Latest Updates
-
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Mother's Day पर मां का मुंह कराएं मीठा, बिना ओवन और बिना अंडे के घर पर तैयार करें बेकरी जैसा मैंगो केक -
Budh Nakshatra Gochar 2026: 7 मई से बुध का भरणी नक्षत्र में गोचर, इन 3 राशियों की खुलेगी सोई हुई किस्मत -
World Athletics Day 2026: 7 मई को ही क्यों मनाया जाता है 'विश्व एथलेटिक्स दिवस'? जानें इतिहास और महत्व -
Mother's Day 2026 पर मां को दें प्यार भरा सरप्राइज, आपके लिए लाए हैं 1,000 से कम में ये 5 गिफ्ट आइडियाज -
गर्मी में बीपी हाई और लो क्यों होता है? डॉ. शालिनी सिंह सोलंके से जानें कारण व बचाव के 5 जरूरी टिप्स
Onam 2023: ओणम के दिन लीजिये राजा बली से सुख समृद्धि का वरदान, जानिये कथा और मुहूर्त
Onam 2023: केरल का मशहूर पर्व ओणम का नाम आपने सुना ही होगा। यह अब लगभग पूरे दक्षिण भारत में मनाया जाता है, साथ ही देश के जिस जिस जगह मलयाली लोग रहते हैं वो वहीं ओणम मनाते हैं।
इस दिन विशेष पकवान बनाए जाते हैं और घरो को सजाया जाता है। लोग अपने सांस्कृतिक वेश भूषा में सजते हैं और एक दूसरे को बधाई देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं की ओणम मनाने के पीछे क्या कथा है?

ओणम की कहानी
धरती पर एक दैत्य राजा राज करता था जिसका नाम था महाबली। ये दैत्य राजा अपनी दयालुता और दानशीलता के कारण बहुत लोकप्रिय होने लगा था। प्रजा की प्रसन्नता और राजा की लोकप्रियता देख कर देवताओं को जलन हो गयी। सभी देवता श्री हरी विष्णु के पास जाकर बोले कि अगर दैत्य लोकप्रिय हो गए तो फिर देवताओं के लिए ये अच्छी बात नहीं।
विष्णु उनकी चिंता देखकर वामन का रूप धारण कर महाबली से मिलने गए। उन्होंने राजा से तीन कदम भूमि की मांग की। राजा तैयार हो गए। पहले दो कदम में वामन रूपी विष्णु ने धरती और आकाश नाप लिया। अब तीसरा कदम कहां रखें? इस पर राजा ने अपना शीश दे दिया और कहा प्रभु आप तीसरा पग मेरे सर पर रख लीजिये।
राजा को मालूम था कि तीसरा पग रखते ही वो मर जाएगा इसलिए मरने से पहले उसने विष्णु से वरदान मांगा कि हर साल एक बार वो अपनी प्रजा से मिलने आ सकेगा। विष्णु मान गए। तब से हर साल ओणम के दिन राजा महाबली अपनी प्रजा से मिलने आते हैं और उन्ही के स्वागत में घर सजाये जाते हैं और अच्छे अच्छे पकवान बनाए जाते हैं।
कब है ओणम 2023?
ओणम दस दिन तक मनाया जाता है। 2023 में ओणम की शुरुआत 20 अगस्त से हो रही है और समापन 31 अगस्त को होगा। 10वें दिन को थिरुओनम या ओणम मनाया जाता है जो इस बार 29 अगस्त मंगलवार को है। अगर आप इस समय केरल में हैं तो बैक वाटर में होने वाले नौका रेस को देखना मत भूलिए। ओणम साद्य भोजन का लुत्फ़ जरुर उठाएं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications