Latest Updates
-
जुबिन नौटियाल ने उत्तराखंड में गुपचुप रचाई शादी, जानें कौन है सिंगर की दुल्हन -
Mango Varieties In India: तोतापुरी से लेकर बंगीनापल्ली तक, जानें भारत की प्रसिद्ध आम की किस्में और इनकी पहचान -
Heatwave Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, जानें भीषण गर्मी का सेहत पर असर और बचाव के टिप्स -
Guru Bhairavaikya Mandira: कर्नाटक का गुरु भैरवैक्य मंदिर क्यों है इतना खास? जिसका पीएम मोदी ने किया उद्घाटन -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न खरीदें ये 5 चीजें, दरवाजे से लौट जाएंगी मां लक्ष्मी -
डायबिटीज में चीकू खाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट -
Aaj Ka Rashifal 16 April 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से चमकेगा तुला और कुंभ का भाग्य, जानें अपना भविष्यफल -
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता?
खस या हनीकॉम्ब : बेहतर कूलिंग के लिए कूलर में कौन सा कूलिंग पैड लगाना चाहिए
HoneyComb Pad V/s Wood Wool in air coolers : गर्मी से राहत के लिए कई घरों में कूलर चालू हो चुका है। वहीं कुछ चालू करने वाले है। कूलर में जो सबसे जरुरी होता है वो है कूलिंग पैड जिसे हम नॉर्मली घास भी कहते हैं। यह ही बाहर की गर्म हवा को ठंडा करने का काम करते हैं। अभी तक तो हम खस के घास के बारे में जानते थे लेकिन अब मार्केट में हनीकॉम्ब कूलिंग पैड भी मिलता है। कई बार लोग सोचते हैं कि दोनों में से कौनसा घास कूलर में लगाना चाहिए और कौनसा जल्दी कूलिंग करता है।
आइए जानते हैं कि अगर आप नया कूलिंग पैड खरीदने जा रहे हैं या बदलवाने का सोच रहे हैं तो हम आपको बताते है कि इस गर्मी के हिसाब से आपको कौनसा कूलिंग पैड लगवाना चाहिए।

लेकिन इस नए कूलिंग पैड में पैसे फंसाना आपके लिए फायदेमंद होगा या नहीं इसके लिए यहां हम आपको कुछ जरूरी बातें रहे हैं। इसके आधार पर आप आसानी से अपने कूलर के लिए सही कूलिंग पैड चुन सकते हैं।
हनीकॉम्ब कूलिंग पैड
इस कूलिंग पैड का नाम इसकी बनावट के वजह से रखा गया है। सेलुलोस मटेरियल से बना यह कूलिंग पैड दिखने में मधुमक्खी के छत्ते की तरह होता है। कहा जाता है कि इसमें पानी लंबे समय तक सोखने की क्षमता होती और जो गर्म हवा को जल्दी कूलिंग करके बाहर फेंकता है। इनकी कीमत 700-1400 के बीच होती। ये सामान्य घास की तुलना में महंगा होता है, क्योंकि आएक बार खरीदने पर ये 2-3 साल चलते हैं। इन्हें हर साल बदलने की झंझट नहीं रहती है।
खस की घास
खस की घास आज से 5 साल पहले तक खूब ट्रेंड में थी। आज भी लोहे के कूलर में इस घास का इस्तेमाल होता था। खस वाले कूलिंग पैड सस्ते होते हैं। इनकी कीमत 80-100 के बीच होती है। आपको हर सीजन में इन घासों को बदलने की जरूरत पड़ती है। इस वजह से खूब सस्ते होते हैं।
दोनों में से कौनसा है सही?
हनीकॉम्ब कूलिंग पैड को बने बड़े-बड़े छेद के वजह से हवा बहुत ज्यादा ठंडी नहीं हो पाती है और इन्हें बार-बार बदलने की जरुरत नहीं होती है। इसलिए ये कूलिंग और बजट के लिहाज से बेस्ट हैं।



Click it and Unblock the Notifications











