Latest Updates
-
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
Sawan Shivratri 2025: दिल्ली-NCR के 5 प्राचीन शिव मंदिर, जहां माथा टेकने मात्र से भोलेनाथ सुन लेते हैं पुकार
Sawan Shivratri 2025: दिल्ली और उससे सटा एनसीआर (Delhi-NCR) सिर्फ राजनीति, इतिहास और मॉडर्न लाइफस्टाइल के लिए नहीं जाना जाता, बल्कि यहां ऐसे कई रहस्यमयी शिव मंदिर भी हैं। इन शिव मंदिरों के पीछे सदियों पुराने चमत्कार और कहानियां व रहस्य जुड़े हुए हैं। कुछ मंदिर तो इतने प्राचीन हैं कि उन्हें देख कर लगता है जैसे समय थम गया हो।
इन मंदिरों में आकर न केवल श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं, बल्कि इतिहास प्रेमियों को भी यहां कई अनसुने रहस्य जानने को मिलते हैं। आइए जानते हैं दिल्ली-एनसीआर के 5 ऐसे शिव मंदिर जो रहस्य, चमत्कार और आस्था के संगम हैं।
1. पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर (कश्मीरी गेट, दिल्ली)
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है इसका भूमिगत शिवलिंग। कहा जाता है कि जब दिल्ली पर हमला होता था, तो यह मंदिर अपने आप बंद हो जाता था और इसके कपाट कोई खोल नहीं पाता था। यहां हर शिवरात्रि पर बिना बुलाए हजारों श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं।

2. भुलेश्वर महादेव मंदिर (गुड़गांव, हरियाणा)
नाम के अनुरूप, यह मंदिर आधुनिक शहर की चहल-पहल से थोड़ा दूर है और यहां आकर लगता है जैसे किसी पुराने युग में प्रवेश कर गए हों। यहां के शिवलिंग को लेकर मान्यता है कि ये स्वयं प्रकट (स्वयंभू) हैं और चंद्रग्रहण की रात यहां विशेष ऊर्जा महसूस होती है।
3. दूधेश्वर नाथ मंदिर
गाजियाबाद में स्थित दूधेश्वर नाथ मंदिर को लेकर भी कई मान्यता है। एक प्रचलित मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग स्वयंभू है यानी यह किसी इंसान द्वारा स्थापित नहीं किया गया, बल्कि यह धरती से प्रकट हुआ। कहा जाता है कि हजारों वर्ष पहले एक गाय रोज इस स्थान पर दूध गिराया करती थी। एक दिन चरवाहे ने यह देखा और खुदाई करने पर वहां से शिवलिंग प्रकट हुआ तभी से इसे "दूधेश्वर" कहा जाने लगा। बता दें कि इस मंदिर में एक कुआं है जिसके बारे में कहा जाता है कि इसका पानी कभी दूध जैसा हो जाता है तो कभी मीठा पानी बन जाता है।

4. नीलकंठ महादेव मंदिर
यहां शिवलिंग के पास बैठकर ध्यान लगाने से भक्तों को गहरी शांति और समाधान की अनुभूति होती है। इस मंदिर में शिवलिंग की लंबाई 21 फीट है और दूर-दूर से लोग यहां दर्शन करने के लिए आते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में सच्चे दिल से मांगी हर मुराद पूरी होती है, विशेष रूप से स्वास्थ्य और पारिवारिक सुख के लिए।
5. गुफा वाले बाबा का शिव मंदिर (रकाबगंज रोड)
इस शिव मंदिर की गुफा पांडवों से जुड़ी मानी जाती है। यहां भक्त कहते हैं कि ध्यान के दौरान कई बार उन्हें दिव्य अनुभव होते हैं और शिव की उपस्थिति महसूस होती है। चमत्कारिक रूप से कई भक्तों को असाध्य रोगों से मुक्ति मिली है।



Click it and Unblock the Notifications