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Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के दिन बाल-नाखून कटवा सकते हैं या नहीं? जानें नियम
Mauni Amavasya Hair Cut Rule 2026: आज मौनी अमावस्या है, जिसे हिंदू पंचांग की एक अत्यंत पुण्यदायी तिथि मानी जाती है। यह दिन विशेष रूप से मौन व्रत, गंगा स्नान, दान-पुण्य और आत्मशुद्धि के लिए जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए शुभ कर्म कई गुना फल देते हैं। लेकिन इसी के साथ कुछ कार्यों को वर्जित भी माना गया है। वहीं इस बार मौनी अमावस्या रविवार को पड़ रही है तो इस दिन 95% लोग बाल व दाढ़ी कटवाने जाते हैं और नाखून काटते हैं।
मगर शास्त्रों में मौनी अमावस्या के दिन बाल व नाखून काटने को लेकर क्या नियम हैं ये जानने योग्य बात है। अगर आप भी मौनी अमावस्या के दिन ये दो काम करने की सोच रहे हैं तो जान लें कटवाएं या नहीं और क्या है इसके पीछे का धार्मिक और वैज्ञानिक कारण...
मौनी अमावस्या के दिन बाल-नाखून कटवा सकते हैं?
मौनी अमावस्या के दिन नाखून-बाल और दाढ़ी कटवाना वर्जित माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन ये काम करने से नकारात्मकता ऊर्जा बढ़ती है। अगर आप भी रविवार समझ कर 18 जनवरी की मौनी अमावस्या को बाल कटवाने या नाखून कटवाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं और भूलकर भी ऐसी गलती न करें।

क्या कहते हैं धार्मिक नियम?
धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं के अनुसार, अमावस्या तिथि को शरीर से जुड़ी किसी भी प्रकार की कटाई-छंटाई शुभ नहीं मानी जाती। बाल और नाखून को शरीर का हिस्सा माना गया है और इन्हें काटना ऊर्जा क्षय और नकारात्मकता को आमंत्रण देने जैसा माना जाता है। खासकर मौनी अमावस्या जैसे पवित्र दिन पर यह कार्य करने से व्रत और पुण्य का फल कम हो सकता है।
क्यों मना किया जाता है बाल-नाखून काटना?
अमावस्या तिथि पितरों और आध्यात्मिक साधना से जुड़ी होती है। इस दिन शरीर को शुद्ध रखने और संयम बरतने की परंपरा है और आयुर्वेद के अनुसार भी अमावस्या पर शरीर की ऊर्जा कमजोर होती है। इस दिन नाखून काटने से नकारात्मक प्रभाव और मानसिक अशांति बढ़ती है।
क्या विज्ञान भी देता है संकेत?
हालांकि विज्ञान इसे अंधविश्वास मानता है, लेकिन कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि अमावस्या के समय चंद्रमा का प्रभाव कम होने से मानसिक अस्थिरता और थकान बढ़ सकती है। ऐसे में शरीर पर किसी भी तरह का अतिरिक्त तनाव देना उचित नहीं माना जाता।



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