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खस या हनीकॉम्ब : बेहतर कूलिंग के लिए कूलर में कौन सा कूलिंग पैड लगाना चाहिए
HoneyComb Pad V/s Wood Wool in air coolers : गर्मी से राहत के लिए कई घरों में कूलर चालू हो चुका है। वहीं कुछ चालू करने वाले है। कूलर में जो सबसे जरुरी होता है वो है कूलिंग पैड जिसे हम नॉर्मली घास भी कहते हैं। यह ही बाहर की गर्म हवा को ठंडा करने का काम करते हैं। अभी तक तो हम खस के घास के बारे में जानते थे लेकिन अब मार्केट में हनीकॉम्ब कूलिंग पैड भी मिलता है। कई बार लोग सोचते हैं कि दोनों में से कौनसा घास कूलर में लगाना चाहिए और कौनसा जल्दी कूलिंग करता है।
आइए जानते हैं कि अगर आप नया कूलिंग पैड खरीदने जा रहे हैं या बदलवाने का सोच रहे हैं तो हम आपको बताते है कि इस गर्मी के हिसाब से आपको कौनसा कूलिंग पैड लगवाना चाहिए।

लेकिन इस नए कूलिंग पैड में पैसे फंसाना आपके लिए फायदेमंद होगा या नहीं इसके लिए यहां हम आपको कुछ जरूरी बातें रहे हैं। इसके आधार पर आप आसानी से अपने कूलर के लिए सही कूलिंग पैड चुन सकते हैं।
हनीकॉम्ब कूलिंग पैड
इस कूलिंग पैड का नाम इसकी बनावट के वजह से रखा गया है। सेलुलोस मटेरियल से बना यह कूलिंग पैड दिखने में मधुमक्खी के छत्ते की तरह होता है। कहा जाता है कि इसमें पानी लंबे समय तक सोखने की क्षमता होती और जो गर्म हवा को जल्दी कूलिंग करके बाहर फेंकता है। इनकी कीमत 700-1400 के बीच होती। ये सामान्य घास की तुलना में महंगा होता है, क्योंकि आएक बार खरीदने पर ये 2-3 साल चलते हैं। इन्हें हर साल बदलने की झंझट नहीं रहती है।
खस की घास
खस की घास आज से 5 साल पहले तक खूब ट्रेंड में थी। आज भी लोहे के कूलर में इस घास का इस्तेमाल होता था। खस वाले कूलिंग पैड सस्ते होते हैं। इनकी कीमत 80-100 के बीच होती है। आपको हर सीजन में इन घासों को बदलने की जरूरत पड़ती है। इस वजह से खूब सस्ते होते हैं।
दोनों में से कौनसा है सही?
हनीकॉम्ब कूलिंग पैड को बने बड़े-बड़े छेद के वजह से हवा बहुत ज्यादा ठंडी नहीं हो पाती है और इन्हें बार-बार बदलने की जरुरत नहीं होती है। इसलिए ये कूलिंग और बजट के लिहाज से बेस्ट हैं।



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