Latest Updates
-
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी
Mahakumbh 2025: बसंत पंचमी पर होगा चौथा अमृत स्नान, जानें इससे होने वाले फायदे
Mahakumbh 2025: महाकुंभ में अमृत स्नान (शाही स्नान) का विशेष महत्व होता है। यह स्नान धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है।
महाकुंभ 2025 में कुल 6 शाही स्नान होंगे, जिनमें से दो पहले ही पूरे हो चुके हैं। अगला अमृत स्नान मौनी अमावस्या पर होगा, जबकि चौथा शाही स्नान बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आयोजित किया जाएगा।

बसंत पंचमी का महत्व
बसंत पंचमी माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह दिन ज्ञान, विद्या, और संगीत की देवी मां सरस्वती के अवतरण दिवस के रूप में जाना जाता है। इस दिन लोग त्रिवेणी संगम में स्नान कर विशेष विधि-विधान से माता सरस्वती की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इससे ज्ञान, कला, और संगीत के क्षेत्र में अपार सफलता प्राप्त होती है।
बसंत पंचमी और महाकुंभ 2025
महाकुंभ 2025 में बसंत पंचमी के दिन चौथा अमृत स्नान होगा। यह दिन बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है, जब प्रकृति रंग-बिरंगे फूलों से सज जाती है। इस अवसर पर श्रद्धालु गंगा, यमुना, और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करते हैं। माना जाता है कि इस दिन स्नान करने से सुख, शांति, समृद्धि, और पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही, मां सरस्वती का विशेष आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
चौथे शाही स्नान की तिथि
महाकुंभ 2025 का चौथा शाही स्नान 2 फरवरी, रविवार को बसंत पंचमी के दिन होगा। इसके बाद:
- 12 फरवरी: माघ पूर्णिमा पर पांचवां शाही स्नान।
- 26 फरवरी: महाशिवरात्रि पर अंतिम और छठा शाही स्नान।
महत्वपूर्ण धार्मिक मान्यताएं
बसंत पंचमी के दिन शाही स्नान महाकुंभ के सबसे महत्वपूर्ण अवसरों में से एक है। पवित्र नदियों में स्नान करने से विशेष पुण्य लाभ मिलता है। श्रद्धालु मानते हैं कि इस दिन संगम में स्नान करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
भीड़ और उत्साह का माहौल
मकर संक्रांति की तरह, बसंत पंचमी के अवसर पर भी प्रयागराज में लाखों श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है। महाकुंभ का यह दिन अद्वितीय धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का होगा, जब देश-विदेश से लोग इस पवित्र स्नान के लिए संगम नगरी में एकत्र होंगे।
महाकुंभ 2025 का चौथा शाही स्नान, बसंत पंचमी के अवसर पर, न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रकृति के सौंदर्य का उत्सव भी है। यह दिन भक्तों के लिए नई शुरुआत, नई ऊर्जा, और मां सरस्वती के आशीर्वाद के साथ जीवन को बेहतर बनाने का प्रतीक है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications