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Papankusha Ekadashi Sanskrit Wishes:पापांकुशा एकादशी पर संस्कृत में 80+ शुभकामना संदेश, शायरी, स्टेटस और कोट्स
Papankusha Ekadashi Sanskrit Wishes: हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहा जाता है। यह तिथि भगवान श्रीविष्णु को समर्पित है और मान्यता है कि इस व्रत को करने से मनुष्य जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति करता है। शास्त्रों में इसका महत्व हजारों अश्वमेध यज्ञों के बराबर बताया गया है। इस दिन उपवास, कथा श्रवण, दान और श्रीहरि की आरती का विशेष फल मिलता है। विश्वास है कि श्रद्धापूर्वक व्रत करने वाला व्यक्ति विष्णुलोक अर्थात वैकुण्ठधाम की प्राप्ति करता है। पापांकुशा एकादशी का स्मरण मात्र भी पापों को नष्ट कर देता है और भगवान विष्णु अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
इस पावन अवसर पर शुभकामनाएं, शायरी और स्टेटस साझा करना भी पुण्यदायी माना जाता है। आइए इस खास दिन पर आपके लिए पेश हैं 100 से भी ज्यादा शुभकामना संदेश, शायरी, व्हाट्सअप, फेसबुक स्टेटस इंस्टा कैप्शन संस्कृत में हिंदी अर्थ सहित।
संस्कृत शुभकामनाएं (हिंदी अर्थ सहित)
पापाङ्कुशैकादश्याः व्रतेन सर्वे पापाः नश्यन्तु।
पापांकुशा एकादशी के व्रत से आपके सारे पाप नष्ट हों।
श्रीहरिकृपा भवतः जीवनं पूरयतु।
भगवान विष्णु की कृपा आपका जीवन पूर्ण करे।
एकादशीव्रतेन सौख्यं, शान्तिश्च वर्धताम्।
एकादशी व्रत से सुख और शांति बढ़े।

पापक्षयः सदा भवतु।
आपके पाप सदा नष्ट होते रहें।
विष्णुभक्तिर्भवतः हृदये स्थिरा भवतु।
आपके हृदय में विष्णु भक्ति स्थिर बनी रहे।
मोक्षमार्गः सरलः स्यात् हरिकृपया।
हरि की कृपा से मोक्ष का मार्ग सरल हो।
धर्मार्थकाममोक्षसिद्धिः भवतु।
धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति हो।
सर्वदुःखक्षयो विष्णुपूजनात्।
विष्णु पूजन से सारे दुःख दूर हों।
सौभाग्यं शाश्वतं भवतु।
आपका सौभाग्य शाश्वत हो।
पापाङ्कुशैकादशी भवतः जीवनं शोभयतु।
यह पवित्र एकादशी आपके जीवन को प्रकाशमय करे।
श्रीविष्णोः कृपा भवतु।
श्री विष्णु की कृपा आप पर बनी रहे।
भवतु आयुः, आरोग्यं, ऐश्वर्यं।
आयु, स्वास्थ्य और धन की प्राप्ति हो।
एकादशीव्रतेन पावनं जीवनं।
एकादशी व्रत से जीवन पवित्र हो।
भक्तिः प्रेम च वर्धेताम्।
आपकी भक्ति और प्रेम बढ़ते रहें।
वैकुण्ठगमनं भवतु।
आपको वैकुण्ठ की प्राप्ति हो।
हरिनामस्मरणं सदा मनसि वर्तताम्।
आपके मन में हरिनाम का स्मरण सदा बना रहे।
विष्णुप्रसादेन सर्वसिद्धिः।
विष्णु प्रसाद से सब सिद्धियाँ मिलें।
सकलसंपदः भवतः दारेषु प्रवर्तन्ताम्।
आपके घर में सब प्रकार की संपत्ति हो।
धन्यं जीवनं भवतु।
आपका जीवन धन्य हो।
विष्णुशरणं भवतः पथं रक्षतु।
विष्णु का शरण आपको मार्गदर्शन दे।
शान्तिर्भवतु, सौख्यं च वर्धताम्।
आपके जीवन में शांति और सुख बढ़े।
हरिपूजनात् मोक्षलाभः।
हरि पूजन से मोक्ष की प्राप्ति हो।
पापक्षयं सुखवृद्धिं च हरिः करोतु।
हरि आपके पाप नष्ट कर सुख बढ़ाएं।
अष्टलक्ष्मीः सदा भवतः गृहं पूरयतु।
अष्टलक्ष्मी आपके घर को भरपूर करें।
पुण्यवृद्धिर्भवतु।
आपके पुण्य बढ़ते रहें।
सदा विष्णुभक्तः भव।
आप सदैव विष्णु भक्त बने रहें।
पापाङ्कुशैकादशी कृपया भवतः जीवनं शोभयतु।
पापांकुशा एकादशी की कृपा आपका जीवन सुंदर बनाए।
मोक्षद्वारं सुगमं भवतु।
मोक्ष का द्वार आपके लिए सरल हो।
सर्वविघ्नविनाशः विष्णुपूजनात्।
विष्णु पूजन से सभी विघ्न दूर हों।
जयतु विष्णुः, जयतु भक्तिः।
जय हो विष्णु की, जय हो भक्ति की।

संस्कृत शायरी (हिंदी अर्थ सहित)
एकादशीव्रतं पुण्यं,
पापानां शमनं सदा।
श्रीहरिकृपया प्राप्तिः,
भवतु मोक्षमार्गदा॥
एकादशी व्रत से पाप मिटते हैं और मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है।
हरिदर्शनमेव श्रेष्ठं,
भक्तेः जीवनधनं स्मृतम्।
एकादशीव्रतेनैव,
प्राप्तिः सर्वसिद्धये॥
हरि का दर्शन जीवन का सबसे बड़ा धन है, और एकादशी से सभी सिद्धियाँ मिलती हैं।
पापक्षयः सुखवृद्धिश्च,
व्रतेनैवोपजायते।
एकादशीव्रतं यः कृत्वा,
हरिसायुज्यमाप्नुयात्॥
इस व्रत से पाप मिटते हैं और सुख की वृद्धि होती है।
शरणं श्रीहरिं नित्यं,
भक्तेः जीवनधनं महत्।
एकादशीव्रतं पुण्यं,
सर्वपापहरं स्मृतम्॥
हरि की शरण लेना ही महान धन है, और एकादशी व्रत पाप नाशक है।
मोक्षद्वारं सुलभं,
पापाङ्कुशैकादशीव्रतात्।
धर्मार्थकाममोक्षाणां,
सिद्धिर्भवति नान्यथा॥
यह व्रत मोक्ष का द्वार खोलता है और चारों पुरुषार्थ देता है।
तुलसीदलसमर्पेण,
हरिपूजा प्रशस्यते।
एकादशीव्रतेनैव,
पापानां क्षयः कृतः॥
तुलसी से की गई पूजा और एकादशी व्रत पाप नष्ट करते हैं।
जयतु विष्णुः कृपालुः,
जयतु भक्तजनप्रियः।
एकादशीव्रतेनैव,
सिद्धिः सर्वेश्वरेण च॥
दयालु विष्णु की जय हो, वे भक्तों के प्रिय हैं, एकादशी व्रत से सब सिद्धियाँ मिलती हैं।
अल्पं फलमश्नाति,
संपूर्णं पुण्यमाप्नुयात्।
एकादशीव्रतं यस्य,
जीवनं भवति पवित्रम्॥
जो व्रत करता है, उसे अल्प भी महान फल देता है और जीवन पवित्र होता है।
पुण्यं हरिपूजनं नित्यं,
मोक्षदं भवति ध्रुवम्।
एकादशीव्रतं पुण्यं,
जीवनं भवति धनी॥
हरिपूजन और व्रत निश्चित रूप से मोक्ष और पुण्य देते हैं।
हरिनामस्मरणं पुण्यं,
पापानां शमनं भवेत्।
एकादशीव्रतेनैव,
सर्वसिद्धिः प्रजायते॥
हरिनाम स्मरण और व्रत पापों का नाश कर सिद्धि देता है।
यः कृत्वा एकादशीं भक्त्या,
विष्णोः पूजां च कारयेत्।
स जीवति सुखेनैव,
मोक्षं प्राप्नोति निश्चयम्॥
जो भक्ति से व्रत करता है, उसे सुख और मोक्ष निश्चित मिलता है।
एकादशीव्रतं पुण्यं,
भवति सर्वसिद्धिदम्।
भक्तानां मोक्षदं नित्यं,
पापानां हरकं परम्॥
एकादशी व्रत सब सिद्धि और मोक्ष देता है तथा पाप हरता है।
धन्यं जीवनमेतस्य,
यस्य व्रते हरिः स्थितः।
एकादशीव्रतेनैव,
सर्वसौख्यं प्रजायते॥
जो व्रत करता है, उसका जीवन धन्य होता है और सुख पाता है।
हरिप्रीत्यै व्रतं कुर्यात्,
शुद्धभावसमन्वितः।
स लोकानामुपेक्ष्यापि,
वैकुण्ठं प्राप्यते ध्रुवम्॥
हरि की प्रीति के लिए किया गया व्रत वैकुण्ठ दिलाता है।
एकादशीव्रतेनैव,
कष्टानां विनाशनम्।
भवतु भवतः पुण्यं,
जीवनं च सुखप्रदम्॥
यह व्रत आपके कष्ट दूर कर जीवन सुखमय बनाए।
जयतु तुलसीपुष्पं,
जयतु हरिपूजनम्।
एकादशीव्रतेनैव,
सिद्धिर्भवति निश्चयम्॥
तुलसी और हरिपूजन की जय हो, यह व्रत निश्चित सिद्धि देता है।
हरिनामस्मरणेनैव,
पापक्षयः सदा भवेत्।
एकादशीव्रतं पुण्यं,
जीवनं मोक्षदं स्मृतम्॥
हरिनाम और व्रत से पाप मिटते हैं और मोक्ष मिलता है।
यः पठेत् एकादशीकथाम्,
श्रावयेत् भक्तिसंयुतः।
स प्राप्नुयात् पुण्यमेतत्,
मोक्षलाभं च निश्चितम्॥
जो कथा पढ़ता और सुनाता है, वह मोक्ष पाता है।
पापाङ्कुशैकादशी पुण्या,
सर्वपापक्षयप्रदा।
श्रीहरिकृपया सदा,
जीवनं भवति सुखदम्॥
यह पवित्र एकादशी पाप मिटाकर जीवन सुखद बनाती है।
सत्यमेतद्वचो विष्णोः,
एकादशी महाफला।
कृतं व्रतं भक्तिभावेन,
मोक्षसिद्धिप्रदा ध्रुवम्॥
यह सत्य है कि भक्तिभाव से किया गया व्रत मोक्ष दिलाता है।
हरिपूजाव्रतेनैव,
सिद्धिः सर्वत्र लभ्यते।
मोक्षमार्गः सुलभः स्यात्,
भवतः जीवनस्य च॥
हरि पूजा और व्रत से सिद्धि और मोक्ष का मार्ग सरल हो जाता है।
सर्वपापविनाशाय,
व्रतमेतत् कृतं द्विजाः।
पापाङ्कुशैकादशी नाम,
मोक्षद्वारप्रदायिनी॥
यह व्रत पाप नाशक और मोक्षद्वार देने वाली है।
जयतु हरिः सर्वत्र,
जयतु भक्तिभावनम्।
एकादशीव्रतेनैव,
जीवनं भवति पावनम्॥
हरि और भक्ति की जय हो, यह व्रत जीवन पवित्र करता है।
सर्वविघ्नविनाशाय,
पुण्यं व्रतमिदं शुभम्।
भक्तानां जीवनं नित्यं,
हरिसायुज्यकारकम्॥
यह व्रत सभी विघ्न दूर करके हरिसायुज्य देता है।
पापाङ्कुशैकादशी पुण्या,
भक्तानां कल्याणदा।
मोक्षसिद्धिप्रदा नित्यं,
हरिप्रीतिप्रदायिनी॥
यह व्रत भक्तों को कल्याण, मोक्ष और हरि की प्रीति देती है।
व्रतेन हरिप्रीतिः,
व्रतेन सुखसम्पदः।
व्रतेन मोक्षलाभः,
एकादशीव्रतेन च॥
व्रत से हरि की प्रीति, सुख, संपत्ति और मोक्ष मिलता है।
हरिनामजपं नित्यं,
एकादशीव्रतेन च।
पुण्यं लभ्यते महद्,
जीवनं मोक्षदं भवेत्॥
हरिनाम जप और व्रत से महान पुण्य और मोक्ष मिलता है।
यः कृत्वा व्रतं भक्त्या,
सर्वकर्मसु शुद्धचित्तः।
स गच्छति विष्णुलोकं,
नास्ति तत्र संशयः॥
जो भक्ति से व्रत करता है, वह विष्णु लोक जाता है।
पुण्यमिदं व्रतमुत्तमं,
सर्वपापविनाशनम्।
पापाङ्कुशैकादशी नाम,
भवतु मोक्षसिद्धिदा॥
यह उत्तम व्रत सब पाप नष्ट कर मोक्ष दिलाता है।
जयतु पापाङ्कुशैकादशी,
जयतु भक्तिमार्गदा।
जयतु श्रीहरिः नित्यं,
भवतु मोक्षप्रदः सदा॥
जय हो पापांकुशा एकादशी की, जय हो श्रीहरि की, जो सदैव मोक्ष देते हैं।

फेसबुक/व्हाट्सऐप स्टेटस (संस्कृत + हिंदी अर्थ)
"पापाङ्कुशैकादशीव्रतं सर्वपापहरं स्मृतम्।"
पापांकुशा एकादशी का व्रत सारे पापों का नाश करता है।
"एकादशीव्रतं पुण्यं जीवनं मोक्षदं भवेत्।"
एकादशी व्रत जीवन को मोक्ष प्रदान करता है।
"जयतु विष्णुः कृपालुः, जयतु पापाङ्कुशैकादशी।"
दयालु विष्णु और पापांकुशा एकादशी की जय हो।
"हरिप्रीत्यै व्रतं कुर्यात्, भवतु जीवनं सुखदम्।"
हरि की प्रसन्नता के लिए व्रत करें, जीवन सुखमय होगा।
"तुलसीदलसमर्पेण हरिप्रीतिः लभ्यते नित्यं।"
तुलसी दल चढ़ाने से हरि की कृपा मिलती है।
"एकादशीव्रतेनैव भक्तः वैकुण्ठं प्राप्नोति।"
एकादशी व्रत से भक्त वैकुण्ठ धाम को प्राप्त करता है।
"सर्वविघ्नविनाशाय पापाङ्कुशैकादशी शुभा।"
पापांकुशा एकादशी सभी विघ्न दूर करती है।
"हरिनामस्मरणं जीवनस्य परमं धनम्।"
हरि का नाम स्मरण ही जीवन का सबसे बड़ा धन है।
"एकादशीव्रतं पुण्यं मोक्षदं कल्याणप्रदम्।"
यह व्रत पुण्य, मोक्ष और कल्याण देने वाला है।
"जयतु तुलसीपुष्पं, जयतु हरिपूजनम्।"
तुलसी और हरि की पूजा की जय हो।
"व्रतेनैव श्रीहरिः तुष्यति।"
व्रत से ही भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।
"धन्यं जीवनमेतस्य, यस्य व्रते हरिः स्थितः।"
उस जीवन को धन्य मानना चाहिए जो हरि व्रत से जुड़ा हो।
"भक्त्यैव हरिः लभ्यते।"
केवल भक्ति से ही हरि की प्राप्ति होती है।
"पापाङ्कुशैकादशी नाम, सर्वपापविनाशिनी।"
पापांकुशा एकादशी सभी पापों का नाश करने वाली है।
"सुखशांति: हरिनामस्मरणेनैव लभ्यते।"
सुख-शांति हरिनाम से ही मिलती है।
"जयतु भक्तिभावः, जयतु हरिप्रीतिः।"
भक्ति और हरि की प्रीति की जय हो।
"व्रतधारणं पुण्यम्, फलप्रदं मोक्षदम्।"
व्रत धारण पुण्यकारी और मोक्ष प्रदान करने वाला है।
"सत्यं व्रते हरिः तुष्यति।"
सत्य है कि व्रत से भगवान प्रसन्न होते हैं।
"एकादशी व्रतं कृत्वा, पापानां नाशनं भवेत्।"
एकादशी व्रत पापों का नाश करता है।
"जयतु पापाङ्कुशैकादशी, जयतु भक्तजनप्रियः विष्णुः।"
पापांकुशा एकादशी और भक्तप्रिय विष्णु की जय हो।
इंस्टा स्टेटस (संस्कृत + हिंदी अर्थ)
"हरिनामजपं नित्यं, सुखं शांति च लभ्यते।"
हरिनाम जप से सुख और शांति मिलती है।
"विष्णोः स्मरणमेव मोक्षदं।"
विष्णु का स्मरण ही मोक्ष देने वाला है।
"एकादशी व्रतं जीवनस्य अलंकारः।"
यह व्रत जीवन का आभूषण है।
"तुलसीदलैः हरिप्रीतिः वर्धते।"
तुलसी दल से हरि की कृपा बढ़ती है।
"जयतु भक्तिभावः, जयतु हरिप्रीतिः।"
भक्ति और हरि की प्रीति की जय हो।
"वैकुण्ठं मार्गः पापाङ्कुशैकादशी व्रतेन।"
वैकुण्ठ का मार्ग एकादशी व्रत से है।
"पुण्यं लभ्यते भक्त्या, न धनैः न बाहुबलात्।"
पुण्य केवल भक्ति से मिलता है, धन या बल से नहीं।
"जयतु पापाङ्कुशैकादशी, पापानां शमनप्रदा।"
पापांकुशा एकादशी पाप नाश करने वाली है।
"व्रतेनैव जीवनं पावनं भवति।"
व्रत से जीवन पवित्र होता है।
"श्रीहरिः भक्तजनानां सर्वदा रक्षकः।"
श्रीहरि सदैव भक्तों के रक्षक हैं।
"एकादशीव्रतं पुण्यं, फलदं मोक्षदं नृणाम्।"
एकादशी व्रत फलदायक और मोक्ष देने वाला है।
"जयतु हरिनामस्मरणं।"
हरिनाम स्मरण की जय हो।
"भक्त्यैव मोक्षः लभ्यते।"
केवल भक्ति से मोक्ष मिलता है।
"व्रतेनैव सुखं, व्रतेनैव शांति।"
व्रत से सुख और शांति दोनों मिलते हैं।
"जयतु तुलसीवंदनं, जयतु हरिपूजनम्।"
तुलसी वंदना और हरि पूजा की जय हो।
"एकादशी व्रतं कृत्वा, विष्णुलोकं गमिष्यामि।"
मैं व्रत कर विष्णु लोक जाऊँगा।
"सर्वपापविनाशिनी पापाङ्कुशैकादशी।"
पापांकुशा एकादशी पाप नाशिनी है।
"जयतु विष्णुभक्ति, जयतु एकादशीव्रतम्।"
विष्णु भक्ति और एकादशी व्रत की जय हो।
"मोक्षमार्गः हरिभक्त्या।"
मोक्ष का मार्ग हरिभक्ति से है।
"श्रीहरिकृपया जीवनं धन्यं भवेत्।"
श्रीहरि की कृपा से जीवन धन्य होता है।



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