Akshaya Tritiya 2023 Niyam: माता लक्ष्मी के क्रोध से बचने के लिए अक्षय तृतीया के दिन न करें ये गलतियां

सनातन धर्म के मानने वाले लोगों के लिए अक्षय तृतीया का दिन बहुत मायने रखता है। पंचांग के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का दिन अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। यह एक ऐसी तिथि है जिसे सीधे शुभता और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किये गए मांगलिक कार्यों के लिए किसी तरह का मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती है। वहीं इस दिन किये गए अच्छे कर्म व दान का अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।

हालांकि इस शुभ दिन पर कुछ नियमों व सावधानियों का ध्यान रखने की भी सलाह दी जाती है। अक्षय तृतीया के दिन जाने-अनजाने में की गयी भूल से माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। अक्षय तृतीया के दिन किसी भी तरह के अशुभ परिणाम से बचने के लिए जानते हैं इस दिन किन कामों की है मनाही।

Akshaya Tritiya Par Kya Na Kare: Never Do These Things on Akha Teej 2023

अक्षय तृतीया के दिन खाली हाथ घर न लौटें
कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि वो घर से तो शॉपिंग करने के लिए निकलते हैं, मगर किसी कारण से बिना कुछ खरीदे ही घर वापस चले जाते हैं। इस दिन ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। सोना या चांदी खरीदने का प्रयास करें। यदि ऐसा कुछ खरीदना संभव न हो तो किसी दूसरे धातु का कोई छोटा-मोटा सामान ही खरीद कर घर ले जाएं।

अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी की अलग-अलग पूजा न करें
अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूरे विधि विधान से पूजा करने का विधान है। इस दिन इनकी पूजा से शुभ फल की प्राप्ति होती है। मगर अखा तीज के दिन किसी भी तरह के नकारात्मक परिणाम से बचने के लिए लक्ष्मी और श्री हरि की अलग लग पूजा न करें।

स्नान किये बिना तुलसी पौधा न छुएं
अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। वो तभी प्रसन्न होते हैं जब उनकी पूजा में तुलसी की पत्तियां चढ़ाई जाए। इस दिन भूल कर भी बिना नहाये तुलसी की पत्तियां न तोड़ें और न ही अपवित्र अवस्था में तुलसी जी को स्पर्श करें। ऐसा करने से भगवान रूठ जाते हैं।

अक्षय तृतीया के दिन क्रोध करने से बचें
अक्षय तृतीया के पूरे दिन अबूझ मुहूर्त रहता है। इस दिन दान-पुण्य और पूजा पाठ करके सकारात्मक माहौल बनाये रखने का प्रयास करना चाहिए। अक्षय तृतीया के दिन व्यक्ति को अपना मन शांत रखना चाहिए। खासतौर से माता लक्ष्मी की पूजा के शांतिपूर्वक और खुश मन से करनी चाहिए। इस दौरान किसी भी बात को लेकर किया गया क्रोध अशुभ परिणाम दे सकता है।

अक्षय तृतीया के दिन नहीं करते जनेऊ संस्कार
अक्षय तृतीया के मौके पर शादी-विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य किये जाते हैं। मगर इस दिन जनेऊ धारण करने की मनाही है। माना जाता है कि अक्ती के दिन जनेऊ संस्कार करने से दुर्भाग्य आता है। इस शुभ कार्य के लिए अक्षय तृतीया तिथि ठीक नहीं मानी जाती है।

अक्षय तृतीया पर्व पर घर में न रखें अंधेरा
किसी भी त्यौहार के लिए कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो जाती हैं। घर की साफ़-सफाई के साथ सजावट का भी इंतजाम किया जाता है। अक्षय तृतीया के दिन भी घर के कोने कोने को रोशन करें। इस दिन घर में अंधेरा करके न रखें अन्यथा माता लक्ष्मी द्वार से ही लौट जाएंगी।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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