Latest Updates
-
Mother Day 2026: सलाम है इस मां के जज्बे को! पार्किंसंस के बावजूद रोज 100 लोगों को कराती हैं भोजन -
Aaj Ka Rashifal 08 May 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्यशाली अंक और रंग -
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट
Easter 2023: जानिए ईस्टर संडे पर क्यों किए जाते हैं अंडे गिफ्ट, क्या है इसका ईसा मसीह से संबंध
गुड फ्राइडे के दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ा दिया गया था। इस दिन प्रभु यीशु ने मानव जाति के कल्याण के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। बाइबल के अनुसार यीशु को कई सारी यातनाएं देने के बाद क्रॉस पर चढ़ा दिया गया था वह शुक्रवार का दिन था।
कहते हैं गुड फ्राइडे के तीसरे दिन यानी रविवार को ईसा मसीह फिर से जीवित हो गए थे। यही वजह है कि ईसाई धर्म के लोगों के लिए ईस्टर संडे का विशेष महत्व होता है। गुड फ्राइडे के दिन लोग प्रभु के बलिदान को याद कर उनकी मृत्यु का शोक मनाते हैं तो वहीं ईस्टर संडे के दिन ईसा मसीह के पुनर्जीवित होने की खुशियां मनाई जाती हैं।

ईस्टर 2023 की तारीख
इस बार ईस्टर संडे 9 अप्रैल को है। क्रिसमस के अलावा ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए ईस्टर सबसे बड़ा पर्व होता है। इन दोनों ही त्योहारों को ईसा मसीह के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है कि दोबारा जन्म लेने के बाद प्रभु यीशु पूरे 40 दिन तक धरती पर ही थे। आइए इस पर्व से जुड़ी कुछ खास बातें आपको बताते हैं।
ईस्टर संडे की कथा
बाइबल में इस बात का उल्लेख है कि हजारों साल पहले शुक्रवार के दिन ईसाह मसीह को यरुशलम की पहाड़ियों पर सूली पर चढ़ाया गया था। तब चारों ओर शोक की लहर दौड़ गई थी। रविवार के दिन एक महिला ने आकर यीशु के अनुयायियों को यह खुशखबरी दी कि वह फिर से लौट आए हैं। उसने सबको बताया कि वह प्रार्थना करने के लिए प्रभु की कब्र पर गई तो कब्र का पत्थर स्थान पर नहीं था और प्रभु का पार्थिव शरीर भी वहां से गायब था। इतने में एक देवदूत ने आकर उस महिला को बताया कि ईसा मसीह फिर से जीवित हो गए हैं और वह उसके आसपास ही कहीं हैं। तभी प्रभु वहां प्रकट हुए और उन्होंने उस महिला को यह बात सबको बताने के लिए कही और वहां से अदृश्य हो गए।
धर्म और शांति का पढ़ाया पाठ
कहा जाता है कि पुनर्जीवित होने के बाद प्रभु यीशु 40 दिन तक पृथ्वी पर रहें और उन्होंने अपने शिष्यों को मानवता की भलाई करने और सच्ची राह पर चलने के उपदेश दिए। उन्होंने लोगों को धर्म, कर्म और शांति का पाठ पढ़ाया। 40 दिनों के बाद प्रभु ने स्वर्ग के लिए प्रस्थान किया था। यही वजह है कि ईस्टर का त्योहार ईसाई धर्म के लोग पूरे 40 दिनों तक मनाते हैं। आधिकारिक तौर पर यह पर्व पूरे 50 दिनों तक मनाया जाता है।
ऐसे मनाते हैं ईस्टर
ईस्टर का त्यौहार पूरी दुनिया में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन चर्चों को खूब सजाया जाता है। इसके अलावा मोमबत्तियां जलाकर चारों तरफ रोशनी की जाती है। लोग अपने घरों पर भी मोमबत्तियां जलाते हैं। ईस्टर के दिन बाइबल का विशेष रूप से पाठ किया जाता है। लोग एक दूसरे को बधाई देते हैं और और जश्न मनाते हैं।
अंडो का है खास महत्व
ईस्टर संडे पर लोग एक दूसरे को अंडे तोहफे में दिए जाते हैं। इस दिन अंडों को खूब अच्छी तरह से सजाया जाता है। इस धर्म के लोगों का यह मानना है कि अंडे नए जीवन की शुरुआत का संदेश देते हैं, इसलिए ईस्टर संडे को अंडे गिफ्ट करना शुभ माना जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications