Latest Updates
-
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Quick Filling Dinner Anda Paratha Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट अंडा पराठा -
मानसून से पहले दिल्ली में डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार; जानें बचाव के उपाय -
Dhaba Style Marinade Chicken Tikka Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्मोकी स्वाद -
प्रेग्नेंट हैं 39 साल की सामंथा रुथ प्रभु! करीबी शख्स ने किया कन्फर्म, जानें कब होगी डिलीवरी -
मलाइका अरोड़ा की फिटनेस का खुल गया राज, 52 की उम्र में यंग दिखने के लिए करती हैं ये 5 योगासन -
South Indian Style Tomato Rice Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा स्वाद -
Summer Solstice: 21 जून को क्यों होता है साल का सबसे बड़ा दिन? जानें क्या है इसके पीछे की असली वजह
क्या सच हो रही है बाबा वेंगा की डराने वाली भविष्यवाणी? प्रचंड गर्मी से उबल रहा देश
Delhi-NCR Weather: प्रचंड गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी है। एसी भी इस गर्मी के आगे घुटने टेक रहे हैं। हीटवेव के चलते लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मई के महीने में उत्तर से दक्षिण तक पूरा भारत भीषण लू (Heatwave) और 45 डिग्री के पार जाने वाले पारे से झुलस रहा है। दिलचस्प बात यह है कि मशहूर भविष्यवक्ता बाबा वेंगा (Baba Vanga) ने भी साल 2026 के लिए प्रकृति में बड़े बदलाव और असामान्य जलवायु घटनाओं की चेतावनी दी थी। अब बेमौसम बारिश को लोग बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों से जोड़कर देख रहे हैं। IMD के अनुसार, प्री-मानसून की यह तीव्रता पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर सकती है, जो तपती गर्मी को सरेंडर करने पर मजबूर कर देगी।

क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से है इस बारिश का कनेक्शन?
बाबा वेंगा ने अपनी भविष्यवाणियों में अक्सर जिक्र किया था कि दुनिया के कई हिस्सों में 'मौसम अपनी राह बदल लेगा'। मई 2026 में भारत का हाल कुछ ऐसा ही दिख रहा है। जहाँ प्री-मानसून वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) का 110% होने जा रही है, वहीं लू (Heatwave) का नामोनिशान मिट गया है। मौसम वैज्ञानिकों के लिए यह 'पश्चिमी विक्षोभ' और 'साइक्लोनिक सर्कुलेशन' का असर है, लेकिन आम जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या यह वही 'क्लाइमेट शिफ्ट' है जिसकी भविष्यवाणी दशकों पहले की गई थी?
पश्चिमी विक्षोभ का डबल अटैक: आखिर क्यों बदला मौसम?
IMD के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और आस-पास के इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। साथ ही, मध्य पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर भी हवाओं का चक्रवात सक्रिय है। इसके असर से 3 से 7 मई के बीच उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों और मध्य भारत में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट है।
दिल्ली-NCR के पारे में बड़ी गिरावट
राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से बादल छाए रहने और हवाएं चलने से अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री तक गिर गया है। बीते 2 दिन पहले हुई ओलावृष्टि ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है। अगले 72 घंटों में इसमें और गिरावट आने की संभावना है। 3 से 7 मई के बीच दिल्ली-NCR में हल्की से मध्यम बारिश और धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है, जिससे मई की चुभती गर्मी सरेंडर कर देगी।
क्या है इस 'असामान्य' बारिश का वैज्ञानिक आधार?
आईएमडी के अनुसार, वायुमंडलीय परिस्थितियों में आए बदलावों के कारण प्री-मानसून वर्षा इतनी तीव्र है कि यह पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। LPA का 110% से अधिक होना यह दर्शाता है कि इस बार 'नेचुरल एयर कंडीशनर' के रूप में मौसम पूरे देश को ठंडक देगा। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि वर्षा का वितरण पूरे देश में एक जैसा नहीं होगा। मध्य, दक्षिण और उत्तर-पश्चिम भारत में झमाझम बारिश होगी तो पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में बादल कम बरसेंगे, जिससे वहां सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है।
बेमौसम बारिश राहत के साथ लाई आफत और नुकसान
जहां एक तरफ यह बारिश तपती गर्मी से राहत दे रही है, वहीं बेमौसम होने के कारण इसके कई गंभीर आर्थिक और कृषि संबंधी नुकसान भी हैं जिनके बारे में नीचे बताया गया है।
तैयार फसलों की बर्बादी
उत्तर भारत के कई हिस्सों में गेहूं की कटाई के बाद अनाज मंडियों या खेतों में पड़ा होता है। अचानक बारिश और आंधी से फसलों के भीगने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है।
बागवानी को तगड़ा झटका
आम, लीची और अन्य गर्मियों के फलों के लिए यह समय पकने का होता है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फलों के गिरने और बागों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
बुनियादी ढांचे को क्षति
40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं कच्चे मकानों, टिन की छतों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे बिजली कटौती और संचार सेवाओं में बाधा आ सकती है।
बीमारियों का खतरा
तापमान में अचानक आने वाले इस उतार-चढ़ाव (Cold-Hot weather) के कारण वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है।
डिस्क्लेमर: बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, जबकि मौसम का सटीक डेटा IMD के वैज्ञानिक विश्लेषण पर निर्भर है।



Click it and Unblock the Notifications