Ayodhya Ram Mandir: तय हुई श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा पूजा की तारीख, नरेंद्र मोदी भी रहेंगे उपस्थित

Ayodhya Ram Mandir: वर्षों से जिस पल का राम भक्तों को इंतज़ार था वह अब आने वाला है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भव्य राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। तीन मंज़िला भव्य राम जन्मभूमि के गर्भ गृह में भगवान राम की मूर्ति स्थापना की जायेगी।

श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ही इस मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारियों को संभाल रही हैं। 25 अक्टूबर को इस ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी को मंदिर में मूर्ति स्थापना के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया है। जानते हैं कब होगा श्री राम जन्मभूमि में श्री राम मूर्ति की स्थापना कार्यक्रम -

Ram Janam Bhoomi Pran pratishtha Date, Muhurat, Significance of the day in Hindi

श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम

अयोध्या नगरी भगवान श्री राम का जन्म स्थान था। वर्षों के विवाद और इंतज़ार के बाद अब यहां श्री रामजन्मभूमि मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। इस साल के दिसम्बर तक इस तीन मंज़िला मंदिर की भूतल मंजिल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। यह मंदिर निर्माण का पहला चरण है। गर्भगृह में श्री राम की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। इस कार्यक्रम को प्राण प्रतिष्ठा का नाम दिया गया है। इसके लिए प्रधानमंत्री के साथ देशभर की महत्वपूर्ण हस्तियों और पुजारियों को आमंत्रित किया जाएगा और सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था होगी। ट्रस्ट के सदस्य नृपेन्द्र मिश्रा के अनुसार इस कार्यक्रम में लगभग 10 हज़ार अति विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।

श्री राम मंदिर में कब होगी प्राण प्रतिष्ठा?

श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम अगले साल यानि 2024 की 22 जनवरी को संपन्न किया जायेगा। धार्मिक अनुष्ठान 15 से 24 जनवरी तक चलेंगे, हालांकि 22 तारीख को भगवान राम की मूर्ति स्थापना का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम होगा।

प्रधानमंत्री मोदी को किया गया है आमंत्रित

25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने 'X' (ट्विटर) पर पोस्ट करके बताया कि उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा दिया गया निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और 22 जनवरी के ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा में वे शामिल होंगे। उन्होंने कहा "जय सियाराम! आज का दिन बहुत भावनाओं से भरा हुआ है। अभी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी मुझसे मेरे निवास स्थान पर मिलने आए थे। उन्होंने मुझे श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर अयोध्या आने के लिए निमंत्रित किया है। मैं खुद को बहुत धन्य महसूस कर रहा हूं। ये मेरा सौभाग्य है कि अपने जीवनकाल में, मैं इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनूंगा।"

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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