एक जैन गुरु का बार बार जेल जाना

Jail
एक जैन गुरु छोटी चोरियों के लिए कई बार गिरफ्तार हुए और जेल गए। उनकी चोरी की आदत नियमित हो गई थी और वे कभी जेल के अन्दर और कभी बाहर रहते। जज भी इस बारे में चिंतित थे क्योंकि जब भी वो अपनी छोटी- छोटी चोरी के लिए पकड़े गए उन्होंने हर बार अपना अपराध कबूल किया।

गुरु के पड़ोसी भी हैरान थे कि उन्हें छोटी छोटी चोरी क्यूँ करनी पड़ती है जिससे वे जेल जाते हैं। एक दिन पड़ोसियों ने गुरु से संपर्क किया और कहा कि आपको चोरी कि आदत से दूर रहना होगा। बाकि आपकी सभी आवश्यकताओं का ध्यान हम रखेंगे|

जैन गुरु ने कहा कि उन्होंने कई बार चोरी कि क्यूँकि वे कैदियों के बारे में अधिक चिंतित थे और उन्होंने महसूस किया कि जेल में कैद लोगों को मार्गदर्शन की जरूरत है। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि जेल में जो लोग हैं वे अपने गुरु कि मदद से दूर है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि वे कैदी जिनका मन सुंदर और मासूम आत्मा है और बिलकुल निर्दोष हैं उनके लाभ के लिए वे अपनी चोरी कि आदत को जारी रखेंगे।

Story first published: Friday, August 31, 2012, 16:37 [IST]
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