अमरनाथ गुफा में 90% तक घटा शिवलिंग, सिर्फ 1 फीट बची ऊंचाई, जानें इसके पीछे की 5 बड़ी वजहें

Amarnath Yatra 2026 Why Shivling Melting Early: 3 जुलाई 2026 से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा को अभी कुछ ही दिन हुए हैं और इतनी जल्दी 90% शिवलिंग पिघल गया है। जी हां, 23 मई को BSF के जवानों ने शिवलिंग की लंबाई की फोटो जारी की थी जिसकी लंबाई 7 फिट थी। इसके बाद 29 जून को लंबाई घटटकर 5 फिट रह गई थी जो अब सिर्फ 1 फिट रह गई है। अभी तो ये यात्रा 28 अगस्त तक चलने वाली है ऐसे में जो यात्री 1 हफ्ते बाद दर्शन करेंगे तो हो सकता है कि उन्हें बाबा बर्फानी के प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन ही न हों। आइए जानते हैं कि इसके पीछे के कौन से 5 बड़े कारण हैं और कैसे बनता है बाबा बर्फानी का ये शिवलिंग?

3 दिनों में 56 हजार यात्रियों ने किए दर्शन

3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा जो पूरे 57 दिन तक चलेगी के 3 दिन बीत चुके हैं। इन तीन दिनों में करीब 56 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन कर लिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार ये आंकड़ा पिछले साल से 18.6 % ज्यादा रहा है। यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को जवानों द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है।

क्यों पिघल रहा है बाबा बर्फानी का शिवलिंग इतनी जल्दी?

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि बाबा बर्फानी का शिवलिंग इतनी जल्दी आखिर क्यों पिघल रहा है। इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है या फिर किसी आपदा का संकेत है। आइए 5 पॉइंट में जानते हैं जवाब।

1. तापमान का अधिक होना

दरअसल, तापमान इतना अधिक बड़ गया है कि बर्फ से बने बाबा बर्फानी का शिवलिंग उस गर्मी की वजह से लगातार तेजी से पिघल रहा है।

2. हवा में बदलाव

जैसे-जैसे तापमान घटने के बजाए बढ़ रहा है गुफा के अंदर की नमी और हवा में भी बदलाव आ रहा है। ये भी शिवलिंग पिघलने की एक वजह है।

3. श्रद्धालुओं की संख्या अधिक बढ़ना

जैसा कि हमने ऊपर ही बता दिया है कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल यात्रा की शुरुआत में ही 18.6 % यात्रियों की संख्या अधिक हुई है। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ की वजह से गुफा में गर्मी बढ़ती है और शिवलिंग तेजी से पिघल रहा है।

4. टपकने वाला पानी जमने के बजाए बह रहा है

जैसे-जैसे तापमान अधिक हो रहा है को अमरनाथ गुफा में टपकने वाला पानी जमने के बजाए बह रहा है। इस वजह से भी शिवलिंग जमने के बजाए पिघल रहा है।

5. कम बर्फबारी भी है वजह

मौसम में बदलाव भी शिवलिंग के पिघलने की एक वजह है। दरअसल, इस बार बर्फबारी कम हो रही है और बारिश ज्यादा जिससे उमस वाला मौसम बन रहा है। ऐसे में गर्म हवा और उमस शिवलिंग पिघलने का एक बड़ा कारण है।

कैसे बनता है बाबा बर्फानी का शिवलिंग

बाबा बर्फानी का शिवलिंग मैन मेड नहीं है बल्कि ये प्राकृतिक तरीके से खुद बनता है। जी हां, यह गुफा की छत से टपकने वाली पानी की बूंदों के लगातार जमने से धीरे-धीरे आकार लेता है। सावन के दौरान यह शिवलिंग अपने पूर्ण स्वरूप में दिखाई देता है, इसलिए इसी समय अमरनाथ यात्रा आयोजित की जाती है।

Story first published: Monday, July 6, 2026, 11:12 [IST]
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