Adi Shankaracharya Jayanti 2024 Wishes: आदि शंकराचार्य जी की जयंती पर पढ़ें उनके अनमोल विचार

Adi Shankaracharya Jayanti 2024 Wishes: भारतीय संस्कृति के महान ऋषि और धार्मिक विचारक आदि शंकराचार्य का जन्म एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने देश के 12 ज्योतिर्लिंगों की स्थापना की और देश के चारों कोनों में चार महत्वपूर्ण मठ बनाये। आदि शंकराचार्य का जन्म केरल के कलदी नामक स्थान पर हुआ था।

आदि शंकराचार्य ने अपने जीवन के दौरान भारतीय धर्म और दार्शनिक विचारों को एक साथ लाने का प्रयास किया। शंकराचार्य ने भारत भ्रमण करके वेदांत के तत्वों को स्पष्ट किया और उसे आम लोगों के बीच फैलाने का प्रयास किया। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन शंकराचार्य जयन्ती मनाई जाती है। इस वर्ष शंकराचार्य जी की जयंती 12 मई को मनाई जायेगी। इस मौके पर पेश हैं शुभकामना सन्देश और उनके द्वारा कहे गये कुछ प्रभावशाली विचार -

Adi Shankaracharya Jayanti 2024 Wishes Quotes Messages Greetings Status Insta Captions in Hindi

Adi Shankaracharya Jayanti 2024 Wishes in Hindi

1.
जिन्होंने सब को सच्चा मार्ग दिखाया
हम सब उनको प्रणाम करते हैं
आज शंकराचार्य जयंती के अवसर पर
आपको शुभकामनाएं भेजते हैं!

2.
धन कितना भी पा लीजिए मन रहता है बेचैन
ईश्वर धन एक बार पा लीजिए मिल जाएगा सुख चैन
हैप्पी शंकराचार्य जयंती 2024!

3.
माटी का इंसान तू तेरी क्या मजाल है
ईश्वर पर विश्वास कर जीवन होगा खुशहाल
शंकराचार्य जयंती की शुभकामनाएं!

4.
शंकराचार्य जी की बात का
खुद से कर मनन
अगर सच्चा मार्ग तुमने पा लिया
छू लोगें तुम गगन
शंकराचार्य जी की जयंती पर उनको कोटि कोटि नमन!

5.
वेदांत व उपनिषद व्याख्यता एवं सनातन संस्कृति के सूत्रधार आदि गुरु शंकराचार्य जी की जयंती पर शत्-शत् नमन!

Adi Shankaracharya Jayanti Quotes and Thoughts in Hindi

1. मंदिर वही पहुंचता है जो धन्यवाद देने जाता हैं, मांगने नहीं। -आदि शंकराचार्य जी

2. जिस तरह एक प्रज्वलित दीपक के चमकने के लिए दूसरे दीपक की जरुरत नहीं होती है। उसी तरह आत्मा जो खुद ज्ञान स्वरूप है उसे और किसी ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती है, अपने खुद के ज्ञान के लिए। -आदि शंकराचार्य जी

3. तीर्थ करने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। सबसे अच्छा और बड़ा तीर्थ आपका अपना मन है, जिसे विशेष रूप से शुद्ध किया गया हो। -आदि शंकराचार्य जी

4. अज्ञान के कारण आत्मा सीमित लगती है, लेकिन जब अज्ञान का अंधेरा मिट जाता है, तब आत्मा के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान हो जाता है, जैसे बादलों के हट जाने पर सूर्य दिखाई देने लगता है। -आदि शंकराचार्य जी

5. आनंद उन्हें मिलता है जो आनंद की तलाश नहीं कर रहे होते हैं। -आदि शंकराचार्य जी

6. धन, लोगों, रिश्तों और दोस्तों या अपनी जवानी पर गर्व न करें। ये सब चीजें पल भर में छीन ली जाती हैं। इस मायावी संसार को त्याग कर परमात्मा को जानो और प्राप्त करो। -आदि शंकराचार्य जी

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Sunday, May 12, 2024, 5:30 [IST]
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