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अंतिम यात्रा में क्यों बोला जाता है 'राम नाम सत्य', प्रेमानंद महाराज ने बताई इसके पीछे छिपा कारण
Antim Yatra me Ram Naam Satya Hai Kyu Bolte Hai: वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज जी से आजकल हर कोई परिचित है। हाल ही में उनके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। ऐसे ही एक वीडियो में वह सत्संग के दौरान शव यात्रा के समय राम नाम सत्य क्यों बोलते हैं इस बात पर चर्चा कर रहे हैं।
प्रेमानंद महाराज जी के मुताबिक जब किसी भी व्यक्ति को मरणोपरांत उसके अंतिम संस्कार के लिए शवयात्रा निकाली जाती है तो उसमें राम नाम सत्य है या गोविंद नाम सत्य है इस बात को बोलते हुए जाते हैं, इसका मुख्य अर्थ कोई नहीं जानता और ना ही इस बात पर कोई विचार करता है। प्रेमानंद महाराज जी इसके बारे में विशेष विश्लेषण कर अपने सत्संग के दौरान संपूर्ण श्रद्धालुओं को इस बात से परिचित कराते हैं।

Antim Yatra me Ram Naam Satya Hai Kyu Bolte Hai
भगवान नाम में स्थित हो जाओ
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि यही अंतिम यात्रा है और यही अंतिम सत्य भी है। अगर आप इस बात को समझ गए कि भगवान नाम ही सत्य है तो आप भगवान के प्रति स्थिर हो जाएं।
भगवान का नाम ही है सत्यनारायण
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि भगवान का एक नाम सत्यनारायण भी है। ऐसे में तुम भगवान रूपी सत्य में स्थित हो जाओ इसी में तुम्हारा कल्याण है। इस बात को लोग बखूबी जानते हैं लेकिन कोई इसको मानता ही नहीं है।
संसार में कामों से बाहर निकलो
प्रेमानंद महाराज जी के मुताबिक हमारे सामने कटु सत्य को देखते हुए तथा मृत शरीर को जलाने के बाद भी हम फिर से कामों के उलझन में फँस जाते हैं। इस बात को हम बिल्कुल ही भूल जाते हैं कि हमारा शरीर भी पल भर में मिट्टी हो जाएगा।
नाम लेने से सुधर जाएगा परलोक
प्रेमानंद महाराज जी विशेष आग्रह करते हुए कहते हैं कि इसलिए राम नाम सत्य को आप स्वीकार कर लो। संसार के कामों में उलझे रहोगे तो इस जीवन में कुछ भी हाथ नहीं आएगा। परमात्मा का नाम लेने से आपका परलोक भी सुधर जाएगा।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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