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Ramadan 2023: खजूर का इतिहास है सदियों पुराना, इस्लाम से क्या है गहरा नाता जानें
रमजान का पाक महीना चल रहा है, इस महीने में दुनियाभर में इस्लाम को मानने वाले मुसलमान रोजा रखते हैं। हर मुसलमान की ये कोशिश होती है कि वो अपना इफ्तार यानि कि अपना रोजा खजूर खा कर तोड़े। खजूर (Dates Plum) का इस्लाम में काफी महत्व हैं। क्योंकि इसको खाना इस्लाम में सुन्नत है, साथ ही ये खजूर पोषण से भरपूर होता है। इसके बहुत सारे हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। यहां पर हम बताने जा रहे हैं कि खजूर आखिर आया कहां से और खजूर का इस्लाम से इतना गहरा नाता क्यों हैं-

खजूर के फलों की पूरी उत्पत्ति और इतिहास
खजूर के पेड़ से खजूर के फल निकाले जाते हैं। खजूर के पेड़ पर खजूर को आप गुच्छों के साथ देखते हैं। खजूर का फल मीठा होता है और इसे ताजा या सुखाकर खाया जाता है। इसके हेल्थ बेनिफिट्स और इसकी मिठास की वजह से ये दुनियाभर में फेमस है।
खजूर का ओरिजिन कहां से हैं ?
फॉसिल रिकॉर्ड के अनुसार, खजूर के बारें में लगभग 50 मिलियन साल पहले से मौजूद है। लेकिन इसकी खेती के कारण, खजूर की उत्पत्ति कहां से हुई, इसके बारें में सही-सही रिकॉर्ड नही है। कई रिसर्च में ये मेसोपोटामिया और मिस्र के पास के स्थित फर्टाइल क्रीसेंट से आया होगा, लेकिन दूसरों का मानना है कि खजूर फारस की खाड़ी या वेस्ट भारत के मूल फल हैं।
पुरातत्वविदों ने पाया कि मिस्र में कम से कम 2500 ई.पू. से खजूर का प्रोडक्शन होता रहा है। मिस्र दुनिया में सबसे अहम खजूर उत्पादकों में से एक है। आज, ये सबसे बड़ा उत्पादक देश है जबकि दूसरे मिडिल ईस्ट देश फॉलो करते हैं। मिस्र आज से ही नहीं बल्कि हजारों सालों से खजूर का उत्पादक देश रहा है। आज के ग्लोबलाइजेशन के दौर में कोई भी खजूर खा सकता है, चाहे मौसम कोई सा भी हो।

खजूर को डेट्स क्यों कहा जाता है?
खजूर का रंग इंसानों के मीट के रंग जैसा दिखता है। इसका मूल शब्द "dakt" का अर्थ लैटिन में मतलब (उंगली) है। "daktylos" से ये "date" तक आ गया।
अलग-अलग संस्कृतियों में खजूर का महत्व
खजूर मिडिल ईस्ट के लोगों को काफी पसंद रहा है, क्योंकि ये उनकी समृद्ध परंपरा का हिस्सा रहा है। खजूर हमेशा लोकप्रिय रहे हैं, खासकर सऊदी अरब, ओमान, यूएई और अन्य देशों में। अरब इस्लामी सभ्यता के अंदर सुप्रीम पहचान और सम्मान खजूर को मिला हुआ है। सबसे अच्छे उदाहरणों में से एक यह है कि रमज़ान के महीने में खजूर से रोजा खोला जाता है।

खजूर और इस्लाम
पैगंबर मोहम्मद (Peace be upon him) ने मुसलमानों से खजूर खाने की अपील की थी। इसलिए, दुनिया भर के मुसलमान इस्लामिक कैलेंडर के 9वें महीने रमज़ान के महीने में रोज़ा तोड़ने के लिए खजूर यूज करते हैं।
कुरान में, खजूर और खजूर के बारें में बताया गया है। खजूर का फल पैदा करने वाले किसी भी दूसरे पौधे की तुलना में 22 गुना अधिक है। आप इसे अरबी में ताम्र, तुर्की में हुर्माह, उर्दू में खजूर, या इंडोनेशिया में बुआ कुरमा कह सकते हैं।
खजूर अरब वर्ल्ड की समृद्धि के प्रतीक के रूप में यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची (intangible heritage list) में लिस्टेड हैं। आज, मिडिल ईस्ट में लोग अभी भी अपने मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए ताज़ी खजूर सर्व करते हैं।
ईसाई धर्म में खजूर
यरुशलम में, ईसाइयों ने खजूर के पत्ते लिए हुए थे क्योंकि वे ईसा मसीह से मिलने के लिए निकले थे। बाइबिल में सेंट जॉन के गॉस्पेल के अनुसार है। ईसाई हमेशा अपने चर्चों को ताड़ के पत्तों से भी सजाते हैं। ये स्पेशली ईस्टर से पहले लास्ट संडे के दौरान होता है। आज के वक्त में ईसाई भी खजूर के साथ क्रिसमस मनाते हैं। अमेरिका में, खेसब, डेगलेट नूर, खुदरी, हलावी, अजवा, मेडजूल और सुक्करी खजूर की सबसे आम किस्में हैं।

मॉर्डन वर्ल्ड में खजूर
खजूर मिडिल ईस्ट देशों की विरासत और पहचान का हिस्सा रहा है।ये मुख्य पोषण स्रोतों में से एक है। इसे सूखे, ताजा, या रिजर्व और महीनों या सालों बाद भी खाया जाता है। संयुक्त अरब अमीरात में सबसे लोकप्रिय तारीखों में खुनैज़ी, डब्बास, बू मान, अल फराद, खलास और अल नेखबा खजूर शामिल हैं।
अमेरिका में हेल्थ को लेकर लोगों में अवेयरनेस बढ़ने के बाद खजूर की मांग बढ़ने लगी। वास्तव में, 2020-21 के मार्केट ईयर से पता चलता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने 70.8 मिलियन डॉलर मूल्य के साथ लगभग 53.1 मिलियन पाउंड की ताज़ी खजूर का आयात किया। पाकिस्तान, ट्यूनीशिया और इज़राइल जैसे देश इन खजूर आयात की जाती है।
खजूर को स्नैक्स के तौर पर या किसी भी तरह के सलाद में मिलाकर खाया जाता है। ये फल ओटमील, मफिन्स, स्मूदी के साथ बेस्ट कॉम्बिनेशन है।
some reference- fao.org



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