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Pitru Paksha 2023: किसने शुरू की पितृ पक्ष में श्राद्ध करने की प्रथा?
Pitru Paksh Me Shradh Kisne Shuru Kiya: आश्विन माह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी महीने के कृष्ण पक्ष में पितरों का तर्पण किया जाता है जिससे पितृ प्रसन्न होते हैं और उन्हें मोक्ष की भी प्राप्ति होती है।
ऐसी मान्यता है कि जिनके पितृ प्रसन्न नहीं हो उनकी संतान भी सुख से नहीं रह सकती है। इन संतानों के ऊपर पितृ दोष रहता है। इसलिए पितरों को खुश रखना जरुरी है और उनको खुश रखने के लिए ये जरुरी है कि कम से कम पितृ पक्ष के दौरान उनका तर्पण किया जाए।

किसने शुरू की पितृ पक्ष में श्राद्ध करने की प्रथा?
क्या आप जानते हैं कि पितृ पक्ष में तर्पण का आरंभ किसने किया था? इसका उल्लेख महाभारत में है। महाभारत में एक अध्याय है जिसका शीर्षक है अनुशासन पर्व। इस अध्याय में पितामह भीष्म पितृ पक्ष में तर्पण का उल्लेख करते हैं। भीष्म पांडू पुत्र युधिष्ठिर को बताते हैं कि सबसे पहले अत्री मुनी ने महर्षि निमी को ये बताया कि आश्विन माह के कृष्ण पक्ष में पितरों का श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।
वैसे तो मृत्यु के पश्चात शरीर पांच तत्त्व में विलीन हो जाता है किन्तु आत्मा तो अमर है। वो आत्मा माया मोह के वशीभूत होकर अपने संतानों को देखने एक दिन धरती पर आती है। जिस तिथि को जिनकी मृत्यु हुई है उस तिथि को कृष्ण पक्ष में उनका तर्पण किया जाये तो वो प्रसन्न होते हैं। इसके पश्चात महर्षि निमी ने अपने पूर्वजों का तर्पण किया। इसके साथ ही निमी पितृ दोष से मुक्त हो गए। जब ये बात महर्षि निमी ने अन्य ऋषियों को बताया तो अन्य ऋषि भी तर्पण करने लगे। इसके बाद ये परंपरा बन गयी। तभी से लोग आश्विन माह के कृष्ण पक्ष में तर्पण करने लगे जिससे कृष्ण पक्ष को पितृ पक्ष भी कहा जाने लगा।
कैसे करें तर्पण
अपने हाथो से अंजुली बनाए उसमें काला तिल रखें और फिर इससे जल दें।
इसके बाद ब्राह्मण को भोजन करायें।
इसके बाद पशु पक्षी को भोजन करायें।
काले कौवे को भोजन करना बहुत शुभ माना गया है।
किसी गरीब को दान दें।
इस दिन झूठ ना बोलें और ना ही किसी को सताएं।
सात्विक विचार रखें और क्रोध पर नियंत्रण रखें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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