Latest Updates
-
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम
Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के पहले दिन कैसे करें घटस्थापना? जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूरी विधि
Chaitra Navratri 2026 Kalash Sthapana Vidhi: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है। यह पर्व माता दुर्गा की पूजा और भक्ति का प्रतीक है। नवरात्र के नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और घरों तथा मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना की जाती है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घटस्थापना के बाद ही नवरात्रि की पूजा पूजा अनुष्ठान का आरंभ माना जाता है। इसलिए इसे सही मुहूर्त और विधि से करना बहुत जरूरी माना जाता है। ऐसे में, आइए जानते हैं चैत्र नवरात्र 2026 में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, कलश स्थापना की सही विधि और पूजा से जुड़े जरूरी नियमों के बारे में विस्तार से -

चैत्र नवरात्रि 2026 घटस्थापना मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। साल 2026 में यह तिथि 19 मार्च को सुबह लगभग 6 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर 20 मार्च की सुबह तक रहेगी। उदयातिथि को ध्यान में रखते हुए इस बार घटस्थापना 19 मार्च को ही की जाएगी। इस दिन कलश स्थापना के लिए दो शुभ समय बताए गए हैं। पहला मुहूर्त सुबह 06 बजकर 52 मिनट से 8 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा, अभिजित मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है। यह मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार इन दोनों में से किसी भी समय पर घटस्थापना कर सकते हैं।
घटस्थापना के लिए कलश कैसे तैयार करें?
नवरात्रि के दौरान कलश को सृष्टि और पवित्र ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसके लिए सबसे पहले एक चौड़ा मिट्टी का बर्तन लें। उसमें साफ मिट्टी की एक परत बिछाएं और ऊपर जौ के कुछ दाने डाल दें। इसके बाद फिर हल्की मिट्टी डालकर दोबारा थोड़ा जौ छिड़क दें और अंत में मिट्टी से ढक दें। अब इस पर हल्का पानी छिड़क दें, जिससे जौ धीरे-धीरे अंकुरित होने लगें। यह प्रक्रिया नवरात्र में शुभ मानी जाती है।
कलश स्थापना की विधि
कलश स्थापना के लिए के लिए मिट्टी या तांबे का एक कलश लें और उसमें साफ पानी या गंगाजल भर दें।
इसके बाद कलश के गले में मौली या कलावा बांधें और सामने रोली या कुमकुम से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं।
फिर कलश के ऊपर आम या अशोक के पांच पत्ते रखें।
अब एक नारियल को लाल कपड़े या चुनरी में लपेटकर उस पर कलावा बांध दें और उसे पत्तों के ऊपर इस तरह रखें कि नारियल का मुख ऊपर की ओर रहे। इसके बाद इस कलश को जौ वाले पात्र के बीच में स्थापित कर दें।
पूजा के समय करें देवी-देवताओं का स्मरण
घटस्थापना के बाद पूजा की शुरुआत सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करके की जाती है। इसके बाद माता दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं का आह्वान किया जाता है, भक्त प्रार्थना करते हैं कि मां दुर्गा पूरे नवरात्र के दौरान इस कलश में विराजमान रहें और अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखें।
कलश पूजन कैसे करें?
कलश स्थापना के बाद उसकी विधिवत पूजा करें। इसके लिए सबसे पहले कलश पर तिलक लगाकर अक्षत और फूल अर्पित करें।
इसके बाद फल, मिठाई और प्रसाद चढ़ाएं।
पूजा के अंत में दीपक और धूप जलाकर माता दुर्गा की आरती करें और उनसे घर-परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करें।



Click it and Unblock the Notifications
