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Pradosh Vrat 2025: सावन प्रदोष व्रत 2025: व्रत में किन चीजों का करें सेवन और किनसे करें परहेज़
Sawan Pradosh Vrat 2025 food list : हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है, विशेष रूप से जब यह सावन माह में आता है। सावन भगवान शिव को समर्पित महीना है और त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखने से शिवजी विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं। इस वर्ष सावन का अंतिम प्रदोष व्रत 6 अगस्त 2025, बुधवार को मनाया जाएगा, जिसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाएगा।
यह दिन शिवभक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इस व्रत को पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ करने से जीवन की अनेक बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

पंचांग के अनुसार तिथि
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 अगस्त 2025, दोपहर 2:08 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 अगस्त 2025, दोपहर 2:27 बजे
व्रत रखने की तिथि: 6 अगस्त 2025 (बुधवार)
प्रदोष व्रत में क्या खाएं?
प्रदोष व्रत के दिन खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दिन सात्विक आहार लेना चाहिए जिससे व्रत की पवित्रता बनी रहे और शिव कृपा प्राप्त हो सके। व्रतधारी इन चीजों का सेवन कर सकते हैं:
फल: केला, सेब, संतरा, पपीता जैसे मौसमी फल खा सकते हैं।
दुग्ध उत्पाद: दूध, दही, छाछ का सेवन करें।
व्रत अनाज: कुट्टू के आटे की पूरी, सिंघाड़े का आटा, समा के चावल से बनी खीर।
व्रत व्यंजन: साबूदाने की खिचड़ी, सिंघाड़े का हलवा, आलू की सब्जी (बिना प्याज-लहसुन के)।
अन्य: नारियल पानी, नींबू पानी, ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, किशमिश भी ले सकते हैं।
ध्यान रखें कि ये सभी चीजें सात्विक और व्रत अनुकूल हों। तली-भुनी चीजों से परहेज करना बेहतर होता है।
प्रदोष व्रत में क्या न खाएं?
प्रदोष व्रत के दौरान कुछ चीजों का सेवन वर्जित माना गया है। इन चीजों को खाने से व्रत खंडित हो सकता है और व्रती को शिव की नाराज़गी का सामना करना पड़ सकता है:
प्याज और लहसुन: ये तामसिक खाद्य पदार्थ हैं, व्रत में पूरी तरह निषिद्ध हैं।
मांस और शराब: मांसाहारी भोजन और नशे से संबंधित किसी भी वस्तु का सेवन वर्जित है।
गेहूं और चावल: प्रदोष व्रत में सामान्य अनाज जैसे गेहूं, चावल, मैदा आदि का सेवन व्रत को खंडित कर सकता है।
तामसिक और अधिक मिर्च-मसाले वाला खाना भी इस दिन न खाएं।
व्रत की विधि और पूजन
सावन का अंतिम प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने का विशेष अवसर है। इस दिन संयमित आहार और पवित्र आचरण का पालन कर व्रत रखने से शिव कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। इसलिए ध्यान रखें कि व्रत में क्या खाना है और किन चीजों से परहेज करना है, ताकि आपका व्रत सफल और फलदायक हो।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा, भस्म, फल और फूल अर्पित करें। व्रत का संकल्प लें और दिन भर शिव का जाप करें - "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप विशेष फलदायक होता है। शाम को मंदिर जाकर दीपक जलाएं और शिव जी की आरती करें।



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