डॉग ट्रेनिंग भाग 1: कैसे सिखायें कुत्‍ते को अपनी भाषा?

By Ajay Mohan

Dog
अजय मोहन

टॉमी खाना खाओगे, टॉमी चलो तुम्‍हें नहला दें, टॉमी हाथ दो, टॉमी बैठ जाओ, टॉमी खड़े हो जाओ, टॉमी ऊपर जाओ, टॉमी प्रिया के पास जाओ, टॉमी प्रिया को बुला लाओ.... क्‍या आपने अपने कुत्‍ते से कभी ऐसे सवाल किये हैं? जरूर किये होंगे, लेकिन क्‍या कुत्‍ता इन बातों के जवाब में प्रतिक्रिया करता है, आपकी सभी कही हुई बातों को मानता है, अगर नहीं तो अब मनेगा। इस लेख में मैं किसी रिसर्चर या ट्रेनर से प्राप्‍त जानकारियां नहीं दूंगा, मैं वहीं बताउंगा जो मैंने अपने टॉमी को अपनी भाषा सिखाते वक्‍त सीखा।

यह हम जानते हैं कि जानवर बेजुबान होते हैं, वो हमारी भाषा बोल नहीं सकते, लेकिन समझ जरूर सकते हैं, वो आपके सवालों का उत्‍तर नहीं दे सकते, लेकिन एक बार कहने पर आपका कहना जरूर मान सकते हैं वो भी बिना कोई इशारा किये। यदि आप चाहते हैं कि आपको कोई इशारा नहीं करना पड़े और आपका कुत्‍ता आपकी बात समझे तो यह लेख आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। यदि आपका कुत्‍ता अभी छोटा है, तो यही सही समय है उसे आपकी भाषा सिखाने का।

1. भोजन- यदि आप कुत्‍ते को विभन्‍न प्रकार के भोजन के नाम याद कराना चाहते हैं तो जब भी उसे भोजन दें, तो उससे पूछें- टॉमी दूध पियोगे, दो मिनट वेट करें और फिर दूध का प्‍याला उसके सामने रख दें। इसी प्रकार टॉमी ब्रेड खाओगे, टॉमी चकिन खाओगे, टॉमी मटन खाओगे..... ध्‍यान रहे, अगर आप उससे छल करेंगे तो वो आपकी भाषा कभी नहीं सीखेगा। यानी जब आप दूध दें, तो हर बार उसके सामने दूध का ही प्‍याला रखें, चिकन कहें तो चिकन ही दें... ऐसा करते वक्‍त कोशिश करें कि कुत्‍ता आपकी तरफ देख रहा हो, क्‍योंकि ये जानवर आपके चेहरे के एक्‍सप्रेशन्‍स को भी अच्‍छी तरह समझते हैं।

2. नहलाना- जब भी कुत्‍ते को नहलाने जायें, उससे बोलें- टॉमी चलो नहाने.... बार-बार यही शब्‍द दोहरायें और फिर उसके ऊपर पानी डाल दें। बार-बार ऐसा करने पर वो समझ जायेगा कि "नहाने" शब्‍द का मतलब नहाना ही होता है। और एक दिन ऐसा आयेगा कि जब आप कोई दूसरा उससे यही शब्‍द कहेगा, तो वो घुर्राने लगेगा। यह इसलिए नहीं कि आपका कुत्‍ता उसे नहलाने का अधिकार किसी और को नहीं देना चाहता, बल्कि इसलिए कि उसे पानी से डर लगता है, और बचपन से आपके सामने उसकी चल नहीं पाती है।

3. ऐक्‍शन- खड़े होना, बैठना, उठना, जाना.... ये सभी ऐक्‍शन हैं, जो आम तौर पर सभी पाल्‍तू कुत्‍ते जानते हैं और समझते भी हैं, लेकिन अधिकांश कुत्‍ते तब तक कहना नहीं मानते जब तक आप हाथ से इशारा नहीं करते। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आप मुंह से बोलें- टॉमी बैठ जाओ, और वो बैठ जाये, तो उसकी आदत बचपन से डालनी होगी। उसके बचपन से ही आप उससे बात करें। अगर आपने कहा- टॉमी बैठ जाओ, वो नहीं बैठे तो उसे जबर्दस्‍ती बिठायें, खड़े हो जाओ.... नहीं खड़ा हो तो जबर्दस्‍ती खड़ा करें, इसी तरह घर के विभिन्‍न कमरों, गार्डन, छत, आदि के बारे में उसे बचपन से बतायें।

अगर आप उसे ड्रॉइंग रूम शब्‍द सिखाना चाहते हैं, तो उससे कहें टॉमी ड्राइंग रूम में जाओ, जाहिर है, पहली बार में वो नहीं जायेगा, तो उसे आप खुद लेकर जायें। इसी तरह बार-बार करने पर आपका कुत्‍ता ड्राइंग रूम, बेडरूम, हॉल, छत, किचन, गार्डन, बाहर, अंदर, आदि शब्‍द समझने लगेगा और कुछ ही दिन में आपके एक बार कहने पर वैसा ही करने लगेगा।

4. चलो बांध दें- कुत्‍तों को बंधे रहना कभी पसंद नहीं होता। अगर आप उससे अपनी बातें मनवाना चाहते हैं, तो जब भी उसे चेन से बांधें, तब उससे बार-बार कहें- चलो बांध दें....

5. घूमने चलो- कुत्‍तों को कार, बाइक या स्‍कूटर पर घूमना बहुत पसंद होता है। ये भी एक चक्‍कर लगाने के लिए ठीक उसी प्रकार जिद करते हैं, जिस प्रकार घर के बच्‍चे। उसे "घूमना" शब्‍द सिखाने के लिए जब भी अपने कुत्‍ते को कहीं घूमाना हो तो पहले उससे पूछें- टॉमी घूमने चलोगे। फिर जब अपने वाहन पर बिठायें तो मुंह से जरूर बोलें - टॉमी चलो घूमने चलें। आपके इन शब्‍दों को वो बार-बार सुनकर समझने लगेगा। फिर भविष्‍य में जब भी आप या आपके घर के सदस्‍य उससे कहेंगे- टॉमी घूमने चलोगे, तो वो खुशी से झूम उठेगा।

Story first published: Tuesday, January 31, 2012, 13:59 [IST]
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