काम करता है। लेकिन यदि वही भोजन बैक्टीरिया, वायरस, परजीवियों या हानिकारक पदार्थों से प्रभावित हो जाए, तो यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, दूषित खाने की वजह से हर साल करीब 86।6 करोड़ लोग बीमार हो रहे हैं और करीब 15।2 लाख लोगों की मौत हो जाती है। इसमें सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को होता है। यही कारण है कि लोगों को सुरक्षित भोजन के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (World Food Safety Day) मनाया जाता है। आइए, जानते हैं कि खाने के दूषित होने के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार होते हैं -

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बैक्टीरिया से बढ़ता है फूड पॉइजनिंग का खतरा

WHO की रिपोर्ट के अनुसार, दूषित खाने की वजह से 200 से ज्यादा तरह की बीमारियां हो सकती हैं। दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों के पीछे बैक्टीरिया सबसे बड़े कारणों में से एक हैं। इसमें कैम्पिलोबैक्टर, ई।कोलाई, शिगेला और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया शामिल हैं। ये सूक्ष्म जीव खाने-पीने की चीजों में पनपकर शरीर में संक्रमण फैला सकते हैं और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। खासकर कच्चे या अधपके खाद्य पदार्थ, दूषित डेयरी उत्पाद और साफ-सफाई की कमी बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ा सकती है।

वायरस भी बन सकते हैं संक्रमण की वजह

भोजन और पानी के जरिए फैलने वाले वायरस भी स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, कुछ वायरस जैसे नॉरोवायरस दूषित खाद्य पदार्थों के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर पेट और पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं। इससे उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर अधपका सीफूड, अस्वच्छ पानी और साफ-सफाई के अभाव में तैयार किया गया भोजन संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकता है।

पैरासाइट्स से भी बढ़ सकता है बीमारी का खतरा

दूषित भोजन में मौजूद कुछ परजीवी (पैरासाइट्स) शरीर में पहुंचकर लंबे समय तक छिपे रह सकते हैं। WHO के अनुसार, ये परजीवी कई बार बिना स्पष्ट लक्षणों के शरीर को नुकसान पहुंचाते रहते हैं और समय के साथ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। कई पैरासाइट दिमाग से जुड़ी बीमारियां, मिर्गी, पित्त नली के कैंसर और प्रेग्नेंसी में भ्रूण से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

केमिकल्स भी बन सकते हैं बड़ा खतरा

भोजन को केवल बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी ही नहीं, बल्कि कुछ जहरीले केमिकल्स और भारी धातुएं भी असुरक्षित बना सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, आर्सेनिक, लेड, मरकरी और कैडमियम जैसे तत्व पानी, मिट्टी या पर्यावरण प्रदूषण के माध्यम से खाद्य पदार्थों में पहुंच सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे दूषित भोजन का सेवन करने से हृदय रोग, किडनी संबंधी समस्याएं, कुछ प्रकार के कैंसर और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए भोजन की गुणवत्ता और स्रोत पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

फूड सेफ्टी के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय

भोजन तैयार करने से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह धोएं।

रसोई, बर्तनों और खाद्य पदार्थों को साफ-सुथरा रखें।

कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखें, ताकि संक्रमण न फैले।

भोजन को पूरी तरह पकाकर खाएं, खासकर मांस, अंडे और सीफूड।

पके हुए खाने को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न छोड़ें।

खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तापमान पर स्टोर करें।

फल और सब्जियों को उपयोग से पहले अच्छी तरह धो लें।

पीने और खाना बनाने के लिए साफ एवं सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करें।

केवल ताजे और भरोसेमंद स्रोतों से खरीदे गए खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

एक्सपायरी डेट और खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच करना न भूलें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, June 7, 2026, 11:31 [IST]
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