Sawan Kanwar Yatra: बिना रुके लगातार चलकर पूरी की जाती है डाक कांवड़, जानते हैं इस कठिन यात्रा के नियम

सावन के महीने में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। भगवान शिव के भक्तों के लिए यह एक धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा है। भगवान शिव के प्रिय माह में सावन में ही यह यात्रा निकलती है।

कांवड़ यात्रा में लाखों की संख्या में भक्त हिस्सा लेते हैं और भोलेनाथ के अभिषेक के लिए गंगाजल लेने जाते हैं। ये यात्रा प्रायः हरिद्वार, रिषिकेश, यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ जैसे स्थानों पर संपन्न होती है।

Sawan Kanwar yatra 2023: Dak Kanwar kya hota hai, know rules and significance

सावन के महीने में उत्तर भारत में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर लोगों में अलग ही जोश देखने को मिलता है। इसमें हर उम्र और तबके के शिव भक्त शामिल होते हैं। आपको बता दें कि कांवड़ कई तरह की होती हैं और इनमें सबसे अहम मानी जाती है डाक कांवड़ यात्रा। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि आखिर डाक कांवड़ क्या होती है और इसके क्या मुख्य नियम हैं।

सावन 2023 में जल कब चढ़ेगा?

साल 2023 में 15 जुलाई शनिवार को जल चढ़ेगा।
कांवड़ यात्रा 2023 कब से शुरू हो रही है?
इस साल 4 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है। कांवड़ यात्रा मंगलवार, 04 जुलाई 2023 को ही प्रारंभ हो रही है।

Sawan Kanwar yatra 2023: Dak Kanwar kya hota hai, know rules and significance

डाक कांवड़ क्या होती है?

डाक कांवड़ को सबसे कठिन कांवड़ यात्रा के प्रकार के रूप में माना जाता है। इसमें जो भक्त हिस्सा लेता है वो एक बार कांवड़ उठाने के बाद रुकता नहीं है। जी हां, इसमें यात्री को आराम करने की भी अनुमति नहीं होती है। वह लगातार चलता ही जाता है। वह कांवड़ को उठाने के बाद अपनी मंजिल पर पहुंचकर ही रुकता है। डाक कांवड़ यात्रा के शुरू होने के बाद एक निश्चित समय में शिव मंदिर पहुंच कर उसे जल अभिषेक करना होता है। डाक कांवड़ लंबी और कठिन होती है।

डाक कांवड़ में रुकना मना है

भक्त काफी सोच विचार कर ही डाक कांवड़ यात्रा पर जाते हैं। इसमें यात्रा को बीच में कहीं भी रोका नहीं जाता है। गंगाजल से भरे कांवड़ को जमीन पर रखने की मनाही होती है। इस यात्रा को आरंभ करने के बाद भक्त मल-मूत्र का त्याग भी नहीं करता है। डाक कांवड़ से जुड़े नियमों की अवहेलना करने से इस यात्रा को खंडित माना जाता है।

यही वजह है कि लोग समूहों में डाक कांवड़ के लिए निकलते हैं। कई लोग मोटरसाइकल का इस्तेमाल भी अपनी यात्रा के समय में करते हैं ताकि डाक कांवड़ यात्रा को समय पर पूरा किया जा सके।

Sawan Kanwar yatra 2023: Dak Kanwar kya hota hai, know rules and significance

डाक कांवड़ यात्रा के नियम क्या हैं?

सामान्य कांवड़ियों की तरह ही कांवड़ यात्रा में शामिल हो रहे लोगों को नियमों का पालन करना होता है। इसमें यात्री व्रत करता है और जो व्रत नहीं रख पाता है उसे सात्विक भोजन का सेवन करने की सलाह दी जाती है। यात्रा के समय किसी भी तरह के नशे का सेवन न करें। तामसिक भोजन से दूरी बनाकर रखें। स्वयं की स्वच्छता का ध्यान रखें। साथ ही मन में भी किसी भी प्रकार की गंदी भावना न लेकर आएं। खुद पर संयम रखना सीखें। यात्रा के समय भगवान शिव का ध्यान करें। बिना गंगा स्नान किये कांवड़ को हाथ न लगाएं।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, June 28, 2023, 19:00 [IST]
Desktop Bottom Promotion