Latest Updates
-
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व
क्या पीरियड्स के दौरान कर सकते हैं नवरात्रि कन्या पूजन? जानें क्या कहते हैं शास्त्र और धार्मिक नियम
Navratri 2026- Periods Me Kanya Pujan Kaise Kare:19 फरवरी 2026 से शुरू हुए चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि करीब है। माता रानी को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत रखते हैं और अष्टमी-नवमी तिथि को कन्या पूजन का विधान है, जिसे मां दुर्गा के साक्षात स्वरूप की सेवा माना जाता है। 26 फरवरी 2026, दिन वीरवार को अष्टमी तिथि का कन्या पूजन होगा और 27 मार्च 2026, दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे तक नवमी तिथि का कन्या पूजन किया जाएगा। लेकिन अक्सर महिलाएं इस उलझन में रहती हैं कि यदि इन पवित्र दिनों में उन्हें पीरियड्स (मासिक धर्म) आ जाएं, तो क्या वे कन्या पूजन कर सकती हैं?
क्या उनकी पूजा स्वीकार होगी या उन्हें दोष लगेगा? धर्मग्रंथों में शुचिता (शुद्धता) के कड़े नियम हैं, वहीं भक्ति के मार्ग में 'भाव' को सर्वोपरि माना गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ऐसी स्थिति में शास्त्रों के नियम क्या हैं और आप अपनी भक्ति को कैसे पूर्ण कर सकती हैं।

क्या पीरियड्स में कन्या पूजन कर सकते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा-पाठ में शारीरिक शुद्धता अनिवार्य मानी गई है। इसलिए, मासिक धर्म के दौरान सीधे तौर पर कन्याओं के पैर छूना, उन्हें तिलक लगाना या उनके लिए भोजन बनाना वर्जित माना जाता है। लेकिन भक्ति का मार्ग बंद नहीं होता इसलिए शास्त्रों में कहा गया है कि भावग्राही जनार्दनः अर्थात ईश्वर केवल आपके भाव ग्रहण करते हैं। ऐसे में आप शारीरिक रूप से नहीं लेकिन मानसिक रूप से कन्या पूजन कर सकते हैं।
पीरियड्स में कन्या पूजन कैसे करें?
आपने पूरे नवरात्रि रखे हैं लेकिन कन्या पूजन से पहले ही मासिक धर्म आ गया है तो ऐसे में आप दूर बैठकर मन ही मन मां दुर्गा का ध्यान कर सकती हैं और कन्याओं को देवी मानकर प्रणाम कर सकती हैं। आप घर में किसी और के द्वारा जैसे कि पति, सास, ननद या और जो भी घर में सदस्य हों उनसे कन्या पूजन करवा सकती हैं। आप स्वयं भोजन न बनाएं और न ही परोसें बस इस बात का ध्यान रखें।

कन्या पूजन की सामान्य विधि
पैर पखारना: सबसे पहले कन्याओं के चरणों को दूध या साफ पानी से धोएं और उनके पैर पोंछें।
आसन: उन्हें साफ और ऊंचे आसन पर बैठाएं।
तिलक और कलावा: कन्याओं के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाएं और हाथ में रक्षा सूत्र (कलावा) बांधें।
भोजन: उन्हें प्रेमपूर्वक सात्विक भोजन (पूरी, चने और हलवा) परोसें।
दक्षिणा और उपहार: भोजन के बाद कन्याओं को फल, सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा और कुछ उपहार भेंट करें।
आशीर्वाद: अंत में उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें और उन्हें सम्मानपूर्वक विदा करें।



Click it and Unblock the Notifications