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Rabindranath Tagore Death Anniversary: आज है रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्य तिथि, यहां जानिए उनके अनमोल विचार
Rabindranath Tagore Death Anniversary: आज गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 85वीं पुण्यतिथि है। रवींद्रनाथ टैगोर केवल महान कवि और लेखक ही नहीं, बल्कि दार्शनिक, समाज सुधारक, संगीतकार, नाटककार और चित्रकार भी थे। उनका जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता के जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी में हुआ था। रवीन्द्रनाथ टैगोर का वास्तविक नाम रवीन्द्रनाथ ठाकुर था। टैगोर ने अपनी रचनाओं में जीवन, प्रेम और मानवता के कई पहलुओं को बेहद सरल और गहराई से व्यक्त किया। भारत के राष्ट्रगान 'जन गण मन' के रचयिता टैगोर के विचार आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करते हैं। 7 अगस्त 1941 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा था, लेकिन उनकी लिखी बातें आज भी लोगों को नई सोच और बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। आइए, आज उनकी पुण्यतिथि पर जानते हैं रवींद्रनाथ टैगोर के कुछ ऐसे अनमोल विचार, जो आपका नजरिया बदल सकते हैं।

रवींद्रनाथ टैगोर के अनमोल विचार
1. "प्रसन्न रहना बहुत सरल है लेकिन सरल होना बहुत कठिन है।"
2. "जहां मन भय से मुक्त हो और मस्तक ऊँचा हो, जहां ज्ञान स्वतंत्र हो।"
3. "यदि आप सभी गलतियों के लिए दरवाजे बंद कर देंगे, तो सच भी बाहर रह जाएगा।"
4. "सिर्फ तर्क करने वाला दिमाग, एक ऐसे चाकू की तरह है, जिसमें सिर्फ ब्लेड है।"
5. "तितली महीनों नहीं, पलों को गिनती है, और उसके पास पर्याप्त समय होता है।"
6. "केवल खड़े होकर पानी को देखते रहने से आप नदी पार नहीं कर सकते।"
7. "प्रेम अधिकार का दावा नहीं करता, बल्कि स्वतंत्रता देता है।"
8. "कला में मनुष्य स्वयं को प्रकट करता है, न कि केवल वस्तुओं को।"
9. "मृत्यु प्रकाश को बुझाना नहीं है, बल्कि दीपक को इसलिए बुझाना है क्योंकि सुबह हो गई है।"
10. "सच्ची मित्रता तब होती है, जब चुप्पी भी आरामदायक लगे।"
11. हम यह प्रार्थना न करें कि हमारे सामने कोई खतरा न आए, बल्कि यह करें कि हम उनका सामना करने का साहस रखें।"
12. "मनुष्य की सेवा भी ईश्वर की सेवा है।"
13. "एक कलाकार प्रकृति का प्रेमी है अत: वह उसका दास भी है और स्वामी भी है।"
14. "हर बच्चा यह संदेश लेकर आता है कि ईश्वर अभी मनुष्य से निराश नहीं हुआ है।"
15. "आप समुद्र को पार नहीं कर सकते, जब तक कि आप किनारे को छोड़ने का साहस नहीं करते।"
16. "जीवन हमें दिया गया है, हम इसे देने से ही कमाते हैं।"
17. "संगीत दो आत्माओं के बीच का अनंत संबंध है।"
18. "फूल की पंखुड़ियों को तोड़कर आप उसकी सुंदरता नहीं पा सकते।"
19. "समय परिवर्तन की धारा है, जो सब कुछ बहाकर आगे ले जाती है।"
20. "प्रेम केवल भावना नहीं, बल्कि वह सत्य है जो जीवन को अर्थ देता है।"



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