Latest Updates
-
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व
Chaitra Navratri 2024 Day 8: अष्टमी तिथि पर होता है महागौरी का पूजन, देखें मुहूर्त, मंत्र कथा व आरती
Chaitra Navratri 2024 Day 8: 16 अप्रैल, मंगलवार को नवरात्रों का आठवां दिन है। कई भक्त आठवें दिन ही कन्या पूजन करके नवरात्रों का अंत करते हैं, ल्रेकिन अधिकतर लोग नवमी पर पूजन करते हैं।
नवरात्रों का आठवां दिन देवी महागौरी को समर्पित होता है। महा का शाब्दिकअर्थ है 'बहुत' और गौरी का अर्थ है 'उज्ज्वल', अर्थात् जो अत्यंत उज्ज्वल हो। मां का स्वरुप चतुर्भुजी है जिसमें एक हाथ वर मुद्रा में, एक अभय मुद्रा, एक हाथ में त्रिशूल और एक हाथ में डमरू होता है।
महागौरी की अराधना से व्यक्ति को तेज और उज्जवलता प्राप्त होती है। वहीं मनचाहे जीवनसाथी की मनोकामना भी पूरी होती है। इसके साथ ही वैवाहिक जीवन भी सुखी रहता है। जानते हैं अष्टमी के दिन महागौरी की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा मंत्र एवं आरती -

माता महागौरी की पूजा का शुभ मुहूर्त (Ashtami Puja Ka Shubh Muhurat)
नवरात्रि के आठवें दिवस पर महा अष्टमी मनाई जाती है और माँ महागौरी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस वर्ष चैत्र शुक्ल की अष्टमी तिथि 15 अप्रैल 2024 को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से प्रारंभ होकर इसके अगले दिन 16 अप्रैल 2024 दोपहर 01 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। ऐसे में मुख्य रूप से महा अष्टमी 16 अप्रैल को मनाई जाएगी।
महागौरी पूजा मंत्र (Mahagauri Puja Ka Mantra)
श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:
या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।
ॐ देवी महागौर्यै नमः
महागौरी की कथा (Mahagauri Ki Katha)
मां दुर्गा के आठवे रूप की कथा के अनुसार, देवी मां ने महादेव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की। कड़ी तपस्या के दौरान मां हजारों वर्षों तक निराहार रहीं, इस वजह से इनका शरीर काला पड़ गया था। जब मां के कठोर तप से भगवान शिव प्रसन्न हुए तो उन्होंने मां को पत्नी के रूप में स्वीकार किया और इनके शरीर को गंगा के पवित्र जल से धोकर अत्यंत कांतिमय बना दिया। महादेव की कृपा से इनका काला रंग गौर वर्ण जैसा हो गया। इसके बाद मां पार्वती के इस स्वरूप को महागौरी के नाम से जाना गया।
महागौरी आरती (Mahagauri Mata Ki Aarti)
जय महागौरी जगत की माया .
जय उमा भवानी जय महामाया ॥
हरिद्वार कनखल के पासा .
महागौरी तेरा वहा निवास ॥
चंदेर्काली और ममता अम्बे
जय शक्ति जय जय मां जगदम्बे ॥
भीमा देवी विमला माता
कोशकी देवी जग विखियाता ॥
हिमाचल के घर गोरी रूप तेरा
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा ॥
सती 'सत' हवं कुंड में था जलाया
उसी धुएं ने रूप काली बनाया ॥
बना धर्म सिंह जो सवारी मै आया
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया ॥
तभी मां ने महागौरी नाम पाया
शरण आने वाले का संकट मिटाया ॥
शनिवार को तेरी पूजा जो करता
माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता ॥
"चमन' बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो
महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो ॥
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications