Latest Updates
-
Meat Lentil Combo Dal Gosht Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद -
किस समय जन्मा बच्चा होता है भाग्यशाली? टाइम ऑफ बर्थ से जानें कितना लकी है आपका बेबी -
Crispy Corn Snack Makki Tikki Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी कुरकुरी टिक्की -
क्या E20 पेट्रोल मीठा होता है? जानें सिक्किम के वायरल वीडियो में पेट्रोल टैंक पर क्यों टूट पड़ीं चींटियां -
प्रेग्नेंसी में आम खाना चाहिए या नहीं? जानें इसके फायदे, नुकसान और खाने का सही तरीका -
Telegram Ban in India: NEET परीक्षा से पहले सरकार ने क्यों उठाया यह बड़ा कदम? जानें फायदे और नुकसान -
Chef's Secret Method Chicken Biryani Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी लजीज बिरयानी -
Muharram 2026: मुहर्रम कब है? 16 या 17 जून, जानें भारत में कब दिखेगा नया चांद और क्या है इसका महत्व -
सांतवा बड़ा मंगल आज: हनुमान जी की कृपा पाने के लिए तुरंत करें ये 5 महाउपाय, दूर होंगे सभी संकट और कर्ज -
International Day of Family Remittances 2026: आज के दिन क्यों मनाते है अंतर्राष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस
Jagannath Rath Yatra 2023: इस दिन से शुरू होगी जगन्नाथ रथ यात्रा, जानिए इसका महत्व और कई रहस्यमयी बातें
हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन हर साल भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है। जगन्नाथ रथ यात्रा हिंदू धर्म के लोगों के प्रमुख त्योहारों में से एक है।
इस भव्य रथ यात्रा की तैयारियां कई दिनों पहले से शुरू हो जाती है। साल 2023 में यह रथ यात्रा 20 जून 2023, मंगलवार के दिन निकाली जाएगी। वैसे तो पूरे भारत के अलग अलग हिस्सों में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है लेकिन उड़ीसा के पुरी में इसका आयोजन सबसे शानदार तरीके से किया जाता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि यहां जगन्नाथ पूरी मंदिर है जो चार धाम में से एक है। यह त्योहार पूरे 10 दिनों तक मनाया जाता है। इस रथ यात्रा पर्व से कई धार्मिक और पौराणिक कथाएं व मान्यताएं जुड़ी हैं। प्रत्येक वर्ष लोग पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ यह त्योहार मनाते हैं। कहते इस यात्रा के पहले भगवान जगन्नाथ पूरे 15 दिनों के लिए बीमार पड़ते हैं।
इस दौरान वे एकांत में विश्राम करते हैं और उनका इलाज भी किया जाता है। इस दौरन दर्शनार्थियों के लिए भी भगवान के कक्ष का कपाट बंद कर दिया जाता है।15 दिनोँ के बाद जब वे ठीक हो जाते हैं तो इस यात्रा पर निकलते हैं। यह प्रथा प्राचीन काल से चली आ रही है। भगवान जगन्नाथ श्री कृष्ण का ही एक रूप हैं।
जगन्नाथ रथ यात्रा 2023: तिथि और यात्रा का समय
19 जून को सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत होगी। 20 जून को दोपहर 1 बजकर 07 मिनट पर यह तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा 20 जून 2023, मंगलवार के दिन निकाली जाएगी। इस दिन रात्रि 10 बजकर 04 मिनट पर यह यात्रा शुरू होगी। इस रथ यात्रा का समापन 1 जुलाई, 2023,शनिवार को होगा।
जगन्नाथ रथ यात्रा 2023: क्यों निकाली जाती है रथ यात्रा?
भगवान जगन्नाथ की इस रथ यात्रा से जुड़ी कई मान्यताएं हैं। एक मान्यता के अनुसार गुंडिचा मंदिर भगवान की मौसी का घर है। अपनी इस यात्रा में जगन्नाथ जी अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर जाते हैं। यहां वे पूरे एक हफ्ते तक रुकते हैं और उनकी खूब खातिरदारी होती है। भगवान को नारियल, मालपुए, लाई, गजामूंग आदि के महाप्रसाद का भोग लगाया जाता है। इस अवधि में भगवान जगन्नाथ के दर्शन को आड़प-दर्शन कहा जाता है।
जगन्नाथ रथ यात्रा 2023: ऐसे बनती है भगवान की प्रतिमा
भगवान प्रतिमाएं हर साल नहीं बदली जाती है। यह प्रतिमाएं सिर्फ उस साल बदली जाती हैं जिस साल आषाढ़ का अधिक मास आता है। यह योग लगभग 19 साल में एक बार बनता है। इसे नव-कलेवर कहते हैं। मूर्ति बनाने के लिए पेड़ चुनने से पहले कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।
भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा जी की मूर्तियों का निर्माण नीम की लकड़ी से ही किया जाता है। चूंकि भगवान का रंग सांवला है, इसलिए पेड़ भी ऐसे ही रंग का होना चाहिए। इसके अलावा पेड़ के नजदीक तालाब, श्मशान और चीटियों की बांबी होना चाहिए। पेड़ की जड़ में सांप का बिल भी होना जरूरी होता है। नीम का पेड़ किसी तिराहे के पास हो या फिर तीन पहाड़ों से घिरा हुआ होना चाहिए। पेड़ के पास वरूण, सहादा और बेल का वृक्ष भी होना अनिवार्य है।
मूर्तियां बदलने के दौरान मंदिर की बिजली काट दी जाती है। पुजारी हाथों में दस्ताने पहनते हैं और अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर ही मूर्तियां बदलते हैं। जब भगवान की पुरानी प्रतिमाएं हटाकर नई प्रतिमाएं स्थापित किए जाते हैं तो वहां पुजारियों के अलावा किसी और के रुकने पर मनाही होती है।
जगन्नाथ रथ यात्रा का महत्व
इस भव्य यात्रा में हर साल लाखों लोग हिस्सा लेते हैं और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। माना जाता है कि इस रथ यात्रा में भाग लेने वाले भक्तों पर जगन्नाथ जी की विशेष कृपा बरसती है। कहते हैं रथ खींचने वाले लोगों के जाने अंजाने में किए हुए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सुख शांति बनी रहती है। 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में लोग भगवान की भक्ति में डूबे रहते हैं।



Click it and Unblock the Notifications