Gayatri Mantra On Sherwani: पुलकित सम्राट ने दूसरी बार रचाई शादी, गायत्री मंत्र वाली शेरवानी ने खींचा ध्यान

Pulkit Samrat Kriti Kharbanda Wedding, Gayatri Mantra On Pulkit's Sherwani: बॉलीवुड से इन दिनों खुशखबरी ही मिल रही है। जैकी भगनानी और रकुल प्रीत की शादी के बाद, फैंस पुलकित सम्राट और कृति खरबंदा की शादी की तस्वीरों को देखकर रिएक्ट कर रहे हैं।

फरवरी माह में इस कपल के सगाई की खबर आयी थी और मार्च में इनकी शादी की फोटोज ने इनके चाहने वालों को झूमने का एक मौका दे दिया है। फैंस को इनकी वेडिंग का बेसब्री से इंतजार था। कपल 15 मार्च को शादी के बंधन में बंधा और इन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करके दी।

इस शादी में परिवार के करीबी लोग शामिल हुए। आम भारतीय शादियों की तरह ही इस कपल के विवाह की रस्में भी तीन दिन तक चलीं। 13 मार्च को उनकी मेहंदी और 14 मार्च को हल्दी-संगीत सेरेमनी थी। वहीं 15 मार्च को दिल्ली एनसीआर स्थित मानेसर के आईटीसी ग्रैंड भारत में दोनों ने सात फेरे लिए और इसके साथ ही विवाह संपन्न हुआ।

Pulkit Samrat Kriti Kharbanda Wedding Gayatri Mantra On Sherwani Know Its Significance In Hinduism

पुलकित सम्राट की शेरवानी थी ख़ास

शादी के लिए कृति ने गुलाबी रंग का जोड़ा चुना तो वहीं पुलकित ने लाइट ग्रीन कलर की शेरवानी पहनी थी। वैसे तो आपने अब तक सुना और देखा था कि दुल्हन अपनी चुनरी में मंत्र लिखवाती है, मगर पुलकित ने इस ट्रेंड को अपनी शादी में बदल दिया। उनकी शेरवानी पर गायत्री मंत्र लिखा हुआ था। यह अपने आप में पहला ट्रेंड है जब किसी एक्टर ने ऐसा किया हो। पुलकित की शेरवानी को जिसने भी देखा उसकी नजर वहीं थम गयी।

गायत्री मंत्र और उसका अर्थ

गायत्री मंत्र: 'ॐ भूर्भव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्'
गायत्री मंत्र की महत्ता का अंदाजा इसका अर्थ जानने के बाद ही लगाया जा सकता है। इस मंत्र का अर्थ है कि उस प्राणस्वरूप, दुखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशनाशक, देवस्वरूप परमात्मा का हम ध्यान करें। वो परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करें।

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बेहद शक्तिशाली है गायत्री मंत्र

शास्त्रों में गायत्री मंत्र को बेहद शक्तिशाली बताया गया है। इसे महामंत्र कहा जाए तो बिल्कुल भी गलत नहीं होगा। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति इस मंत्र का अर्थ समझकर पूरी एकाग्रता के साथ इसका जाप करता है उसे ईश्वरीय शक्ति का एहसास होता है। गायत्री मंत्र के नियमित जाप से क्रोध नियंत्रित होता है। एकाग्रता में वृद्धि होती है। करियर में आगे बढ़ने में इस मंत्र से मदद मिलती है। यही वजह है कि विद्यार्थियों के लिए सर्वश्रेष्ठ मंत्र माना गया है। तमाम तरह के रोगों से मुक्ति दिलाने के साथ साथ, गायत्री मंत्र के जाप से समाज में मान सम्मान भी बढ़ता है।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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