Latest Updates
-
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम
Magh Bihu 2024: जानें किस दिन मनाया जाएगा माघ बिहू का उत्सव, इस दिन से जुड़ी परम्पराएं हैं ख़ास
Magh Bihu 2024: एक साल में 3 बार बिहू का पर्व मनाया जाता है। यह असम के सबसे प्रमुख पर्वों में से एक है, हालांकि यह भारत के कई अन्य क्षेत्रों में भी मनाया जाता है। साल का पहला बिहू माघ बिहू होता है जनवरी माह में आता है। जनवरी के अलावा बिहू का पर्व अप्रैल और अक्टूबर माह में भी मनाया जाता है। जानते हैं माघ बिहू की तिथि, महत्व और परम्परा के बारे में विस्तार से -
माघ बिहू 2024 तिथि
इस वर्ष माघ बिहू का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। माघ बिहू का उत्सव एक सप्ताह तक मनाया जाता है। यह त्यौहार नई फसल की कटाई के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। एक हफ्ते तक लग अलग लोक उत्सव और पारंपरिक खेल आयोजित किये जाते हैं।

माघ बिहू से जुड़ी परंपरा
अलग अलग क्षेत्रों में इस पर्व से जुड़ी अलग अलग परम्पराएं हैं। माघ बिहू के पहले दिन लोग बांस और घास-फूस का घर (झोपड़ी) तैयार करते हैं, जिसे मेजी या भेलघर कहा जाता है। रात में लोग आग जलाकर उसके आसपास इकट्ठा होकर कई तरह के पकवान बनाते हैं जिसे 'उरुका' कहते हैं। इस दिन सूर्य देवता की भी विशेष रूप से पूजा की जाती है।
माघ बिहू का महत्व
माघ बिहू के समय पर ही देश के विभिन्न क्षेत्रों में लोहड़ी, मकर संक्रांति और बिहू जी त्यौहार भी मनाये जाते हैं। ये सभी पर्व नई फसल के उत्सव के तौर पर ही मनाये जाते हैं। निहु को पहले बिशू कहा जाता था। 'बि' मतलब पूछना और 'शु' अर्था पृथ्वी में 'शांति और समृद्धि, अर्थात बिहू का अर्थ पूछना और देना। इस दिन विभिन्न तरह के परंपरागत पकवान भगवान को भोग में दिए जाते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
