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पीरियड्स के दौरान छठ पूजा व्रत कर सकते हैं या नहीं? आप भी जान लें क्या कहते हैं नियम
Periods Me Chhath Puja Kaise Kare: 25 अक्टूबर 2025 यानी आज से छठ पूजा की शुरुआत हो रही है जो पूरे 4 दिन का पर्व होता है जिसमें 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है। छठ पूजा सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था, शुद्धता और मातृत्व की भावना का प्रतीक है। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश की यह परंपरा सूर्य देव और छठी मैया की उपासना के माध्यम से जीवन में प्रकाश, समृद्धि और संतान-सुख की कामना से जुड़ी है। इस व्रत में हर नियम और रीति अत्यंत पवित्र मानी जाती है।
लेकिन कई महिलाओं के मन में एक सवाल हमेशा रहता है क्या पीरियड्स के दौरान छठ व्रत किया जा सकता है? क्या ऐसे समय में पूजा या प्रसाद बनाने की अनुमति है? धर्मशास्त्रों में शुद्धता, संयम और श्रद्धा के विशेष नियम बताए गए हैं जिन्हें हर व्रती महिला को जानना जरूरी है। आइए जानते हैं छठ पूजा के वे 5 प्रमुख नियम जो हर महिला को पता होने चाहिए, ताकि व्रत हो पूर्ण, पुण्यफल मिले अधिकतम और श्रद्धा बनी रहे शुद्धता के साथ।
1. क्या पीरियड्स में छठी मैया का व्रत रख सकते हैं?
छठ पूजा से पहले आपको पीरियड्स आ गए हैं या फिर इस दौरान आने वाले हैं तो आप ये जान लें कि मासिक धर्म के दौरान छठी मैया का व्रत रखा जा सकता है लेकिन आप पूजा नहीं कर सकते। अगर आपने व्रत शुरू कर दिया है तो उसे बीच में नहीं छोड़ सकते हैं।

2. क्या पूजा कर सकते हैं?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान छठ पूजा का व्रत रखा जा सकता है। मगर उसके कुछ नियम हैं जैसे कि इस दौरान पूजा की किसी भी सामग्री को हाथ नहीं लगाना है। न ही पूजन सामग्री के नजदीक जाना है और न ही अन्य व्रति लोगों को छूना है।
3. क्या पीरिड्स में अर्घ दे सकते हैं
छठ पूजा के व्रत में सबसे अहम होता है ढलते सूरज और उगते सूरज को अर्घ देना। मगर मासिक धर्म के दौरान आप न तो ढलते सूरज को अर्घ दे सकते हैं और न ही उगते सूरज को अर्घ दे सकते हैं। शास्त्रों में एक नियम है कि मासिक धर्म वाली महिला की जगह कोई अन्य घर का सदस्य सूर्य को अर्घ दे सकता है। हां इस बात का ध्यान रखें जो अर्घ दे रहा हो वो सात्विक भोजन खाए और शुद्धता का खास ध्यान रखे।
4. पीरियड्स में पानी में खड़े होकर प्रार्थना कर सकते हैं
बता दें कि छठ पूजा में सूर्यदेव को जल में खड़ा रहकर अर्घ्य दिया जाता है। मगर मासिक धर्म के दौरान महिला अर्घ्य तो दे नहीं सकती लेकिन वो जल में खड़े रहकर पार्थना कर सकती हैं और सूर्य मंत्र का जाप करते हुए छठी मैया की अराधना कर सकती हैं।
5. पीरियड्स में नहीं इस्तेमाल कर सकते सेनेटरी पैड्स
एक बिहारी महिला से पीरियड्स में छठ का व्रत करने के नियम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मासिक धर्म के दौरान महिला व्रत तो कर सकती है लेकिन उस दौरान उसे सेनेटरी पैड लगाने की मनाही होती है। हालांकि ये सुनने में थोड़ा अटपटा लग रहा होगा लेकिन ये सत्य है।



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