Parivartini Ekadashi Vrat During Periods: पीरियड्स में रख सकते हैं परिवर्तिनी एकादशी व्रत? जानें नियम

Parivartini Ekadashi Vrat During Periods: हिंदू धर्म में वैसे तो हर व्रत और पूजा का बहुत महत्व होता है। मगर एकादशी व्रत सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। साल में 24 एकादशी आती हैं एक शुक्ल पक्ष में तो एक कृष्ण पक्ष में। 3 सितंबर 2025, दिन बुधवार को परिवर्तनी एकादशी है जो बहुत अधिक महत्व रखती है। माना जाता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से सारे पापों से मुक्ति मिलती है और रोग-दोष दूर होते हैं। महिलाओं के लिए एकादशी व्रत रखते समय सबसे ज्यादा दुविधा तब आती है जब उन्हें पीरियड्स आ जाते हैं।

ऐसे में वो समझ नहीं पाती हैं कि वो व्रत रख सकती हैं या नहीं। आज हम इस आर्टिकल में आपको यही बताने जा रहे हैं कि एकादशी व्रत में या उससे पहले मासिक धर्म आ जाए तो क्या करें। अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने भी इस बारे में बताया है। ये भी जानते हैं कि परिवर्तनी एकादशी व्रत कब है और इसका क्या महत्व है।

Parivartini Ekadashi Vrat During Periods

कब है परिवर्तनी एकादशी?

परिवर्तनी एकादशी व्रत भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आता है। ऐसे में व्रत 3 सितंबर 2025, दिन बुधवार को रखा जाएगा। इस व्रत का पारण 4 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर होगा। परिवर्तनी एकादशी को पार्ष्व एकादशी भी कहा जाता है।

पीरियड्स में परिवर्तनी एकादशी व्रत रखें या नहीं?

हर महिला के लिए ये सबसे बड़ा सवाल है कि एकादशी व्रत पीरियड्स के दौरान रख सकते हैं या नहीं। अनिरुद्धाचार्य जी महाराज से इस बारे में एक महिला ने पूछा कि क्या महिलाएं मासिक धर्म में एकादशी व्रत रख सकती हैं या नहीं? इस पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि अगर आपने व्रत रखा और दिन में पीरियड्स आ गए तो इससे व्रत खंडित नहीं होता है। आप लोग भोजन के रूप में सात्विक खाना और फल खा सकते हैं।

इन नियमों का करें पालन

महाराज जी ने बताया कि पीरियड्स के दौरान एकादशी व्रत रख सकते हैं लेकिन कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। ऐसे में जरूरी है कि न तो पूजा करें और न ही पूजा के स्थान पर जाएं। इस दौरान महिलाएं पूजा की वस्तुएं छुएं भी नहीं। हां, दूर बैठकर कथा सुन सकती हैं लेकिन जल न चढ़ाएं और तुलसी से दूर रहें।

Story first published: Tuesday, September 2, 2025, 9:20 [IST]
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