Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
Magh Bihu 2024: जानें किस दिन मनाया जाएगा माघ बिहू का उत्सव, इस दिन से जुड़ी परम्पराएं हैं ख़ास
Magh Bihu 2024: एक साल में 3 बार बिहू का पर्व मनाया जाता है। यह असम के सबसे प्रमुख पर्वों में से एक है, हालांकि यह भारत के कई अन्य क्षेत्रों में भी मनाया जाता है। साल का पहला बिहू माघ बिहू होता है जनवरी माह में आता है। जनवरी के अलावा बिहू का पर्व अप्रैल और अक्टूबर माह में भी मनाया जाता है। जानते हैं माघ बिहू की तिथि, महत्व और परम्परा के बारे में विस्तार से -
माघ बिहू 2024 तिथि
इस वर्ष माघ बिहू का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। माघ बिहू का उत्सव एक सप्ताह तक मनाया जाता है। यह त्यौहार नई फसल की कटाई के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। एक हफ्ते तक लग अलग लोक उत्सव और पारंपरिक खेल आयोजित किये जाते हैं।

माघ बिहू से जुड़ी परंपरा
अलग अलग क्षेत्रों में इस पर्व से जुड़ी अलग अलग परम्पराएं हैं। माघ बिहू के पहले दिन लोग बांस और घास-फूस का घर (झोपड़ी) तैयार करते हैं, जिसे मेजी या भेलघर कहा जाता है। रात में लोग आग जलाकर उसके आसपास इकट्ठा होकर कई तरह के पकवान बनाते हैं जिसे 'उरुका' कहते हैं। इस दिन सूर्य देवता की भी विशेष रूप से पूजा की जाती है।
माघ बिहू का महत्व
माघ बिहू के समय पर ही देश के विभिन्न क्षेत्रों में लोहड़ी, मकर संक्रांति और बिहू जी त्यौहार भी मनाये जाते हैं। ये सभी पर्व नई फसल के उत्सव के तौर पर ही मनाये जाते हैं। निहु को पहले बिशू कहा जाता था। 'बि' मतलब पूछना और 'शु' अर्था पृथ्वी में 'शांति और समृद्धि, अर्थात बिहू का अर्थ पूछना और देना। इस दिन विभिन्न तरह के परंपरागत पकवान भगवान को भोग में दिए जाते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications