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Adhik Maas 2026: 17 मई से शुरू हो रहा पुरुषोत्तम मास, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये 5 उपाय
Adhik Maas 2026 Upay: इस साल 17 मई 2026 से पुरुषोत्तम मास शुरू हो रहा है। जिसे अधिकमास या मलमास भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग में 'अधिकमास' का समय आध्यात्मिक ऊर्जा और अक्षय पुण्य संचित करने का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। इस पावन महीने में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, ये महीना 17 मई से शुरू होगा और 15 जून तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य और चंद्र मास के बीच सामंजस्य बैठाने के लिए हर तीन साल में एक बार आने वाला यह अतिरिक्त महीना भगवान विष्णु को समर्पित है। कहते हैं कि इस दौरान किए गए जप, तप और दान का फल सामान्य दिनों के मुकाबले हजारों गुना अधिक प्राप्त होता है। यदि आप भी अपने जीवन के दुखों से मुक्ति पाना चाहते हैं और श्रीहरि की विशेष कृपा के अभिलाषी हैं, तो इस अधिकमास को व्यर्थ न जाने दें। आइए जानते हैं मलमास की महिमा और वे 5 विशेष काम जो आपके भाग्य के द्वार खोल सकते हैं।

हिंदू धर्म में मलमास का क्या होता होता है?
इंस्टाग्राम के eternal.journey.official पेज पर अधिकमास के उपायों को लेकर एक वीडियो है जो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें बताया गया है कि क्यों अधिकमास का हिंदू धर्म में इतना अधिक महत्व माना जाता है और इस दौरान कौन से 5 उपाय आपकी किस्मत को चमका सकते हैं। मान्यता है कि इस महीने का कोई स्वामी न होने के कारण इसे 'मलमास' कहकर तिरस्कृत किया गया था। तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम 'पुरुषोत्तम' दिया और वरदान दिया कि जो भी इस मास में मेरी भक्ति करेगा, वह समस्त पापों से मुक्त होकर अक्षय पुण्य का अधिकारी बनेगा। ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय स्वयं को शुद्ध करने और मानसिक शांति प्राप्त करने का है।
1. विष्णु जी के आगे घी का दीपक दिखाएं
अधिकमास को विष्णु भगवान का प्रिय महीना माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो इस महीने में सच्चे मन से श्रीहरि की पूजा करता है उसके सारे पाप मिट जाते हैं और आने वाला भविष्य उज्जवल होता है। आप भी इस पावन महीने में रोजाना श्रीहरि विष्णु को घी का दीपक दिखाएं। ऐसा करने से पिछले, इस जन्म के और आने वाले जन्म के भी पाप उस दीपक की अग्नि में जल जाएंगे।
2. तुलसी में जल देना
अधिकमास में तुलसी की जड़ में जल देने से भी आपके कष्टों की समाप्ति हो सकती है। गर्मी के मौसम में सूखती तुलसी को जल देने से भगवान विष्णु प्रसन्न होंगे।
3. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान
17 मई से शुरू हो रहे इस महीने में प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करने से तीर्थों जैसा पुण्य मिलता है। ऐसा माना जाता है कि अधिकमास में सुबह-सुबह उठकर स्नान करने से सभी पवित्र नदियों में स्नान करने जितना फल मिलता है।
4. राधा माधव का भजन गाएं
अधिकमास में भगवान श्रीहरि को प्रसन्न करने के लिए हर रोज श्री राधा माधव का भजन गाएं। या फिर आप भगवान विष्णु और राधा रानी के अन्य भजन-कीर्तन भी कर सकते हैं।
5. पुरषोत्तम योग का पाठ करें
आखिरी उपाय जो सबसे ज्यादा कारगर है वो है भगवत गीता का 15वां अध्याय जिसे पुरषोत्तम योग के नाम से जाना जाता है का पाठ जरूर करें। इसमें दिए गए 20 श्लोक आपको सभी पापों से मुक्ति दिलाएंगे। अच्छी बात ये है कि आप इसका पाठ सिर्फ 6 मिनट में कर सकते हैं। अगर पढ़ने में दिक्कत है तो आप श्रवण भी कर सकते हैं।



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