Latest Updates
-
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: रथ यात्रा पर शेयर करें भक्तिमय शुभकामना संदेश, मिलेगा प्रभु का आशीर्वाद -
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण
Pitru Paksha 2023: किसने शुरू की पितृ पक्ष में श्राद्ध करने की प्रथा?
Pitru Paksh Me Shradh Kisne Shuru Kiya: आश्विन माह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी महीने के कृष्ण पक्ष में पितरों का तर्पण किया जाता है जिससे पितृ प्रसन्न होते हैं और उन्हें मोक्ष की भी प्राप्ति होती है।
ऐसी मान्यता है कि जिनके पितृ प्रसन्न नहीं हो उनकी संतान भी सुख से नहीं रह सकती है। इन संतानों के ऊपर पितृ दोष रहता है। इसलिए पितरों को खुश रखना जरुरी है और उनको खुश रखने के लिए ये जरुरी है कि कम से कम पितृ पक्ष के दौरान उनका तर्पण किया जाए।

किसने शुरू की पितृ पक्ष में श्राद्ध करने की प्रथा?
क्या आप जानते हैं कि पितृ पक्ष में तर्पण का आरंभ किसने किया था? इसका उल्लेख महाभारत में है। महाभारत में एक अध्याय है जिसका शीर्षक है अनुशासन पर्व। इस अध्याय में पितामह भीष्म पितृ पक्ष में तर्पण का उल्लेख करते हैं। भीष्म पांडू पुत्र युधिष्ठिर को बताते हैं कि सबसे पहले अत्री मुनी ने महर्षि निमी को ये बताया कि आश्विन माह के कृष्ण पक्ष में पितरों का श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।
वैसे तो मृत्यु के पश्चात शरीर पांच तत्त्व में विलीन हो जाता है किन्तु आत्मा तो अमर है। वो आत्मा माया मोह के वशीभूत होकर अपने संतानों को देखने एक दिन धरती पर आती है। जिस तिथि को जिनकी मृत्यु हुई है उस तिथि को कृष्ण पक्ष में उनका तर्पण किया जाये तो वो प्रसन्न होते हैं। इसके पश्चात महर्षि निमी ने अपने पूर्वजों का तर्पण किया। इसके साथ ही निमी पितृ दोष से मुक्त हो गए। जब ये बात महर्षि निमी ने अन्य ऋषियों को बताया तो अन्य ऋषि भी तर्पण करने लगे। इसके बाद ये परंपरा बन गयी। तभी से लोग आश्विन माह के कृष्ण पक्ष में तर्पण करने लगे जिससे कृष्ण पक्ष को पितृ पक्ष भी कहा जाने लगा।
कैसे करें तर्पण
अपने हाथो से अंजुली बनाए उसमें काला तिल रखें और फिर इससे जल दें।
इसके बाद ब्राह्मण को भोजन करायें।
इसके बाद पशु पक्षी को भोजन करायें।
काले कौवे को भोजन करना बहुत शुभ माना गया है।
किसी गरीब को दान दें।
इस दिन झूठ ना बोलें और ना ही किसी को सताएं।
सात्विक विचार रखें और क्रोध पर नियंत्रण रखें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications