Shardiya Navratri Rules: नवरात्रि में जरूर रखें इन बातों का खास ख्याल, भूल से भी न करें ये काम

Shardiya Navratri Rules in Hindi: हिन्दू संस्कृति का सबसे ख़ास पर्व नवरात्रि आने को है। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि भी कहा जाता है, जिसके बाद विजयादशमी का पर्व भी मनाया जाता है। यह नौ दिन मां दुर्गा की अराधना और असीमित भक्ति से सराबोर होते हैं।

इस वर्ष 15 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रों की शुरुआत होगी और 24 अक्टूबर को दशहरा के साथ इसका अंत होगा। इन नवरात्रों में मां अम्बे की अराधना में अखंड जोत के साथ साथ व्रत और पूजा का नियम है। लेकिन अपने व्यवहार और कुछ कार्यों का ख़ास ख्याल भी रखना होता है, जिससे घर आई माता नाराज़ ना हो जाएं। जानते हैं इस शारदीय नवरात्रि क्या करें और क्या ना करें -

Shardiya navratri dos and donts rules: navratri me kya kare aur kya na kare

ना करें भूल कर भी ये चीज़ें

तामसिक भोजन का सेवन

नवरात्रि के नौ दिनों को सबसे पवित्र दिनों में से माना जाता है और विशेषकर उत्तर भारत में इन दिनों मांसाहारी भोजन खाने पर पाबंदी होती है। घर में रोज़ाना मां दुर्गा की पूजा के साथ इस बात का ख्याल रखें कि कोई भी तामसिक भोजन और शराब का सेवन ना करें।

चमड़े की वस्तुओं का इस्तेमाल

असली चमड़ा पशुओं की खाल से बनता है। ऐसे में नवरात्रि के दौरान इस बात का ख्याल रखें कि आप चमड़े की वस्तुओं का उपयोग ना करें। यह अशुद्ध होता है और इसके प्रयोग से घर में नकारात्मकता आ सकती है और देवी मां नाराज़ हो सकती हैं।

Shardiya navratri dos and donts rules: navratri me kya kare aur kya na kare

भोजन की बर्बादी से बचें

किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में हमारी यह अदात होती है कि हम ज़रूरत से ज्यादा खाना बना लेते हैं। लेकिन नवरात्रों में इस बात का ख्याल रखें कि भोजन की बर्बादी ना हो। अगर भोजन अधिक है तो उसको ताज़ा स्थिति में ही किसी ज़रूरतमंद या गौ माता को खिला दें।

नाख़ून व बाल ना काटें

हिन्दू धार्मिक मान्यता अनुसार किसी भी व्रत में नाख़ून या बाल नहीं काटे जाने चाहिए। नवरात्रि भी नौ दिनों का व्रत पर्व होता है, ऐसे में इस समयावधि के दौरान भी बाल व नाख़ून काटने से बचें।

नवरात्रि में ज़रूर करें ये काम

Shardiya navratri dos and donts rules: navratri me kya kare aur kya na kare

नियमित स्नान

नवरात्रि के नौ शुद्धता के प्रतीक होते हैं। ऐसे में इस अवधि के दौरान घर की स्वच्छता के साथ साथ शारीरिक स्वछता का भी ख़ास ख्याल रखें। रोज़ाना सुबह सुबह स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करके ही मां की पूजा करें और उनका ध्यान लगायें।

क्रोध पर करें नियंत्रण

नवरात्रि के पवित्र नौ दिनों के दौरान व्यक्ति को अपने व्यवहार और इन्द्रियों पर भी नियंत्रण रखना चाहिए। इस दौरान क्रोध, लोभ, ईर्ष्या, मोह, काम, झूठ जैसे व्यवहार से दूर रहना चाहिए और ऐसे ख्याल मन में भी नहीं लाने चाहिए।

पूजा के नियमों का करें पालन

नवरात्री के सभी नौ दिन मां दुर्गा की पूजा के नियमों का सही से पालन करें। यदि अखंड जोत जला रहें हैं तो नौ दिन में कभी भी घर को खाली ना छोड़कर जाएँ। इसके साथ ही सुबह शाम सच्ची श्रद्धा से मां की विधिवत पूजा करें।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, October 10, 2023, 20:00 [IST]
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