Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 28 March 2026: शनिवार को इन 4 राशियों की पलटेगी किस्मत, जानें मेष से मीन तक भविष्यफल -
Yoga For PCOS: पीसीओएस से परेशान महिलाएं रोज करें ये 5 योगासन, हार्मोन संतुलन में मिलेगी मदद -
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व और पूजा विधि -
अमेरिका में तेजी से फैल रहा कोरोना का नया 'Cicada' वेरिएंट, जानिए लक्षण, कितना खतरनाक और कैसे करें बचाव -
इस दिन झाड़ू खरीदने से घर आती हैं लक्ष्मी, जानें झाड़ू से जुड़े जरूरी वास्तु नियम -
बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में रामबाण हैं ये 5 हरे पत्ते, रोजाना सेवन से हार्ट भी रहेगा हेल्दी -
Navratri Day 9: नवरात्रि के नौवें दिन करें मां सिद्धिदात्री की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Navratri Day 9 Wishes: मां सिद्धिदात्री का आशीष मिले...इन संदेशों से अपनों को दें महानवमी की शुभकामनाएं -
Ram Navami 2026 Wishes Quotes: भए प्रगट कृपाला...इन चौपाइयों के साथ अपनों को दें राम नवमी की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 27 March 2026: जानें आज किन राशियों की चमकेगी किस्मत, किन्हें रहना होगा सावधान
Ashadha Navratri 2024 Bhog: माता रानी का मिलेगा पूरा आशीर्वाद, गुप्त नवरात्रि में चढ़ाएं ये प्रसाद
Ashadha Navratri 2024 Bhog: गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व 6 जुलाई से देश भर में मनाया जाएगा। माता दुर्गा के नौ रूपों की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाएगी। इस दौरान जितना पूजा का महत्व है उतना ही महत्व भोग का भी है।
माना जाता है कि अगर देवी देवताओं को उनकी रुचि के मुताबिक भोग लगाया जाए तो वह बेहद ही प्रसन्न होते हैं और जातक की मनोकामनाएँ बहुत ही जल्द पूर्ण भी होती है। नवरात्रि की नौ देवियों को अलग-अलग नौ शक्तियों का प्रतीक माना जाता है। अगर आप भी अपनी मनोकामनाएँ पूर्ण करना चाहते हैं तो 9 दिनों में माता रानी को 9 अलग-अलग भोग अवश्य लगाएं।

ज्योतिष आचार्याओं के मुताबिक सनातन धर्म में 1 वर्ष में कुल चार नवरात्रि के पावन पर्व मनाए जाते हैं जिसमें से एक आषाढ़ के माह में आने वाली गुप्त नवरात्रि भी शामिल है। तांत्रिक साधना एवं बैगाओं के लिए यह नवरात्रि बहुत ही खास मानी जाती है।
गुप्त नवरात्रि के दौरान तांत्रिक विशेष मंत्र तंत्र का उपयोग करते हैं जिससे जातक देवी का विशेष आशीर्वाद और कृपा भी प्राप्त करते हैं। हालांकि ज्यादातर लोग माता दुर्गा की पूजा अर्चना करते हैं। पूजा पाठ के साथ भोग का भी बहुत ही अधिक महत्व है। देवी देवताओं को उनकी रुचि के मुताबिक अवश्य भोग लगाना चाहिए।
नवरात्रि में देवियों को लगाएं अलग-अलग भोग
* आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री की विशेष विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। लेकिन तांत्रिक साधना के लिए काली देवी की पूजा की जाती है। इस दौरान माँ काली को घी से बने मिष्ठान का भोग लगाएं।
* दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है लेकिन तांत्रिक साधना के मुताबिक माँ तारा की पूजा होती है। इसमें दूध से निर्मित मिठाई का भोग लगाएं।
* वैसे तो तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की जाती है लेकिन तांत्रिक साधना में त्रिपुरा सुंदरी की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन माता रानी को पंचामृत का भोग लगाएं।
* चतुर्थ दिन माँ कुष्मांडा देवी की विशेष विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है लेकिन तांत्रिक साधना में चौथे दिन भुनेश्वरी देवी की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन माँ भुवनेश्वरी को मालपुए का भोग लगाना चाहिए।
* नवरात्रि के पंचम दिन माँ स्कंद माता की पूजा अर्चना की जाती है लेकिन तांत्रिक साधना के लिए माता छीनमस्तीका की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन माता छीनमस्तिका को केले का भोग अवश्य लगाएं।
* छठवें दिन माँ कात्यायनी की विशेष विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है लेकिन तांत्रिक साधना के मुताबिक छठवें दिन माता त्रिपुरा देवी की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन गुड से निर्मित मिठाई का भोग अवश्य लगाना चाहिए।
* सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा अर्चना की जाती है लेकिन तांत्रिक साधना में माता धूमावती देवी की पूजा आराधना की जाती है। इस दिन मीठे पानी या शरबत का भोग लगाना चाहिए।
* नवरात्र की अष्टमी का बहुत ही अधिक महत्व होता है। आठवें दिन महागौरी की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है लेकिन तांत्रिक साधना के मुताबिक माता बगलामुखी देवी की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन नारियल के बने लड्डू का भोग लगाना माता रानी की रुचि अनुसार बहुत ही अच्छा साबित होता है।
* नौवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की जाती है लेकिन तांत्रिक साधना में मातंगी देवी की पूजा आराधना की जाती है। इस दिन केसर का भोग लगाना चाहिए इससे साधक की संपूर्ण मनोकामनाएँ पूर्ण होगी।
* अंतिम दिवस यानी दसवें दिन माता कमला की पूजा अर्चना की जाती है इस दिन खीर, पूरी, हलवे का भोग लगाना चाहिए। इससे व्यक्ति के जीवन में आ रही सारी बाधाएँ दूर हो जाएगी।
गुप्त नवरात्रि न सिर्फ तांत्रिक साधनाओं के लिए बल्कि सभी भक्तजन के लिए भी बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। आम भक्त भी 9 दिनों तक माता देवी की नौ रूपों की पूजा अर्चना करके भोग लगा सकते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications










