Latest Updates
-
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर -
Rudrabhishek Vidhi: घर पर शिव जी का रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम -
Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर करें ये 5 सरल उपाय, कालसर्प दोष से मिलेगी राहत
Jaya Kishori Quotes: संस्कारों से बनता है इंसान, न कि केवल डिग्रियों से, जया किशोरी ने शेयर किए अपने विचार
Inspirational messages by Jaya Kishori : आज के समय में जिस तरह की अमानवीय घटनाएं सामने आ रही हैं, उन्होंने समाज में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि पढ़े-लिखे और समझदार माने जाने वाले लोग इस तरह के क्रूर कदम कैसे उठा सकते हैं? आमतौर पर पढ़ाई-लिखाई को सफलता और अच्छे इंसान बनने का पैमाना माना जाता है, लेकिन जया किशोरी, जो युवाओं की प्रेरणा हैं, इस धारणा को चुनौती देती हैं।
उनका मानना है कि इंसान की अच्छाई और उसका चरित्र केवल डिग्रियों से नहीं, बल्कि उसके संस्कारों से तय होता है। उनका यह विचार आज के समाज के लिए आईना है, जहां शिक्षित परिवारों में भी असंस्कारी और अमानवीय व्यवहार देखने को मिल रहा है।
संस्कारों को शिक्षा से ऊपर रखते हुए, जया किशोरी ने समाज के लिए कुछ गहरी और प्रेरणादायक बातें साझा की हैं, आइए पढ़ते हैं उनके अनमोल विचार।

जया किशोरी का मोटिवेशनल विचार (Jaya Kishori Motivational Quotes)
जया किशोरी का कहना है,
"कोई भी सिर्फ पढ़ने-लिखने से इंसान नहीं हो जाता, ऊंचे पद पर बैठने से नहीं हो जाता है, अच्छे संस्कारों से होता है।"
यह विचार आज की पीढ़ी के लिए एक आईना है, जो यह मान बैठी है कि सिर्फ डिग्री और नौकरी ही जीवन की सफलता है।
वह कहती हैं कि आज के माता-पिता यह सोचते हैं कि बच्चों को अच्छे स्कूल में भेज देने से वे सबकुछ सीख जाएंगे। लेकिन सच्चाई यह है कि असली शिक्षा घर से शुरू होती है। माता-पिता का व्यवहार, घर का माहौल और बड़ों का आदर करना-यही बच्चे सबसे पहले सीखते हैं और यही उनके चरित्र की नींव बनते हैं।
जया किशोरी का कहना है : घर का माहौल, माता-पिता का व्यवहार, और बुजुर्गों का आदर सिखाना ही बच्चों को अच्छे इंसान बनने की दिशा में ले जाता है।
हम देखते हैं कि कई बार ऐसे अमानवीय कृत्य उन परिवारों में होते हैं, जो संपन्न और शिक्षित होते हैं। वहीं दूसरी ओर, कई गरीब या अशिक्षित परिवारों में भी गहरी संवेदनशीलता, आपसी प्रेम और नैतिकता देखने को मिलती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वहां बच्चों को शुरुआत से ही मेहनत, मर्यादा और मानवीय मूल्यों की सीख दी जाती है।
जया किशोरी का संदेश यह है कि शिक्षा तब ही सार्थक है जब वह संस्कारों से जुड़ी हो। डिग्री मिल जाने से कोई व्यक्ति सफल या महान नहीं बनता, जब तक उसमें करुणा, सहानुभूति, और मानवीय सोच न हो।
वह यह भी कहती हैं कि यदि हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी सच में बेहतर इंसान बने, तो उन्हें केवल किताबों का ज्ञान नहीं, संस्कारों की शिक्षा भी देनी होगी। स्कूल ज्ञान दे सकता है, लेकिन संस्कार देना परिवार की जिम्मेदारी है।
जया किशोरी का संदेश
"असल सफलता तब है जब आप अच्छे इंसान बनें, जिसमें संवेदना हो, संयम हो और दूसरों के लिए आदर हो।"
इसलिए, अगर हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी सच में बेहतर हो, तो हमें उन्हें केवल पढ़ाई ही नहीं, संस्कारों की भी शिक्षा देनी होगी। यही जया किशोरी का संदेश है - सरल, सच्चा और समय के अनुसार बेहद जरूरी।
आज की विचलित करने वाली घटनाओं के बीच यह संदेश बेहद मानवीय और करुणामय प्रतीत होता है।



Click it and Unblock the Notifications